प्रेग्नेंट महिलाओं की स्क्रीनिंग, मातृ मृत्यु दर रोकने का अभियान: 350 की जांच में 201 में खून की कमी; कलेक्टर ने शुरू करवाया अलग-अलग ब्लॉक में शिविर – Niwari News

प्रेग्नेंट महिलाओं की स्क्रीनिंग, मातृ मृत्यु दर रोकने का अभियान:  350 की जांच में 201 में खून की कमी; कलेक्टर ने शुरू करवाया अलग-अलग ब्लॉक में शिविर – Niwari News




निवाड़ी जिला प्रशासन ने गर्भवती महिलाओं और शिशुओं की सुरक्षा के लिए एक विशेष अभियान शुरू किया है। इस पहल का उद्देश्य प्रसव के दौरान होने वाली मातृ मृत्यु दर को कम करना है, जो अक्सर खून की कमी और कमजोरी के कारण होती है। कलेक्टर जमुना भिड़े के नेतृत्व में पूरे जिले में स्वास्थ्य शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। यह अभियान स्वास्थ्य, महिला एवं बाल विकास और आयुष विभाग के संयुक्त प्रयास से चलाया जा रहा है। इन शिविरों में गर्भवती महिलाओं की पहचान कर उनका टैस्ट किया जा रहा है, ताकि प्रसव के समय किसी भी जानलेवा स्थिति को समय रहते रोका जा सके। निवाड़ी में सफल आयोजन के बाद पृथ्वीपुर में भी एक विशाल स्वास्थ्य शिविर लगाया गया, जिसमें बड़ी संख्या में गर्भवती महिलाएं जांच कराने पहुंचीं। एनीमिया पहचानकर सुरक्षित प्रसव सुनिश्चित करेंगे कलेक्टर जमुना भिड़े ने बताया कि अभियान का मुख्य उद्देश्य गर्भवती महिलाओं में कमजोरी और एनीमिया की पहचान कर उनका समय पर इलाज और सुरक्षित प्रसव सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि कई बार गर्भवती महिलाओं का हीमोग्लोबिन अचानक कम हो जाता है, जिससे प्रसव के दौरान उनकी जान को खतरा हो सकता है। इसी खतरे को समाप्त करने के लिए यह अभियान चलाया जा रहा है। स्वास्थ्य शिविर में कुल 350 गर्भवती महिलाओं का पंजीकरण पृथ्वीपुर के स्वास्थ्य शिविर में कुल 350 गर्भवती महिलाओं का पंजीकरण हुआ। जांच के दौरान इनमें से 201 महिलाओं में खून की कमी (एनीमिया) पाई गई। इन आंकड़ों से पता चलता है कि आधे से अधिक गर्भवती महिलाएं एनीमिया से पीड़ित हैं, जो प्रसव के समय एक बड़ा जोखिम पैदा करता है। जिन महिलाओं में खून की कमी पाई गई, उन्हें आयरन सप्लीमेंट, एफसीएम (फेरिक कार्बोक्सिमाल्टोस) और पोषण संबंधी सलाह दी गई। इसके अतिरिक्त, उनकी नियमित निगरानी की व्यवस्था भी की गई है। महिलाओं को विशेष रूप से हरी सब्जियां, दाल, गुड़, चना और संतुलित आहार लेने की सलाह दी गई है ताकि उनके स्वास्थ्य में सुधार हो सके। ब्लॉक स्तर तक पहुंचेगा अभियान जनसंपर्क अभियान के तहत अब ब्लॉक लेवल पर लगातार स्वास्थ्य शिविर लगाए जाएंगे। जिला प्रशासन का लक्ष्य है कि कोई भी गर्भवती महिला बिना जांच के न रहे और डिलेवरी पूरी तरह सुरक्षित हो। कलेक्टर ने साफ कहा कि डिलेवरी के दौरान गर्भवती माता बहने जो कमजोर है या डिलेवरी के वक्त हिमोग्लोबिन कम हो जाता है और उनकी जान तक चली जाती है। इसी को रोकने के लिये जिला प्रशासन की ओर से यह शिविर लगाया जा रहा है, ताकि डिलेवरी के वक्त उन्हें कोई हानि ना हो। बहरहाल जनसम्पर्क अभियान के तहत ब्लाक लेवल पर स्वास्थ्य शिविर लगाये जा रहे है। जिला प्रशासन का प्रयास है कि यह लगातार शिविर चलता रहे।



Source link