राजधानी सहित जिले के सरकारी स्कूलों में शिक्षकों के बड़े पैमाने पर रिक्त पदों की हकीकत चिंताजनक तस्वीर पेश कर रही है। कई प्राथमिक और माध्यमिक विद्यालय ऐसे हैं जहां एक या दो शिक्षक ही पूरी शाला का संचालन कर रहे हैं। कक्षा 1 से 5 ही नहीं, कई जगह 8वीं तक की कक्षाएं संयुक्त रूप से लग रही हैं। नामांकन और शिक्षक अनुपात में भारी असंतुलन साफ दिखाई देता है। इस स्थिति के कारण कक्षाएं संयुक्त रूप से संचालित हो रही हैं और विद्यार्थियों को व्यक्तिगत ध्यान नहीं मिल पा रहा है। परिणामस्वरूप पढ़ाई की गुणवत्ता प्रभावित हो रही है, बोर्ड परिणाम कमजोर हो रहे हैं और अभिभावक निजी स्कूलों की ओर रुझान बढ़ा रहे हैं।
कई प्राथमिक और माध्यमिक विद्यालय ऐसे, जहां एक या दो शिक्षक ही पूरा जिम्मा संभाल रहे
शासकीय प्राथमिक शाला, नेवरी करोंद (भोपाल)
नामांकन: 48 । शिक्षक: 1
शासकीय प्राथमिक शाला, हथाईखेड़ा फंदा (ग्रामीण)
नामांकन: 51 । शिक्षक: 1
शासकीय प्राथमिक शाला, खजूरी कला (फंदा)
नामांकन: 78 । पदस्थ शिक्षक: 1 । 1 पद रिक्त
व्यवस्था: कक्षा 1-2 संयुक्त, 3-4 संयुक्त, कक्षा 5 अलग से बरामदे/पेड़ के नीचे।
असर: कॉपी जांच सप्ताह में एक बार ही संभव।
शासकीय प्राथमिक शाला, बिलखिरिया (भोपाल )
नामांकन: 64 । शिक्षक: 1
शिक्षक को मध्यान्ह भोजन, पोर्टल एंट्री और सर्वे कार्य भी संभालना पड़ता है। महीने में 4-5 दिन पढ़ाई बाधित रहती है।
शासकीय प्राथमिक शाला, करोंद क्षेत्र
नामांकन: 91 । शिक्षक: 2
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