T20 World Cup 2026 Indian Cricket Team: साउथ अफ्रीका के खिलाफ टी20 वर्ल्ड कप 2026 के सुपर-8 में मिली हार ने भारतीय टीम और उसके प्रशंसकों को हैरान कर दिया है. अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में रविवार (22 फरवरी) को मैच से आए अप्रत्याशित नतीजे ने टीम इंडिया को संकट में डाल दिया है. अब सूर्यकुमार यादव की टीम सेमीफाइनल में पहुंचने के लिए जिम्बाब्वे और वेस्टइंडीज से खेलेगी. नेट रनरेट में सुधार के लिए दोनों मैचों में टीम को बड़ी जीत चाहिए. अभी आगामी मैच से पहले साउथ अफ्रीका से मिली हार का पोस्ट मार्टम किया जा रहा है. पूर्व खिलाड़ी कप्तान सूर्या और कोच गौतम गंभीर के फैसलों पर सवाल उठा रहे हैं. इसी क्रम में दिग्गज स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने उपकप्तान अक्षर पटेल को बाहर करने पर सवाल उठाए हैं.
भरोसेमंद खिलाड़ी अक्षर पटेल को बेंच पर बैठाकर वॉशिंगटन सुंदर को मौका दिया. इस फैसले पर अश्विन ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है. उनका मानना है कि आईसीसी टूर्नामेंट्स में स्थिरता जरूरी है, न कि आईपीएल की तरह बार-बार किए जाने वाले ‘मैच-अप’ प्रयोग. दरअसल, साउथ अफ्रीका की टीम में 3 बाएं हाथ के बल्लेबाजों को देखते हुए ऑफ स्पिनर सुंदर को मौका दिया गया था.
टीम मैनेजमेंट पर भड़के
अपने यूट्यूब चैनल पर बात करते हुए अश्विन ने मैनेजमेंट के फैसले को आड़े हाथों लिया. उन्होंने कहा कि आईपीएल में 14 मैच होते हैं, वहां मैच-अप के हिसाब से टीम बदलना समझ आता है, लेकिन वर्ल्ड कप जैसे बड़े मंच पर आपको अपनी सबसे मजबूत प्लेइंग इलेवन के साथ टिके रहना चाहिए. अश्विन ने याद दिलाया कि अक्षर पटेल भारत के लिए टी20 क्रिकेट में ‘MVP’ (मोस्ट वैल्युएबल प्लेयर) रहे हैं. उन्होंने पिछले वर्ल्ड कप फाइनल का उदाहरण देते हुए कहा कि अक्षर ने उसी साउथ अफ्रीका के खिलाफ भारत को मुश्किल से निकाला था, जिस स्थिति में टीम इंडिया आज फंसी थी.
सुंदर का ‘मैच-अप’ प्रयोग फेल
कप्तान सूर्यकुमार यादव ने टॉस के समय कहा था कि दक्षिण अफ्रीका के टॉप-5 में तीन बाएं हाथ के बल्लेबाज हैं, इसलिए ऑफ स्पिनर वाशिंगटन सुंदर को खिलाना एक रणनीतिक फैसला है. तर्क यह था कि अक्षर की गेंद बाएं हाथ के बल्लेबाजों के लिए अंदर आएगी और उन्हें मारना आसान होगा, लेकिन मैदान पर यह रणनीति बुरी तरह फ्लॉप हो गई. सुंदर ने 2 ओवर में 17 रन लुटाए और उन्हें दोबारा गेंदबाजी का मौका नहीं मिला. अब सवाल उठता है कि क्या सिर्फ मैच-अप के चक्कर में फॉर्म में चल रहे खिलाड़ी को बाहर करना सही था?
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सुंदर को प्रमोट करना आत्मघाती कदम
गौतम गंभीर और टीम मैनेजमेंट ने प्रयोग करते हुए सुंदर को नंबर 5 पर बल्लेबाजी के लिए भेजा. 188 रनों के विशाल लक्ष्य का पीछा करते हुए भारत को तेज रनों की जरूरत थी, लेकिन सुंदर ने 11 गेंदों में महज 11 रन बनाए. इससे न केवल रन-रेट का दबाव बढ़ा, बल्कि मिडिल ऑर्डर का संतुलन भी बिगड़ गया. भारत की पूरी टीम 111 रनों पर ढेर हो गई. अश्विन ने सवाल उठाया कि जब अक्षर पटेल के रूप में आपके पास एक स्थापित फिनिशर था, तो इस तरह के बदलाव की जरूरत क्या थी?
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सेमीफाइनल की राह कांटों भरी
इस हार ने न केवल भारत का अजेय अभियान रोका है, बल्कि उनके नेट रनरेट (NRR) को भी भारी नुकसान पहुंचाया है. अब भारत को 26 फरवरी को चेन्नई में जिम्बाब्वे और 1 मार्च को कोलकाता में वेस्टइंडीज से भिड़ना है. सेमीफाइनल की दौड़ में बने रहने के लिए अब इन दोनों मैचों में न सिर्फ जीत, बल्कि बड़े अंतर से जीत हासिल करना अनिवार्य हो गया है.