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Milk Production Increase Tips: AI आधारित कृत्रिम गर्भाधान तकनीक से पशुपालक कम खर्च में उन्नत नस्ल की गाय प्राप्त कर सकते हैं. केवल 100 रुपये में सरकारी योजना के तहत यह सुविधा उपलब्ध है. सेक्स सॉर्टेड वीर्य से 99% तक बछिया होने की संभावना रहती है. इससे भविष्य में दूध उत्पादन बढ़ता है और आमदनी दोगुनी हो सकती है. जानिए कैसे कराएं कृत्रिम गर्भाधान और कहां करें संपर्क.
AI in Dairy Farming: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI अब सिर्फ मोबाइल और कंप्यूटर तक सीमित नहीं रहा. खेती, स्वास्थ्य और अब पशुपालन में भी यह बड़ा बदलाव ला रहा है. जो काम पहले हफ्तों या महीनों में होता था, अब वह ज्यादा सटीक और कम खर्च में हो रहा है. खास बात यह है कि AI की मदद से पशुपालकों की आमदनी बढ़ाने का नया रास्ता सामने आया है कृत्रिम गर्भाधान की उन्नत तकनीक.
कैसे बढ़ेगा दूध उत्पादन?
मध्य प्रदेश के एकमात्र गोकुल ग्राम रतौना के प्रबंधक डॉ. राकेश गौतम बताते हैं कि कृत्रिम गर्भाधान (Artificial Insemination) से उन्नत नस्ल के सांड का हिमीकृत वीर्य इस्तेमाल किया जाता है. इससे जन्म लेने वाली संतति बेहतर नस्ल की होती है और आगे चलकर ज्यादा दूध देती है. ध्यान रहे, इसका असर उस गाय पर नहीं दिखता जिसमें गर्भाधान कराया गया है, बल्कि उसकी आने वाली पीढ़ी में फर्क नजर आता है.
खर्च कम, फायदा ज्यादा
डॉ. गौतम के मुताबिक, सामान्य तरीके से प्रजनन में 500 से 1000 रुपये तक खर्च आ सकता है. लेकिन कृत्रिम गर्भाधान सरकारी व्यवस्था के तहत करीब 100 रुपये की रसीद पर कराया जा सकता है. यानी कम खर्च में बेहतर नस्ल का फायदा.
99% बछिया की संभावना
आजकल सेक्स सॉर्टेड वीर्य तकनीक भी उपलब्ध है. इससे करीब 99% तक बछिया होने की संभावना रहती है. चूंकि दूध उत्पादन गाय से होता है, इसलिए ज्यादा बछिया मतलब भविष्य में ज्यादा दूध और ज्यादा आमदनी.
कब और कैसे कराएं?
जब पशु गर्मी (Heat) में आता है, तो सामान्य समय की बजाय 12 घंटे बाद कृत्रिम गर्भाधान कराया जाता है. यह काम प्रशिक्षित एक्सपर्ट ही कर सकते हैं, इसलिए पशुपालक खुद से कोशिश न करें.
कहां करें संपर्क?
पशुपालक अपने नजदीकी पशु चिकित्सालय में संपर्क कर सकते हैं. खंड स्तर के पशु अधिकारी से भी जानकारी ली जा सकती है. इसके अलावा टोल फ्री नंबर 1962 पर कॉल कर भी सेवा ली जा सकती है.
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Deepti Sharma, currently working with News18MPCG (Digital), has been creating, curating and publishing impactful stories in Digital Journalism for more than 6 years. Before Joining News18 she has worked with Re…और पढ़ें