राजधानी के न्यू मार्केट में रविवार को ‘संकल्प दिवस’ के अवसर पर जम्मू कश्मीर अध्ययन केंद्र, मध्यप्रदेश की भोपाल इकाई ने हस्ताक्षर अभियान चलाया। अभियान में बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं और नागरिकों ने भाग लेकर राष्ट्र की अखंडता के समर्थन में हस्ताक्षर किए।
अभियान के दौरान आम नागरिकों को जम्मू कश्मीर और लद्दाख के भारतीय क्षेत्रों पर चीन और पाकिस्तान के अवैध कब्जे के विषय में जानकारी दी गई। साथ ही 22 फरवरी 1994 को भारतीय संसद द्वारा पारित सर्वसम्मत संकल्प का उल्लेख करते हुए उसके ऐतिहासिक महत्व से अवगत कराया गया। कार्यक्रम में भरत शर्मा, गीत धीर, डॉ. दीपक द्विवेदी, शशांक जैन, विभोर श्रीवास्तव, डॉ. जितेंद्र गुप्ता, डॉ. आर. डी. माण्डवकर और आदर्श कुमार सहित कई नागरिक मौजूद रहे। उपस्थित लोगों ने कहा कि संसद का संकल्प केवल दस्तावेज नहीं, बल्कि राष्ट्रीय स्वाभिमान का प्रतीक है।
केंद्र के मध्यप्रदेश संयोजक डॉ. विश्वास चौहान ने बताया कि यह अभियान एक सप्ताह तक चलेगा। इसके अंतर्गत प्रदेश के सभी सांसदों को संसद के ऐतिहासिक प्रस्ताव का स्मरण कराया जाएगा। साथ ही विभिन्न कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में व्याख्यान व संवाद कार्यक्रम आयोजित कर युवाओं को विषय की ऐतिहासिक, संवैधानिक और सामरिक पृष्ठभूमि से जोड़ा जाएगा।
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