MP Budget 2026 पर घमासान, कमलनाथ बोले- जनता से विश्वासघात, पिछले बजट में…

MP Budget 2026 पर घमासान, कमलनाथ बोले- जनता से विश्वासघात, पिछले बजट में…


रिपोर्ट- शैलेंद्र सिंह/वासु चौरे, भोपाल. मध्य प्रदेश का वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए बजट पेश हो चुका है. राज्य के वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने आज (बुधवार) विधानसभा में बजट पेश किया. बीजेपी नेता जहां बजट को ऐतिहासिक बता रहे हैं, तो वहीं विपक्ष के नेता इसे जनता के साथ विश्वासघात करार दे रहे हैं. राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कमलनाथ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, ‘मध्य प्रदेश सरकार का आज का बजट जनता से विश्वासघात वाला बजट है. वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने आज जो बजट पेश किया है, उसमें सिर्फ बातों के बताशे बनाए गए हैं और जनहित का मुद्दा पूरी तरह सफाचट है.’

उन्होंने आगे लिखा, ‘नवंबर 2023 में हुए विधानसभा चुनाव से पहले भारतीय जनता पार्टी ने मध्य प्रदेश की जनता और मतदाताओं से जो प्रमुख वादे किए थे, वह सारे वादे ढाई साल बाद भी वित्त मंत्री के बजट भाषण से गायब दिखाई दिए. प्रदेश के किसानों, नारी शक्ति, नौजवानों और सभी वर्गों से किए गए चुनावी वादों को बजट में कोई स्थान नहीं दिया गया. विधानसभा चुनाव से पहले भारतीय जनता पार्टी ने मध्य प्रदेश की जनता से जो चार प्रमुख वादे किए थे, वह इस प्रकार हैं: किसानों को धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य 3100 रुपया प्रति क्विंटल. किसानों को गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2700 रुपया प्रति क्विंटल. लाडली बहन योजना में महिलाओं को प्रति महीने 3 हजार रुपये और घरेलू गैस सिलेंडर 450 रुपये में.’

जनता से विश्वासघात करने वाली सरकार
पूर्व सीएम ने लिखा, ‘भारतीय जनता पार्टी ने अपनी इन चारों घोषणाओं को बजट में कोई स्थान नहीं दिया और स्पष्ट कर दिया है कि यह सरकार जनविरोधी है, जनता से विश्वासघात करने वाली है और वादा-खिलाफी इसका स्वभाव है. इस बजट से मध्य प्रदेश की जनता को भारी निराशा हुई है. इसके अलावा वित्त मंत्री ने यह भी स्पष्ट नहीं किया कि पिछले बजट में जो घोषणाएं की गई थीं, उनको पूरा क्यों नहीं किया गया.’

केंद्र सरकार ने नहीं किया भुगतान
कमलनाथ ने आगे लिखा, ‘वित्त मंत्री ने यह भी नहीं बताया कि आखिर केंद्र सरकार से अगले पांच साल में मिलने वाले करों की हिस्सेदारी में 50 हजार करोड़ रुपये की कमी पर सरकार की क्या रणनीति है. इसके अलावा केंद्र और राज्य के सहयोग से चलने वाली योजनाओं में चालू वित्त वर्ष में मध्य प्रदेश को केंद्र सरकार की ओर से कई हजार करोड़ की राशि का भुगतान नहीं किया गया. इन विभिन्न पहलुओं को देखते हुए साफ समझ में आता है कि मध्य प्रदेश की भाजपा सरकार प्रदेश की जनता के हित को ध्यान में नहीं रख रही है और केंद्र सरकार की कठपुतली के रूप में प्रदेश की जनता के हित को केंद्र के हाथों में गिरवी रख दिया है.’

जनता के साथ छलावा है बजट
मध्य प्रदेश सरकार के बजट के बाद नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने न्यूज 18 से खास बातचीत की. उन्होंने बजट को जनता के साथ छलावा बताया. उमंग सिंघार ने कहा कि युवाओं, महिलाओं और बेरोजगारों के लिए इस बजट में कुछ भी नहीं है. सरकार ने घाटे का बजट पेश करने का काम किया है. जनता महंगाई से परेशान है. कांग्रेस इस बजट की हकीकत जनता के सामने रखेगी. विधायक और संगठन के माध्यम से हम लोग एक रिपोर्ट बनाकर जनता के बीच लेकर जाएंगे. मध्य प्रदेश की वित्तीय स्थिति खराब है. वहीं अन्य कांग्रेस विधायकों ने भी बजट का विरोध किया. कांग्रेस एमएलए दिनेश जैन ने कहा कि सरकार ने जनता के हितों को ध्यान में नहीं रखा. कांग्रेस विधायक सोहन वाल्मीकि ने कहा कि बीजेपी सरकार जनता के साथ छलावा करने का काम कर रही है.

विधायक निधि नहीं बढ़ाने पर कांग्रेस विधायकों का हंगामा
विधानसभा में बजट के दौरान कांग्रेस विधायकों ने विधायक निधि में बढ़ोतरी नहीं किए जाने के चलते हंगामा किया. विपक्षी नेताओं ने बजट भाषण पर सवाल उठाए. विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने कांग्रेस विधायकों को शांत होकर अपनी सीट पर बैठने के निर्देश दिए. कांग्रेस विधायक मोहन यादव सरकार पर कर्ज के विरोध में खाली डिब्बे और गुल्लक लेकर विधानसभा पहुंचे थे. कांग्रेस नेताओं के हाथों में तख्तियां थीं, जिनपर लिखा था कि कर्ज बजट से ज्यादा है, फिर आप कहते हैं कि सब ठीक है. उन्होंने कहा कि राज्य का कर्ज लगातार बढ़ता जा रहा है और सरकार बजट में इस तरह घोषणाएं कर रही है.

देश का पहला रोलिंग बजट
वहीं बजट पेश होने के बाद मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि यह देश का पहला रोलिंग बजट है. दो साल का खाका खींचा गया है. 2026–27 के लिए 4 लाख 38 हजार 317 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है. यह साल कृषि को समर्पित किया गया है. किसान कल्याण के लिए 1 लाख 15 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा राशि का प्रावधान किया गया है. हमारा राज्य 30 फीसदी ग्रोथ से आगे बढ़ रहा है. पूंजीगत व्यय में प्रबंधन किया गया है. मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी योजना को बंद नहीं कर रहे हैं. 2027 तक लाडली बहना की राशि बढ़ाएंगे. जो वादा किया है, उसे हम निभाएंगे. एक रुपये का भी टैक्स नहीं बढ़ाया गया है. जब से हमारी सरकार बनी है, तब से कोई टैक्स नहीं बढ़ाया गया है. कर को लेकर बेहतर प्रबंधन किया गया है. रोजगार के लिए कई प्रावधान किए गए हैं. देश में सबसे ज्यादा पर्यटक एमपी में आए हैं. आने वाले समय में यह संख्या और बढ़ेगी.

मध्य प्रदेश के विकास का रोडमैप
खाद्य नागरिक आपूर्ति मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने इसे जनता का बजट बताया. उन्होंने कहा कि मोहन यादव सरकार ने बजट में हर वर्ग का खास ख्याल रखा है. इस बजट से विकास कार्यों को गति मिलेगी. ऊर्जा मंत्री प्रदुम्न सिंह तोमर ने कहा कि यह बजट हर वर्ग के हित में है. मध्य प्रदेश के विकास का रोडमैप है. किसानों, आम नागरिकों, महिलाओं, विद्युत उपभोक्ताओं और युवाओं सभी का ध्यान रखा गया है. कृषि मंत्री एंदल सिंह कंसाना ने कहा कि बजट में कृषि के क्षेत्र में अभूतपूर्व प्रावधान किए गए हैं. यह साल कृषि को समर्पित है और किसान भाइयों के विकास के लिए मोहन यादव सरकार प्रतिबद्ध है.

विकसित प्रदेश का विजन
वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने बजट के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस की. इस दौरान उन्होंने कहा कि सबकी भावनाओं का सम्मान रखते हुए विकसित प्रदेश का विजन तैयार किया गया है. जनता का बजट जनता के लिए पेश किया गया है. किसानों को उत्पादन का मूल्य ठीक मिले, इसका ध्यान दिया गया है. चार आधार- किसान, गरीब, युवा और महिलाओं को विशेष ध्यान में रखकर बजट तैयार किया गया है. आने वाले वर्षों में कैसे विकास हो, उसका ध्यान रखा है. 2047 के विजन के साथ बजट तैयार किया है. 2026–27 के लिए 4 लाख 38 हजार 317 करोड़ के बजट का प्रावधान रखा गया है.



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