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Ujjain News: उज्जैन के एक प्राइवेट फाइन आर्ट्स कॉलेज में पढ़ रहीं तीनों छात्राएं अपनी अनोखी कला से पहचान बना रही हैं. ये उभरते कलाकार बेहद छोटी और महीन कलाकृतियां तैयार कर रहे हैं, जिन्हें बनाना काफी मुश्किल होता है.
उज्जैन. महाकाल की नगरी उज्जैन के युवा कलाकार इन दिनों सूक्ष्म कला में कमाल दिखा रहे हैं. इन प्रतिभाशाली कलाकारों ने वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाकर न सिर्फ उज्जैन बल्कि मध्य प्रदेश का नाम रोशन किया है. बेहद छोटी-छोटी वस्तुओं पर शानदार चित्र बनाना आसान नहीं होता लेकिन इन कलाकारों ने अपनी मेहनत और धैर्य से इसे संभव कर दिखाया. भूमि कसेरा ने मसूर की दाल पर भगवान जगन्नाथ, सुभद्रा और बलराम की सुंदर आकृति उकेरी. वहीं राशि निगम ने शंख पर अष्टविनायक का चित्र बनाया जबकि अपेक्षा गोखरू ने इलायची पर गौतम बुद्ध की बेहद बारीक तस्वीर तैयार की है. उनकी कला देखकर हर कोई हैरान हो रहा है. लोकल 18 ने इन उभरते कलाकारों से खास बातचीत की और उनकी अनोखी कलाकृतियों को देश-दुनिया तक पहुंचाने का प्रयास किया. आइए मिलते हैं इन प्रतिभाशाली कलाकारों से और जानते हैं उनकी सफलता की कहानी.
जानें किसने क्या बनाया?
अपेक्षा गोखरू- महाकाल की नगरी में रहने वाली 19 वर्षीय छात्रा अपेक्षा गोखरू फाइन आर्ट्स की प्रथम वर्ष की पढ़ाई कर रही हैं. अपेक्षा ने बेहद बारीकी से इलायची के छोटे से दाने पर गौतम बुद्ध की आकृति बनाई, जिसे वर्ल्ड वाइड बुक में सूक्ष्म कला श्रेणी में स्थान मिला है. उन्होंने बताया कि यह कलाकृति उन्होंने फरवरी महीने में पोस्टर कलर से तैयार की थी. उसी महीने उन्हें चयन की सूचना भी मिल गई थी और अब एक महीने बाद उन्हें प्रमाण पत्र मिलेगा. अपेक्षा कहती हैं कि इस सफलता के पीछे उनके कॉलेज के शिक्षकों और माता-पिता का बड़ा योगदान है, जो उन्हें हमेशा प्रोत्साहित करते रहते हैं.
राशि निगम- धार्मिक नगरी उज्जैन की दूसरी छात्रा राशि निगम (20) ने भी कलाकृति में कुछ ऐसा कर दिखाया, जिससे उज्जैन का नाम गौरवान्वित हुआ है. राशि ने केवल पांच सेंटीमीटर के छोटे से शंख पर भगवान गणेश के अष्टविनायक स्वरूप को एक्रेलिक रंगों से उकेरा. यह आकृति उन्होंने मात्र 30 मिनट में तैयार की, जिसे सबसे छोटी आकृति की श्रेणी में सराहा गया. राशि का नाम वर्ल्डवाइड बुक, इंटरनेशनल बुक ऑफ रिकॉर्ड, इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड और यूनिक बुक ऑफ रिकॉर्ड में दर्ज किया गया है. उन्होंने यह कलाकृति जनवरी में बनाई थी और फरवरी में उन्हें चयन की सूचना ईमेल के जरिए मिल गई. उन्हें प्रमाण पत्र और मेडल भी मिल चुका है. राशि का कहना है कि उनकी इस सफलता में कॉलेज के शिक्षकों और माता-पिता का बड़ा योगदान है, जो उन्हें लगातार प्रेरित और उत्साहित करते रहते हैं.
भूमि कसेरा- उज्जैन की तीसरी होनहार बेटी भूमि कसेरा ने अलग-अलग आकृति बनाकर अपनी पहचान स्थापित की. उन्होंने मसूर की दाल के तीन दानों पर अलग-अलग आकृतियां बनाई हैं, जिसमें भगवान जगन्नाथ, सुभद्रा और बलराम की आकृति सुंदर रूप से उकेरी गई है. भूमि ने करीब 10 मिनट में ये आकृतियां बनाकर वर्ल्डवाइड बुक ऑफ रिकॉर्ड में अपना नाम दर्ज कराया है.
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राहुल सिंह पिछले 10 साल से खबरों की दुनिया में सक्रिय हैं. टीवी से लेकर डिजिटल मीडिया तक के सफर में कई संस्थानों के साथ काम किया है. पिछले चार साल से नेटवर्क 18 समूह में जुड़े हुए हैं.