शिवपुरी. आजकल मौसम का कोई भरोसा नहीं है. कभी तेज बारिश, कभी ओले, तो कभी ज्यादा गर्मी या ठंड फसलों को नुकसान पहुंचाती है. ऐसे हालात में सरकार किसानों को सुरक्षित तरीके से खेती करने के लिए प्रेरित कर रही है. इसी को संरक्षित खेती कहा जाता है. इस तरीके में फसल को ढांचे के अंदर उगाया जाता है, जिससे मौसम का सीधा असर कम पड़ता है. मध्य प्रदेश सरकार किसानों को पॉली हाउस, शेडनेट हाउस और प्लास्टिक मल्चिंग लगाने पर 50 प्रतिशत तक आर्थिक सहायता दे रही है. जो किसान आधुनिक तरीके से सब्जी या फूलों की खेती करना चाहते हैं, वे इस योजना का फायदा उठा सकते हैं. हम लोकल 18 के माध्यम से किसानों तक योजना की जानकारी पहुंचा रहे हैं.
राज्य के उद्यानिकी विभाग की तरफ से पॉली हाउस बनाने पर आधी लागत सरकार दे रही है. अलग-अलग आकार के हिसाब से खर्च तय किया गया है. 500 से 1008 वर्ग मीटर तक पॉली हाउस बनाने पर 935 रुपये प्रति वर्ग मीटर लागत मानी गई है. इसमें से 50 प्रतिशत रकम सरकार देगी. 1008 से 2080 वर्ग मीटर तक 890 रुपये प्रति वर्ग मीटर लागत तय है, जिसपर भी आधा पैसा सरकार देगी. 2080 से 4000 वर्ग मीटर तक 844 रुपये प्रति वर्ग मीटर की दर से लागत मानी गई है और इस पर भी 50 प्रतिशत मदद मिलेगी. इससे किसान कम खर्च में पॉली हाउस बनाकर अच्छी और ज्यादा पैदावार ले सकते हैं.
शेडनेट हाउस पर भी मिलेगा फायदा
शेडनेट हाउस के अंदर फसल को तेज धूप, बारिश और ओलों से बचाया जा सकता है. सरकार अधिकतम 4000 वर्ग मीटर तक शेडनेट हाउस बनाने पर मदद दे रही है. इसके लिए 710 रुपये प्रति वर्ग मीटर लागत तय की गई है. इस लागत का 50 प्रतिशत हिस्सा सरकार देगी. इससे किसानों पर शुरुआती खर्च का बोझ कम होगा.
प्लास्टिक मल्चिंग पर भी आर्थिक मदद
प्लास्टिक मल्चिंग से खेत की मिट्टी में नमी बनी रहती है और घास-फूस कम उगती है. इससे पानी की बचत होती है और फसल अच्छी होती है. सरकार अधिकतम दो हेक्टेयर तक प्लास्टिक मल्चिंग के लिए मदद दे रही है. इसकी लागत 0.32 लाख रुपये प्रति हेक्टेयर मानी गई है. इसपर 50 प्रतिशत अनुदान दिया जाएगा. सब्जी और बागवानी की खेती में यह तरीका काफी फायदेमंद है.
अच्छी पौध पर भी मिलेगी आधी रकम
अगर किसान पॉली हाउस में सब्जी या फूलों की अच्छी किस्म की पौध लगाना चाहते हैं, तो उसपर भी सरकार सहायता दे रही है. 4000 वर्ग मीटर तक 140 रुपये प्रति वर्ग मीटर की दर से लागत तय की गई है. इसपर 50 प्रतिशत पैसा सरकार देगी. इससे किसान बेहतर गुणवत्ता की फसल ले सकेंगे.
कहां करें आवेदन?
राज्य के जिन जिलों में यह योजना लागू की गई है, वहां के किसान आवेदन कर सकते हैं. आवेदन के लिए अपने जिले के उद्यानिकी कार्यालय में संपर्क करना होगा. योजना से जुड़ी हर नई जानकारी लोकल 18 के माध्यम से दी जाती रहेगी.
आवेदन के लिए जरूरी कागजात
योजना का लाभ लेने के लिए किसानों को कुछ दस्तावेज जमा करने होंगे, जैसे- आधार कार्ड, खेत का खसरा या बी-1 की प्रति, बैंक पासबुक की कॉपी, जाति प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण पत्र, पासपोर्ट साइज फोटो और आधार से लिंक मोबाइल नंबर.