मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने नरसिंहपुर जिले के करेली में चल रहे एक पुराने जमीन विवाद में फैसला सुनाया है। जबलपुर हाईकोर्ट की मुख्यपीठ ने इस मामले में पहले दिए गए एसडीओ (SDO) और कमिश्नर के आदेशों को रद्द कर दिया है। इस फैसले से करीब 15 परिवारों को बड़ी राहत मिली है, जो पिछले काफी समय से कानूनी लड़ाई लड़ रहे थे। ये है पूरा मामला यह पूरा मामला करेली के राम वार्ड के 15 लोगों से जुड़ा है। इन परिवारों का स्वर्गीय नारायण दास नेमा के वारिसों के साथ जमीन के सीमांकन और अतिक्रमण को लेकर विवाद चल रहा था। प्रशासन की ओर से पहले जो आदेश जारी हुए थे, उनके कारण इन परिवारों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था। इन आदेशों के खिलाफ 13 अक्टूबर 2025 को हाईकोर्ट में याचिका लगाई गई थी, जिस पर दो दिन पहले 19 फरवरी को फैसला आया। हाईकोर्ट ने क्यों पलटा आदेश? मामले की सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ताओं के वकीलों ने दलील दी कि प्रशासनिक स्तर पर उन्हें अपना पक्ष रखने का पूरा मौका नहीं दिया गया और प्रक्रिया में कई कानूनी कमियां थीं। हाईकोर्ट ने इन दलीलों को सही माना और कहा कि बिना ठोस वजह और पूरी सुनवाई के दिए गए आदेश सही नहीं माने जा सकते। इसी आधार पर अदालत ने 22 जुलाई 2022 और 19 जनवरी 2023 के पुराने आदेशों को खत्म कर दिया। अब दोबारा होगी सुनवाई हाईकोर्ट ने इस मामले को फिर से सुनवाई के लिए करेली एसडीओ के पास भेज दिया है। कोर्ट ने निर्देश दिए हैं कि सभी पक्षों को अपनी बात रखने का पूरा मौका दिया जाए और उसके बाद ही नया फैसला लिया जाए। तब तक मौके पर यथास्थिति बनी रहेगी, यानी जमीन की स्थिति में कोई बदलाव नहीं किया जा सकेगा। इस फैसले के बाद प्रभावित परिवारों ने राहत की सांस ली है।
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