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Jabalpur Sihora News: सिहोरा में बवाल के बाद कर्फ्यू जैसे हालात हैं. स्थानीय निवासियों के आरोप हैं कि उपद्रवी हाथों में तलवार, फरसे और बंदूकें लेकर गली में घुसे, करीब 50 घरों में तोड़फोड़ और आगजनी की. प्रशासन पर सुबूत मिटाने का आरोप भी लगाया…
Jabalpur News: जबलपुर का सिहोरा बीती गुरुवार रात सांप्रदायिक हिंसा की आग में झुलस गया. आजाद चौक स्थित दुर्गा मंदिर में आरती और ठीक सामने स्थित मस्जिद में नमाज के दौरान लाउडस्पीकर की आवाज को लेकर शुरू हुआ विवाद देखते ही देखते पथराव और हिंसा में तब्दील हो गया. घटना के बाद पूरे इलाके में भारी पुलिस बल तैनात है और कर्फ्यू जैसा सन्नाटा पसरा हुआ है.
घटना के अगले दिन Local 18 की टीम ने सिहोरा पहुंचकर हालात का जायजा लिया. मुख्य चौक, आजाद चौक से करीब आधा किलोमीटर दूर स्थित मुस्लिम बस्ती में मंजर खौफनाक था. स्थानीय निवासियों ने आरोप लगाया कि अराजकतत्व हाथों में तलवार, फरसे और बंदूकें लेकर गली में घुसे. उपद्रवियों ने गलियों में घुसकर कांच फोड़े और घरों के बिजली मीटर तोड़ दिए. करीब 50 घरों में तोड़फोड़ और आगजनी की बात सामने आई है.
पीड़ितों की दास्तां: लूटपाट और फायरिंग…
वार्ड के इब्राहिम शाह ने बताया, “हमलावर मुंह पर कपड़ा बांधे हुए थे. उन्होंने मेरे घर का दरवाजा तोड़कर लूटपाट की. मेरे घर में एक हिंदू महिला किराएदार रहती हैं, जिन्हें मैं मां समान मानता हूं, इसके बावजूद उपद्रवियों ने मेरे घर को निशाना बनाया. मैं लोहे का दरवाजा बंद कर छत पर भागा, तब जाकर जान बची.” वहीं, हसीना ने दावा किया कि हमलावरों ने उनके घर की अलमारी तोड़कर 50 हजार रुपये लूट लिए. यह रकम उन्होंने दुकान की पगड़ी भरने के लिए जोड़कर रखी थी. महिला ने बताया कि वे अपने छोटे बेटे के साथ घर में अकेली थीं और जान बचाने के लिए जेठ के घर छिप गई थीं.
प्रशासन पर सबूत मिटाने का लगाया आरोप…
पीड़ित पक्ष ने नगर निगम और प्रशासन पर गंभीर सवाल उठाए. इब्राहिम शाह और अन्य लोगों का आरोप है कि रात 2 से 3 बजे के बीच नगर निगम की टीम पहुंची और सड़कों की सफाई कर दी. रात ही रात में नए बिजली मीटर भी लगा दिए गए. स्थानीय लोगों का कहना है कि यह सब सबूतों को मिटाने के लिए किया गया. लिहाजा पूरे मामले में मंदिर समिति ने थाने पहुंचकर FIR दर्ज कराई, जिसके बाद्र 49 लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया.
ऐसे विवाद की शुरुआत
घटना 19 फरवरी गुरुवार रात करीब 9 बजे की है. आजाद चौक में आमने-सामने स्थित मंदिर और मस्जिद में आरती और नमाज चल रहे थे. प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, लाउडस्पीकर के शोर को लेकर दोनों पक्षों में कहासुनी हुई. आरोप है कि मस्जिद से 50 से 70 लोग बाहर निकले और विवाद बढ़ गया. देखते ही देखते दोनों ओर से पत्थरबाजी शुरू हो गई. उपद्रवियों ने दुर्गा मंदिर की ग्रिल तोड़ दी, जिसके बाद सिहोरा में कर्फ्यू जैसे हालात बन गए.
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एक दशक से अधिक समय से पत्रकारिता में सक्रिय. प्रिंट मीडिया से शुरुआत. साल 2023 से न्यूज 18 हिंदी के साथ डिजिटल सफर की शुरुआत. न्यूज 18 के पहले दैनिक जागरण, अमर उजाला में रिपोर्टिंग और डेस्क पर कार्य का अनुभव. म…और पढ़ें