Suryakumar Yadav changed history: इन दिनों टी20 विश्व कप 2026 की धूम है. टीम इंडिया सूर्यकुमार यादव की कप्तानी में यह मेगा टूर्नामेंट खेलने उतरी है. यह पहली बार है जब सूर्या टी20 विश्व कप में कप्तानी कर रहे हैं. उन्होंने बतौर कप्तान एक ऐसा फैसला लिया है, जिसने टी20 विश्व कप में टीम इंडिया का इतिहास बदलकर रख दिया. पिछले कई सालों से जो चीज भारतीय टीम ने नहीं की थी, वो सूर्या की कप्तानी में हो गई. अब सवाल ये कि आखिर कौन सा वो फैसला है, जिसने सालों का इतिहास बदलकर रख दिया.
सूर्यकुमार यादव के इस फैसले के तार टी20 विश्व कप 2026 के पहले 4 मैचों से जुड़े हैं. सूर्या ने ग्रुप स्टेज के पहले चार मुकाबलों में इतने प्रयोग किए कि 16 साल पुराना रिकॉर्ड टूट गया. इस एडिशन में टीम इंडिया के लिए 12 गेंदबाज गेंदबाजी कर चुके हैं. ऐसा पहले कभी नहीं हुआ था. यह एक विश्व कप के एक एडिशन में भारत की तरफ से सबसे ज्यादा गेंदबाजों का इस्तेमाल है, जो सूर्या ने किया. इससे पहले 2009 के टी20 विश्व कप में भारत ने 11 गेंदबाजों से गेंदबाजी कराई थी, लेकिन 16 साल बाद यह रिकॉर्ड सूर्या की कप्तानी में टूट गया है.
तक़रीबन सभी गेंदबाजों से कराई गेंदबाजी
टीम इंडिया ने नीदरलैंड के खिलाफ हुए चौथे ग्रुप स्टेज मुकाबले में कुल 7 गेंदबाजों का इस्तेमाल किया. इससे पहले हुए तीन मैचों में अलग-अलग गेंदबाजों से गेंदबाजी कराई थी. पहले तीन मैचों में वॉशिंगटन सुंदर नहीं खेले थे, उन्हें चौथे मैच में मौका मिला और उन्होंने 4 ओवर किए. कप्तान सूर्या ने टीम में शामिल किए गए तक़रीबन सभी गेंदबाजों का इस्तेमाल कर लिया है. सुपर 8 से पहले उन्होंने सभी विकल्प आजमा लिए हैं.
कप्तानी के मामले में सबसे आगे
सूर्यकुमार यादव को 2024 के टी20 विश्व कप के बाद टीम की कमान मिली थी. कप्तान बनने के बाद सूर्या ने टीम को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया है. वह सिर्फ भारत ही नहीं बल्कि T20I क्रिकेट के इतिहास में बतौर कप्तान सबसे ज्यादा विन प्रतिशत का रिकॉर्ड अपने नाम कर चुके हैं. उन्होंने इस मामले में पूर्व कप्तान रोहित शर्मा को पीछे छोड़ दिया है. रोहित का विन प्रतिशत 80.65 था, जबकि सूर्या अब 80.85% के साथ आगे निकल चुके हैं.
सूर्यकुमार यादव ने अभी तक 47 मैचों में टीम इंडिया की अगुवाई की है, जिसमें से भारत 38 मैच जीता है, वहीं 7 में हार का सामना करना पड़ा है, जबकि रोहित ने 62 में से 50 मैच जीते थे और 12 हारे थे.