खरगोन मेले के अंतिम गुरुवार को नगर देवता नवग्रह महाराज की पालकी यात्रा निकाली गई। दोपहर 3:30 बजे मंदिर से शुरू होकर पालकी मेला स्थल पहुंची। व्यापारी संघ के प्रतिनिधि हरीश गोस्वामी और गणेश वर्मा ने मेला प्रवेश द्वार पर पालकी का पूजन किया। नवग्रह महाराज को गुड़ की जलेबी का भोग लगाया गया। इसके बाद पालकी ने पूरे मेले का भ्रमण किया। व्यापारियों ने दर्शन-पूजन कर पालकी को कंधा दिया, जिससे पूरा क्षेत्र नवग्रह महाराज के जयघोष से गूंज उठा। इस महाआरती में नगर पालिका अध्यक्ष छाया जोशी, आशुतोष अग्रवाल, सीएमओ कमला कौल, नवनीतलाल भंडारी, मनोज वर्मा सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। नवग्रह मंदिर के पुजारी पं. लोकेश जागीरदार ने बताया कि मेले के अंतिम सप्ताह में आने वाले गुरुवार हाट में नवग्रह महाराज मेला भ्रमण करते हैं। श्रद्धालु दर्शन कर स्वास्थ्य और समृद्धि की कामना करते हैं। नवग्रह महाराज की पालकी यात्रा की यह परंपरा वर्ष 1887 से चली आ रही है। पहले यह मेला मार्गशीर्ष पूर्णिमा से पौष पूर्णिमा तक लगता था। अब नगर पालिका अंग्रेजी कैलेंडर के अनुसार मेले की तारीखें तय करती है। मेला समापन से पहले आने वाले गुरुवार के साप्ताहिक हाट के दिन पालकी यात्रा निकालकर मेले की समाप्ति की घोषणा की जाती है।
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