नर्मदापुरम में दहेज की मांग ने एक युवती की जिंदगी भर का दर्द बन गया। 3 लाख रुपए नगद और बाइक नहीं देने पर दूल्हा और उसका पिता शादी तोड़कर बिना दुल्हन के ही बारात वापस ले गए। घटना के छह दिन बाद कोतवाली पुलिस ने दूल्हे और उसके पिता के खिलाफ दहेज प्रतिषेध अधिनियम की धारा 3 और 4 के तहत केस दर्ज किया है। शादी टूटने के बाद से युवती मानसिक तनाव में है। एफआईआर दर्ज होने के बाद बुधवार को पीड़िता हाथों और पैरों में लगी मेहंदी के साथ कोतवाली थाने पहुंची। उसने एसआई दीपिका लोखंडे के सामने अपने बयान दर्ज कराए। बयान देते समय युवती भावुक हो गई और उसकी आंखों से आंसू छलक पड़े। एमए पास, परिवार की बड़ी बेटी है पीड़िता पीड़िता ने अपनी शिकायत में बताया कि वह नर्मदापुरम की रहने वाली है और एमए तक पढ़ी-लिखी है। वह अपने भाई-बहनों में सबसे बड़ी है। उसकी शादी भोपाल के गौतम नगर निवासी मनीष डोडिया उर्फ टिकू से तय हुई थी। पीड़िता के अनुसार, 30 जनवरी 2026 को शादी तय हुई थी। 2 फरवरी को मनीष ने फोन कर शादी के इंतजामों की जानकारी ली। परिवार ने साफ कह दिया था कि वे अपनी क्षमता अनुसार ही विवाह कर पाएंगे। इसके बावजूद 6 फरवरी को मनीष के पिता देवनारायण डोडिया पीड़िता के घर पहुंचे और शादी धूमधाम से करने का दबाव बनाया। उन्होंने कहा कि ऐसा नहीं हुआ तो शादी नहीं करेंगे। मजबूरी में उधार लेकर की गईं तैयारियां शादी की पत्रिकाएं बंट चुकी थीं, इसलिए मजबूरी में पीड़िता के परिवार ने रिश्तेदारों से पैसे उधार लेकर साहू धर्मशाला बुक की, गृहस्थी का सामान खरीदा और दूल्हे के लिए सोने की चेन व अंगूठी भी ली। 12 फरवरी को बारात साहू धर्मशाला पहुंची। दोपहर में सगाई हुई, जिसमें दूल्हे को सोने की अंगूठी और 5100 रुपए नगद दिए गए। शाम को बारात के दौरान सोने की चेन भी दी गई। लेकिन वरमाला के बाद दूल्हा मनीष और उसके पिता देवनारायण ने दहेज में 3 लाख रुपए नगद और बाइक की मांग रख दी। फेरे से इनकार, बिना शादी लौट गई बारात पीड़िता के भाई, मां और रिश्तेदारों ने समझाने की कोशिश की कि मेहमान मौजूद हैं और इतनी जल्दी रकम व बाइक की व्यवस्था संभव नहीं है। इसके बावजूद दूल्हा और उसके पिता नहीं माने। उन्होंने दी गई सोने की चेन और अंगूठी वापस की और बिना शादी किए बारात लेकर लौट गए। मामले में एसडीओपी जितेंद्र पाठक ने बताया कि शिकायत के आधार पर दूल्हा मनीष डोडिया और उसके पिता देवनारायण डोडिया के खिलाफ दहेज प्रतिषेध अधिनियम की धारा 3 और 4 के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। मामले की जांच जारी है। शादी टूटने के बाद से युवती गहरे मानसिक तनाव में है। उसका कहना है कि दहेज की लालच ने उसकी जिंदगी का सबसे बड़ा सपना तोड़ दिया। अब वह न्याय की उम्मीद में पुलिस और कानून की ओर देख रही है।
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