‘क‍िन्‍नर ज‍िहाद’ नया बखेड़ा, आख‍िर क‍िसने रचा ये खेल, स्‍वामीजी भड़क गए

‘क‍िन्‍नर ज‍िहाद’ नया बखेड़ा, आख‍िर क‍िसने रचा ये खेल, स्‍वामीजी भड़क गए


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Mahant Rishi Ajay Das News: किन्नर अखाड़ा संस्थापक महंत ऋषि अजय दास ने ‘किन्नर जिहाद’ का आरोप लगाया है. इसमें हिंदू किन्नरों का जबरन धर्मांतरण और बच्चों को किन्नर बनाने के दावे किए गए हैं. शिकायत PM और कई मुख्यमंत्रियों से गई है. जानें पूरा मामला…

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महंत ऋषि अजय दास.

उज्जैन: धार्मिक नगरी उज्जैन में किन्नर अखाड़े के संस्थापक महंत ऋषि अजय दास ने गंभीर आरोप लगाते हुए एक नए विवाद को जन्म दिया है. उन्होंने दावा किया कि मध्य प्रदेश ही नहीं देश के कई राज्यों में एक संगठित नेटवर्क सक्रिय है, जिसे उन्होंने ‘किन्नर जिहाद’ का नाम दिया है. महंत अजय दास का आरोप है कि कुछ लोग सुनियोजित तरीके से हिंदू किन्नरों का धर्मांतरण करवा रहे हैं और बच्चों को जबरन किन्नर बनाकर इसे बढ़ावा दे रहे हैं. महाराष्ट्र, राजस्थान, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश सहित कई राज्यों में ये नेटवर्क सक्रिय है.

इंदौर से चल रहा नेटवर्क
महंत अजय दास ने बताया कि हिंदू धर्म में किन्नरों को अर्धनारीश्वर स्वरूप माना जाता है, जो शिव और पार्वती के संयुक्त रूप का प्रतीक है. लेकिन, इस आस्था का दुरुपयोग हो रहा है. उनके अनुसार, किन्नर समुदाय से एकत्रित दान की राशि का उपयोग धार्मिक स्थलों को प्रभावित करने और अन्य संदिग्ध गतिविधियों में किया जा रहा है. उन्होंने आरोप लगाया कि इस नेटवर्क का मुख्य संचालन इंदौर से हो रहा है, जहां कुछ प्रमुख नाम शामिल हैं. इनमें से कई पर पहले से ही आपराधिक मामले दर्ज हैं. पुलिस को जानकारी दी जा चुकी है.

पीएम मोदी और कई मुख्यमंत्रियों से शिकायत
अजय दास ने कहा, किन्नर बस्तियां ‘जिहादी तत्वों’ के लिए सुरक्षित ठिकाने बन गई हैं, क्योंकि आम लोग और पुलिस इन स्थानों से दूर रहते हैं. उन्होंने यह भी दावा किया कि कुछ मुस्लिम किन्नर हज यात्रा कर चुके हैं और अब किन्नर अखाड़े में महंत या संत बनकर सनातन परिवारों से भिक्षा ले रहे हैं. इस मुद्दे पर उन्होंने स्थानीय पुलिस, खुफिया विभाग और प्रशासन को रिपोर्ट सौंपी है. साथ ही, विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्रियों और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी शिकायत भेजी गई है.

हालांकि, इन आरोपों की अभी तक कोई स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है. प्रशासन या पुलिस की ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है. संत समाज और किन्नर अखाड़े के बीच भी तनाव बढ़ रहा है, जहां कुछ संत इस नियुक्ति का विरोध कर रहे हैं. विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे आरोप सामाजिक और धार्मिक सद्भाव को प्रभावित कर सकते हैं, इसलिए जांच जरूरी है. अब देखना होगा कि इन गंभीर दावों पर प्रशासन क्या कार्रवाई करता है?

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Rishi mishra

एक दशक से अधिक समय से पत्रकारिता में सक्रिय. प्रिंट मीडिया से शुरुआत. साल 2023 से न्यूज 18 हिंदी के साथ डिजिटल सफर की शुरुआत. न्यूज 18 के पहले दैनिक जागरण, अमर उजाला में रिपोर्टिंग और डेस्क पर कार्य का अनुभव. म…और पढ़ें



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