बच्चे ने सेक्स करते देखा तो बॉयफ्रेंड ने की हत्या: सबूत छिपाने प्रेमिका और उसकी बेटियों को भी मारा; फांसी की सजा से कैसे छूटा – Madhya Pradesh News

बच्चे ने सेक्स करते देखा तो बॉयफ्रेंड ने की हत्या:  सबूत छिपाने प्रेमिका और उसकी बेटियों को भी मारा; फांसी की सजा से कैसे छूटा – Madhya Pradesh News




क्राइम फाइल्स पार्ट-1 में आपने पढ़ा कि 14 मई 2016 की सुबह भिंड के वीरेंद्र नगर में रहने वाले रामबाबू शुक्ला के घर में एक ही रात में पांच लोगों की बेरहमी से हत्या कर दी गई थी। घर में उनकी बहू रीना, उसकी बेटियां छवि और अंबिका, रीना की भांजी महिमा और देवर गोलू मृत मिले। चार लोगों के गले काटे गए थे, जबकि गोलू के हाथ-पैर बंधे थे और उसके मुंह में कपड़ा ठूंसा गया था। घर के फर्श पर खून फैला हुआ था और बाहर से ताला लगा था, जिससे साफ था कि हत्यारा वारदात के बाद घर बंद कर भागा। जांच में सामने आया कि घर से कोई कीमती सामान गायब नहीं था, यानी हत्या लूट के लिए नहीं की गई थी। जांच के दौरान एक अहम किरदार सामने आया-किराएदार रोली भदौरिया, जो घटनास्थल पर नहीं थी। रोली ने बताया कि उसके बच्चों को ट्यूशन पढ़ाने एक टीचर घर आता था और विधवा रीना की दोस्ती उसी ट्यूशन टीचर से हो गई थी। अब पुलिस की जांच की सुई इसी ट्यूशन टीचर की ओर घूम चुकी थी। पुलिस के सामने सवाल अब भी बरकरार था-क्या ट्यूशन टीचर ने ही पांचों लोगों की निर्मम तरीके से हत्या की? अगर हां, तो उसने इतना खौफनाक कदम क्यों उठाया? या फिर किसी और ने इस पूरी वारदात को अंजाम दिया? क्या पुलिस असली कातिल तक पहुंच पाएगी? पढ़िए क्राइम फाइल पार्ट-2 में… एक सुराग, गिरफ्तारी और चौंकाने वाला कबूलनामा
किराएदार रोली भदौरिया का बयान पुलिस के लिए एक मील का पत्थर साबित हुआ। ट्यूशन टीचर के रूप में मिले इस सुराग पर काम करते हुए पुलिस ने घटना के 24 घंटे के अंदर ही भिंड के गोविंद नगर में रहने वाले 29 साल के टीचर अंकुर उर्फ नितेश दीक्षित को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार, अंकुर से जब सख्ती से पूछताछ की गई, तो उसने जो कहानी बयां की, वह प्रेम, वासना और बर्बरता की एक ऐसी खौफनाक दास्तां थी, जिसे सुनकर जांच अधिकारी भी सन्न रह गए। पुलिस के सामने अंकुर ने खोला हर राज
अंकुर ने बताया कि वह रीना शुक्ला के घर में किराएदार रोली के बच्चों को ट्यूशन पढ़ाता था। इसी दौरान उसका रीना के घर आना-जाना शुरू हुआ। पति की मौत के बाद अकेलेपन की शिकार रीना को अंकुर का साथ अच्छा लगने लगा। दोनों की दोस्ती जल्द ही अवैध संबंधों में बदल गई। वे फोन पर घंटों बातें करते, लेकिन समाज के डर से उन्होंने अपना रिश्ता सबसे छिपाकर रखा। 13-14 मई 2016 की उस काली रात को अंकुर, रीना से मिलने उसके घर पहुंचा। उसने पहले ही रीना को नींद की गोलियां (अल्फाजोलम) दे दी थीं, जो रीना ने अपनी दोनों बेटियों और भांजी को खिला दी थीं। जब बच्चे गहरी नींद में सो गए, तो रीना ने अंकुर को घर के अंदर बुला लिया। दोनों आपत्तिजनक स्थिति में थे, तभी किसी आवाज से रीना का देवर गोलू जाग गया। उसने अंकुर और रीना को एक साथ देख लिया। यह देखते ही दोनों के होश उड़ गए। उन्हें डर था कि गोलू उनका राज सबको बता देगा। आवाज सुनकर बेटियां भी जाग गईं लेकिन यह खूनी खेल यहीं खत्म नहीं हुआ। इस छीना-झपटी की आहट से रीना की बेटियां और भांजी जाग गईं। अपने अपराध के गवाहों को जिंदा देखकर अंकुर हैवान बन चुका था। उसने एक-एक कर महिमा, अंबिका और छवि की भी गला रेतकर हत्या कर दी। अब उस घर में सिर्फ दो लोग जिंदा थे-अंकुर और रीना। पुलिस के मुताबिक, अंकुर को डर सताने लगा कि इस पूरे हत्याकांड की अकेली चश्मदीद गवाह रीना है, जो बाद में पलट सकती है। सारे सबूत मिटाने के इरादे से उसने अपनी प्रेमिका रीना को भी मौत के घाट उतार दिया। लोअर कोर्ट ने सुनाई फांसी की सजा
अंकुर की निशानदेही पर पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल चाकू बरामद कर लिया। रीना और अंकुर की कॉल डिटेल ने उनके गहरे संबंधों की पुष्टि की। सबसे बड़ा सबूत बनी DNA रिपोर्ट, जिसमें रीना के शरीर से मिले सीमन का मिलान अंकुर के DNA से हो गया। हालांकि, इस केस में कोई चश्मदीद गवाह नहीं था। यह पूरी तरह से परिस्थितिजन्य साक्ष्यों पर आधारित था। इन्हीं सबूतों की मजबूत कड़ी को आधार मानते हुए भिंड जिला कोर्ट ने 19 मार्च 2019 को अंकुर दीक्षित को पांच हत्याओं का दोषी ठहराया और फांसी की सजा सुनाई। 6 महीने बाद ही हाईकोर्ट ने लोअर कोर्ट का फैसला बदला
जब सबको लगा कि न्याय हो चुका है, तभी इस कहानी में एक ऐसा मोड़ आया जिसने पूरे केस को पलटकर रख दिया। अंकुर ने फांसी की सजा के खिलाफ ग्वालियर हाईकोर्ट में अपील की। हाईकोर्ट ने जब मामले की पड़ताल की, तो अभियोजन पक्ष की कहानी और पुलिस की जांच में कई गंभीर खामियां और झोल सामने आए। हाईकोर्ट ने इन तर्कों पर फैसला पलटा आज आठ साल बाद भी भिंड के वीरेंद्र नगर का वह घर उस खूनी रात की खामोश गवाही दे रहा है। अंकुर दीक्षित आजाद है, लेकिन एक सवाल आज भी जिंदा है-अगर कातिल वो नहीं, तो पांच बेगुनाहों का गुनहगार कौन है? यह एक ऐसा रहस्य है, जो शायद हमेशा के लिए क्राइम फाइल के पन्नों में ही दफन रहेगा। मध्य प्रदेश क्राइम फाइल्स का पार्ट-1 भी पढ़ें… ट्यूशन टीचर से प्यार और फिर 5 मर्डर की मिस्ट्री मध्य प्रदेश क्राइम फाइल्स में आज बात एक ऐसे सनसनीखेज मर्डर केस की जिसमें एक ही परिवार के पांच लोगों को मौत के घाट उतार दिया गया था। ये मामला भिंड जिले का था। पुलिस को वीरेंद्र नगर में रहने वाले रामबाबू के घर से पांच लाशें मिली थीं। जिसने भी घर के भीतर का नजारा देखा उसका दिल दहल गया था। पढ़ें पूरी खबर…



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