एमपी में ग्रामीणों का जीवन बदल रही ये योजना, शिवपुरी में महिलाओं ने खड़ा कर लिया कारोबार, जानें NRLM

एमपी में ग्रामीणों का जीवन बदल रही ये योजना, शिवपुरी में महिलाओं ने खड़ा कर लिया कारोबार, जानें NRLM


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What Is NRLM? शिवपुरी में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन से महिलाएं समूह बनाकर डेयरी, सिलाई, मसाले, पापड़, अचार का व्यवसाय शुरू कर आत्मनिर्भर बन रही हैं. ट्रेनिंग और आर्थिक मदद भी मिल रही है. क्या इस योजना से जुड़ीं, अगर नहीं तो जानें सब…

Shivpuri News: शिवपुरी जिले में ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए केंद्र सरकार की योजना राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (NRLM) के तहत बड़ी पहल देखने को मिल रही है. इस योजना से जुड़कर गांव की महिलाएं छोटे-छोटे समूह बना रही हैं और मिलकर अपना रोजगार खड़ा कर रही हैं. इस मिशन का मकसद है कि गरीब और जरूरतमंद महिलाएं दूसरों पर निर्भर न रहें, बल्कि खुद कमाई का जरिया तैयार करें.

गांव की महिलाएं 10 से 15 के समूह में जुड़ती हैं. हर महीने थोड़ी-थोड़ी बचत करती हैं और उसी बचत के सहारे काम शुरू करती हैं. बाद में सरकार की ओर से घुमाऊ फंड और दूसरी आर्थिक मदद भी दी जाती है, जिससे उनका काम आगे बढ़ सके. शिवपुरी में कई महिलाएं इस योजना का फायदा उठाकर डेयरी चला रही हैं, कुछ महिलाएं सिलाई-कढ़ाई का काम कर रही हैं, तो कई ने मसाले, पापड़ और अचार बनाकर बाजार में बेचना शुरू कर दिया है.

हले जो महिलाएं घर तक सीमित थीं, आज वही महिलाएं अपने परिवार की आमदनी बढ़ाने में हाथ बंटा रही हैं. इस योजना की खास बात ये कि महिलाओं को काम शुरू करने से पहले ट्रेनिंग भी दी जाती है. उन्हें सिखाया जाता है कि पैसा कैसे संभालना है, बैंक से लोन कैसे लेना है और अपना काम कैसे बढ़ाना है। बैंक से जोड़ने में भी पूरा सहयोग दिया जाता है, ताकि महिलाएं साहूकार के कर्ज से बच सकें.

एक परिवार से बस एक महिला
समूह में जुड़ने के लिए 18 से 65 साल की गरीब परिवार की महिला सदस्य बन सकती हैं. एक परिवार से एक ही महिला को मौका मिलता है. शर्त सिर्फ इतनी है कि वह नियमित बचत करे और बैठकों में शामिल हो. गांवों में यह मिशन धीरे-धीरे नई तस्वीर बना रहा है. महिलाएं अब फैसले लेने में आगे आ रही हैं, खुद की पहचान बना रही हैं और अपने बच्चों का भविष्य सुधार रही हैं. NRLM महिलाओं के लिए सहारा ही नहीं, बल्कि आत्मविश्वास का मजबूत आधार बनता जा रहा है.

समूह से जुड़ने के लिए जरूरी दस्तावेज
स्व-सहायता समूह से जुड़ने के लिए महिलाओं के पास कुछ जरूरी कागज होना आवश्यक है. सबसे पहले आधार कार्ड होना चाहिए. आधार से लिंक मोबाइल नंबर भी जरूरी है, ताकि बैंक और योजना से जुड़ी जानकारी मिल सके. महिला के नाम से बैंक खाता होना अनिवार्य है, जिससे बचत और लेन-देन किया जा सके. इसके अलावा पासपोर्ट साइज फोटो की भी आवश्यकता पड़ती है. कुछ मामलों में राशन कार्ड या समग्र आईडी भी मांगी जा सकती है.

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Rishi mishra

एक दशक से अधिक समय से पत्रकारिता में सक्रिय. प्रिंट मीडिया से शुरुआत. साल 2023 से न्यूज 18 हिंदी के साथ डिजिटल सफर की शुरुआत. न्यूज 18 के पहले दैनिक जागरण, अमर उजाला में रिपोर्टिंग और डेस्क पर कार्य का अनुभव. म…और पढ़ें



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