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राजू काले बताते है कि उनके बेटे ने ग्रेजुएशन कंप्लीट करने के बाद अब उनके व्यवसाय में मदद करना शुरू कर दिया है. इससे उन्हें राहत मिलती है और वे पांच लोगों को रोजगार दे रहे है. हर साल वे ₹4 से ₹5 लाख की कमाई कर लेते है. पहले वे यहां पर समोसा, कचोरी, भजिए, आलू बड़ा, बेल मिसल और सभी प्रकार के नाश्ते के आइटम बेचते थे.
मध्य प्रदेश के बुरहानपुर जिले के महाजनापेठ क्षेत्र में रहने वाले राजू कुवादे एक प्रेरणादायक शख्सियत है. उन्होंने कक्षा तीसरी तक ही पढ़ाई की है. ज्यादा पढ़े-लिखे नहीं होने के कारण उन्होंने 15 साल की उम्र में ही होटल में काम करना शुरू कर दिया था. होटल में काम करते हुए उन्होंने सभी हुनर सीख लिए और ₹20000 का लोन लेकर अपना होटल शुरू कर दिया. राजेश ठाकुर ने उन्हें होटल खोलने के लिए जमीन दी थी. आज वह जिला अस्पताल के पास ‘आरटी मिडवे’ नाम से एक होटल चला रहे है. राजू का कहना है कि राजेश ठाकुर की मदद से उन्होंने होटल की शुरुआत की और आज वह पांच लोगों को रोजगार दे रहे है और हर साल ₹3 से ₹4 लाख की कमाई कर रहे है.
लोकल 18 की टीम ने जब राजू काले से बात की तो उन्होंने बताया कि वह पहले होटल में काम करते थे. 15 साल तक उन्होंने होटल में काम किया. समाजसेवी राजेश ठाकुर ने उन्हें होटल चलाने के लिए जगह दी, जहां उन्होंने ₹20000 का लोन लेकर होटल की शुरुआत की. आज वे 10 सालों से होटल चला रहे हैं और पांच लोगों को रोजगार दे रहे हैं. उनके काम में उनका बेटा भी हाथ बंटाता है, जिससे उन्हें और मदद मिलती है. पहले जब वह दूसरों के होटल में काम करते थे, तब उन्होंने बड़े सपने देखे थे, और आज वे उन सपनों को साकार कर रहे हैं.
बेटा भी करता है सहयोग
राजू काले बताते है कि उनके बेटे ने ग्रेजुएशन कंप्लीट करने के बाद अब उनके व्यवसाय में मदद करना शुरू कर दिया है. इससे उन्हें राहत मिलती है और वे पांच लोगों को रोजगार दे रहे है. हर साल वे ₹4 से ₹5 लाख की कमाई कर लेते है. पहले वे यहां पर समोसा, कचोरी, भजिए, आलू बड़ा, बेल मिसल और सभी प्रकार के नाश्ते के आइटम बेचते थे.