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when nephew equaled uncle achievement: पाकिस्तान क्रिकेट में ‘पर्ची प्लेयर’ (भाई-भतीजावाद) के तंज झेलने वाले इमाम-उल-हक ने कई बार अपने बल्ले से आलोचकों को करारा जवाब दिया. इमाम ने 2022 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ रावलपिंडी टेस्ट की दोनों पारियों में 157 और नाबाद 111 रन बनाकर इतिहास रचा था. साथ ही उन्होंने अपने चाचा इंजमाम-उल-हक के 17 साल पुराने रिकॉर्ड की बराबरी की थी, जिन्होंने 2005 में इंग्लैंड के खिलाफ दोनों पारियों में शतक (109 और नाबाद 100) जड़े थे.
भतीजे ने चाचा के रिकॉर्ड की बराबरी की.
नई दिल्ली. पाकिस्तान क्रिकेट के इतिहास में ‘हक’ परिवार का नाम हमेशा से सम्मान और चर्चा के केंद्र में रहा है. एक ओर जहां इंजमाम-उल-हक को दुनिया के महानतम बल्लेबाजों और कप्तानों में गिना जाता है, वहीं उनके भतीजे इमाम-उल-हक को करियर की शुरुआत से ही एक कठिन मानसिक युद्ध लड़ना पड़ा है. इमाम ने कई बार अपने बल्ले से शानदार पारी खेलकर अपने आलोचकों को खामोश किया. वह एक टेस्ट की दोनों पारियों में शतक जड़ने वाले बल्लेबाज हैं. उनके चाचा इंजमाम भी ये कारनामा कर चुके हैं. चाचा और भतीजा यह उपलब्धि हासिल करने वाले उन चुनिंदा खिलाड़ियों में शुमार हैं जिसके लिए प्लेयर्स सपने देखते हैं. बावजूद इसके इमाम को क्रिकेट जगत में ‘पर्ची प्लेयर’के नाम से जाना जाता है.
इंजमाम उल हक (Inzmam ul hqa) ने 17 साल पहले साल 2005 में इस उपलब्धि को हासिल किया था. इंग्लैंड की टीम पाकिस्तान के दौरे पर थी और फैसलाबाद टेस्ट मैच चल रहा था. इंजमाम-उल-हक (Imam ul haq) अपने करियर के शिखर पर थे. उन्होंने उस मैच में इंग्लैंड के गेंदबाजों की धज्जियां उड़ाते हुए पहली पारी में 109 रन बनाए. लेकिन इंजमाम यहीं नहीं रुके. दूसरी पारी में भी उनका बल्ला आग उगलता रहा और उन्होंने नाबाद 100 रन जड़कर इतिहास रच दिया. एक ही टेस्ट की दोनों पारियों में शतक लगाना किसी भी बल्लेबाज के लिए एक सपना होता है, और इंजमाम ने इसे हकीकत में बदला था.
भतीजे ने चाचा के रिकॉर्ड की बराबरी की.
17 साल बाद दोहराया गया इतिहास
इंजमाम उल हक के इस रिकॉर्ड के ठीक 17 साल बाद, 2022 में ऑस्ट्रेलिया की टीम पाकिस्तान पहुंची. रावलपिंडी का मैदान था और क्रीज पर थे इमाम-उल-हक. उन पर दबाव काफी ज्यादा था, क्योंकि उनके प्रदर्शन पर हमेशा सवाल उठाए जा रहे थे. लेकिन इमाम ने इस मैच को यादगार बना दिया. पहली पारी में उन्होंने धैर्य का परिचय देते हुए 157 रनों की विशाल पारी खेली. इसके बाद दूसरी पारी में भी उनका एकाग्रता का स्तर कम नहीं हुआ और उन्होंने नाबाद 111 रन बनाकर अपने चाचा के उस पुराने रिकॉर्ड की बराबरी कर ली. इसके साथ ही इंजमाम और इमाम टेस्ट इतिहास की ऐसी दुर्लभ जोड़ी बन गए, जहां चाचा और भतीजे दोनों ने एक ही टेस्ट की दोनों पारियों में शतक लगाने का गौरव हासिल किया.
‘पर्ची’ प्लेयर का टैग और संघर्ष
इमाम-उल-हक की यह उपलब्धि इसलिए भी खास है क्योंकि उन्हें पाकिस्तान क्रिकेट में अक्सर ‘पर्ची प्लेयर’ (भाई-भतीजावाद ) कहकर बुलाया जाता है. आलोचकों का तर्क रहा है कि इमाम को टीम में जगह उनके टैलेंट की वजह से नहीं, बल्कि इंजमाम-उल-हक के रसूख की वजह से मिली है. मैदान पर जब भी इमाम फ्लॉप होते हैं, स्टेडियम से ‘पर्ची-पर्ची’ के नारे गूंजने लगते हैं. इमाम ने एक इंटरव्यू में स्वीकार किया था कि इस टैग ने उन्हें मानसिक रूप से काफी प्रभावित किया. हालांकि, रावलपिंडी में ऑस्ट्रेलिया जैसी मजबूत टीम के खिलाफ दोहरे शतक (दोनों पारियों को मिलाकर) जड़ना उनके कौशल का सबसे बड़ा प्रमाण था. यह रिकॉर्ड साबित करता है कि विरासत भले ही उन्हें परिवार से मिली हो, लेकिन मैदान पर रन बनाने का हुनर उनका अपना है.
चाचा पर भारी इमाम उल हक
इमाम उल हक वैसे तो इंजमाम उल हक के आसपास भी नहीं हैं लेकिन उनकी एक ऐसी उपलब्धि है जो चाचा के नाम पर नहीं है. इमाम 2017 में वनडे डेब्यू में श्रीलंका के खिलाफ अबूधाबी में शतक (100 रन) बना चुके हैं जबकि इंजमाम ऐसा करने में नाकाम रहे थे. ‘इंजी’ नवंबर 1991 में वेस्टइंडीज के खिलाफ वनडे डेब्यू करते हुए 20 रन पर आउट हुए थे. इंजमाम ने 120 टेस्ट में 49.60 के औसत से 8830 (25 शतक)और 378 वनडे में 39.52 के औसत से 11739 रन (10 शतक) बनाए हैं जबकि इमाम के नाम अब तक 26 टेस्ट में 36.67 के औसत से 1687 (तीन शतक) और 75 वनडे में 47.04 के औसत से 3152 रन (9 शतक) हैं (रिकॉर्ड 18 फरवरी 2026 तक के).
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करीब 15 साल से पत्रकारिता में सक्रिय. दिल्ली यूनिवर्सिटी से पढ़ाई. खेलों में खासकर क्रिकेट, बैडमिंटन, बॉक्सिंग और कुश्ती में दिलचस्पी. IPL, कॉमनवेल्थ गेम्स और प्रो रेसलिंग लीग इवेंट्स कवर किए हैं. फरवरी 2022 से…और पढ़ें