मंत्री के लंबे भाषण पर गुस्सा, लोगों ने की हूटिंग: ‘पाकिस्तान की जय’ कहने वाले ने माफी मांगी; कमिश्नर ने महापौर को बताया ‘अक्षम’ – Madhya Pradesh News

मंत्री के लंबे भाषण पर गुस्सा, लोगों ने की हूटिंग:  ‘पाकिस्तान की जय’ कहने वाले ने माफी मांगी; कमिश्नर ने महापौर को बताया ‘अक्षम’ – Madhya Pradesh News




मध्य प्रदेश की राजनीति, नौकरशाही और अन्य घटनाओं पर चुटीली और खरी बात का वीडियो (VIDEO) देखने के लिए ऊपर क्लिक करें। इन खबरों को आप पढ़ भी सकते हैं। ‘बात खरी है’ मंगलवार से रविवार तक हर सुबह 6 बजे से दैनिक भास्कर एप पर मिलेगा। मंत्री धर्मेंद्र सिंह लोधी के भाषण के दौरान हूटिंग
मंच, माइक और सामने बैठी पब्लिक मिल जाए, तो नेता भला कहां रुकते हैं। अपना सारा ज्ञान उड़ेल देना जरूरी हो जाता है। सामने बैठे लोग रुचि ले रहे हैं या नहीं, इसकी परवाह किसे है। बस अपनी बात पूरी होनी चाहिए। खजुराहो फिल्म फेस्टिवल में भी कुछ ऐसा ही देखने को मिला, लेकिन यहां नेता जी का दांव उल्टा पड़ गया। उद्घाटन समारोह के दौरान पर्यटन मंत्री धर्मेंद्र सिंह लोधी का भाषण इतना लंबा खिंच गया कि लोगों का धैर्य जवाब दे गया। मंच पर मंत्री भाषण दे रहे थे और सामने बैठी पब्लिक हूटिंग करने लगी। भाषण खत्म करने की आवाजे उठने लगीं। कुछ लोगों ने तो ‘गो बैक’ के नारे भी लगा दिए। इतना होने के बाद भी मंत्री नहीं रुके। शोर-शराबे के बीच उन्होंने कहा- मैं बस चार पंक्तियां कहकर अपनी बात खत्म करूँगा। इसके बाद उन्होंने वे चार पंक्तियां भी सुनाईं। गौरतलब है कि मंत्री से पहले मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और सांसद वीडी शर्मा का भाषण भी हो चुका था। देश और विदेश से आए पर्यटकों का साफ कहना था कि वे यहां नृत्य और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देखने आए हैं, नेताओं के भाषण सुनने नहीं। सीधे आमने-सामने आ गए भाजयुमो और कांग्रेस
मध्य प्रदेश में भारतीय जनता युवा मोर्चा और कांग्रेस के कार्यकर्ता आमने-सामने आ गए। भोपाल से लेकर इंदौर तक हालात बेकाबू नजर आए और पूरे प्रदेश में बवाल जैसी स्थिति बन गई। जगह-जगह पत्थर चले, धक्का-मुक्की और झूमाझटकी हुई, जिसमें दोनों दलों के कई कार्यकर्ता घायल हो गए। दरअसल, दिल्ली में आयोजित एआई समिट के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया था। इसी से नाराज होकर भाजपा ने मध्य प्रदेश में कांग्रेस कार्यालयों के सामने प्रदर्शन करने का ऐलान किया। इस दौरान भोपाल और इंदौर में स्थिति खास तौर पर बिगड़ी हुई दिखी। भोपाल में एक रोचक दृश्य भी सामने आया। यहां एक भाजपा कार्यकर्ता कांग्रेस दफ्तर पहुंचकर फंस गया। हालात को संभालते हुए कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद उसे खुद स्कूटर पर बैठाकर भाजपा के प्रदर्शन स्थल तक छोड़कर आए। खरी बात ये है कि इसे विडंबना ही कहा जाएगा कि भाजपा और कांग्रेस दोनों ही दल महात्मा गांधी के सिद्धांतों पर चलने का दावा करते हैं, फिर भी हालात यहां तक पहुंच गए। अंत में बस यही कहा जा सकता है कि सियासत ऐसी होनी चाहिए जहां मतभेद हों, मनभेद नहीं। विचारों का टकराव हो, लेकिन सिर-फुटव्वल नहीं। कंटेंट क्रिएटर धर्मेंद्र बिलोतिया की सफाई, माफी मांगी
मजाक में ही सही, ‘पाकिस्तान महाराज की जय’ कहना कंटेंट क्रिएटर धर्मेंद्र बिलोतिया को भारी पड़ गया। सोशल मीडिया पर उन्हें जमकर ट्रोल किया गया और लोगों ने तीखी प्रतिक्रियाएं दीं। विवाद बढ़ने के बाद धर्मेंद्र ने वीडियो जारी कर सफाई दी और माफी भी मांगी। दरअसल, भारत की पाकिस्तान पर जीत के मौके पर धर्मेंद्र बिलोतिया ने एक वीडियो बनाया था। वीडियो में वह पटाखे फोड़ते हुए कहते हैं- जब तक सूरज-चाँद रहेगा, भारत देश का नाम रहेगा। और इसके बाद ‘पाकिस्तान महाराज की जय’ कहते सुनाई देते हैं। वीडियो वायरल होने और विरोध शुरू होने के बाद धर्मेंद्र के सुर बदल गए। उन्होंने कहा कि उन्हें पाकिस्तान से कोई लेना-देना नहीं है। भाड़ में जाए पाकिस्तान, मेरे लिए सबसे पहले मेरा देश है, मेरा भारत। धर्मेंद्र का कहना है कि उनके वीडियो की एक क्लिप काटकर जानबूझकर इंस्टाग्राम पर वायरल की जा रही है, जिससे गलत संदेश फैलाया जा रहा है। सफाई के तौर पर उन्होंने पूरा वीडियो भी दिखाया किया। उन्होंने कहा कि भारत की जीत की खुशी में और पाकिस्तान का मजाक उड़ाते हुए उन्होंने यह वीडियो बनाया था, लेकिन अगर इससे किसी की भावनाएं आहत हुई हैं तो वे इसके लिए माफी मांगते हैं। बता दें कि यह पहली बार नहीं है जब धर्मेंद्र विवादों में आए हों। इससे पहले दुबई में बनाया गया उनका एक वीडियो भी चर्चा में रहा था, जिसमें वे मध्य प्रदेश की सड़कों का मजाक उड़ाते नजर आए थे। उस मामले में भी विवाद के बाद उन्होंने माफी मांगी थी। नगर निगम कमिश्नर और महापौर में हो गई तीखी बहस
सिंगरौली नगर निगम में महापौर और कमिश्नर के बीच लंबे समय से चला आ रहा विवाद अब खुलकर सामने आ गया है। एक बैठक के दौरान दोनों के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली। बैठक में कमिश्नर सविता प्रधान ने महापौर पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि आप स्वयं निर्णय लेने में सक्षम नहीं हैं और हर फाइल घर लेकर जाती हैं। संविधान ने जो अधिकार दिए हैं, उनका दुरुपयोग किया जा रहा है। महापौर मैडम आप भी गलत कर रही हैं। कमिश्नर के आरोपों पर महापौर रानी अग्रवाल ने पलटवार किया। उन्होंने कहा कि नियम सभी पर समान रूप से लागू होते हैं और माननीय कमिश्नर स्वयं भी फाइलें घर ले जाती हैं। महापौर ने स्पष्ट किया कि डी-वन कोई आवास नहीं, बल्कि उनका कार्यालय है और नियमानुसार उन्हें तीन दिनों तक फाइल अपने पास रखने का अधिकार है। बैठक के दौरान दोनों के बीच हुई यह बहस धीरे-धीरे व्यक्तिगत आरोप-प्रत्यारोप में बदल गई। हालांकि यह टकराव अचानक नहीं हुआ है। काफी समय से कमिश्नर और महापौर के बीच तालमेल की कमी देखी जा रही थी। ऐसे में हालात का इस मोड़ तक पहुंचना लगभग तय माना जा रहा था। इनपुट सहयोग – गौरव मिश्रा (खजुराहो), राजकुमार द्विवेदी (सिंगरौली) ये भी पढ़ें –
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