एमपी विधानसभा लाइव: विधानसभा में बजट चर्चा शुरू, बीजेपी विधायक भूपेंद्र सिंह बोले एमपी विकास के नए आयाम छू रहा

एमपी विधानसभा लाइव: विधानसभा में बजट चर्चा शुरू, बीजेपी विधायक भूपेंद्र सिंह बोले एमपी विकास के नए आयाम छू रहा


MP Legislative Assembly LIVE: एमपी Legislative Assembly के बजट सत्र के छठे दिन सोमवार को सदन के भीतर और बाहर सियासी तापमान बढ़ा रहा. अनुपूरक बजट और जनहित के मुद्दों पर सरकार और विपक्ष आमने-सामने दिखे. कांग्रेस विधायकों ने भारत-अमेरिका ट्रेड डील के विरोध में प्रधानमंत्री Narendra Modi और अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump के मुखौटे पहनकर विधानसभा परिसर में सांकेतिक प्रदर्शन किया और नारे लगाए. ट्रंप के रूप में पहुंचे विधायक दिनेश जैन ने कहा कि यह समझौता भारतीय किसानों के हित में नहीं है. नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने बिजली दरों में बढ़ोतरी का मुद्दा उठाते हुए सरकार पर बड़े उद्योगपतियों को लाभ पहुंचाने का आरोप लगाया और दरें कम करने की मांग की.

सदन की कार्यवाही शुरू होते ही कांग्रेस विधायक मधुभगत ने आदिवासी बस्तियों में विकास कार्यों में कथित भ्रष्टाचार का मामला उठाया, जिस पर मंत्री विजय शाह ने जवाब देते हुए कहा कि बालाघाट में योजनाओं के अनुसार ही राशि जारी की गई और कोई अनियमितता नहीं हुई. मुख्यमंत्री मोहन यादव भी कार्यवाही में शामिल हुए. हेमंत कटारे विधानसभा पहुंचे, लेकिन इस्तीफे के सवाल पर उन्होंने टिप्पणी से इनकार किया. उमंग सिंघार ने राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे के भोपाल दौरे को किसानों के हित से जोड़ते हुए कहा कि सोयाबीन, कपास, फल और डेयरी उत्पादकों को ट्रेड डील से नुकसान होगा. भोपाल-जबलपुर हाईवे पर पुल गिरने की घटना पर भी उन्होंने पीडब्ल्यूडी मंत्री से जांच और कार्रवाई की मांग की.

बालाघाट में योजनाओं की राशि जारी
भोपाल में मध्य प्रदेश विधानसभा की कार्यवाही शुरू होते ही कांग्रेस विधायक मधुभगत ने आदिवासी बस्तियों में विकास कार्यों के नाम पर कथित भ्रष्टाचार का मुद्दा उठाया. इस पर मंत्री विजय शाह ने जवाब देते हुए कहा कि बालाघाट में योजनाओं के अनुसार ही राशि जारी की गई है. उन्होंने किसी भी प्रकार की अनियमितता से इनकार करते हुए कहा कि सभी भुगतान निर्धारित मापदंडों के तहत किए गए हैं.

किन मुद्दों पर हुई चर्चा
मध्य प्रदेश विधानसभा में महिदपुर के शासकीय कस्तूरबा गांधी कन्या छात्रावास में दिसंबर में छात्राओं की तबीयत बिगड़ने का मामला उठा. विधायक दिनेश जैन ने पूछा कि छात्रावास में धुआं कहां से आया. जवाब में अनुसूचित जाति कल्याण मंत्री नागर सिंह चौहान ने कहा कि प्रदेश में 1936 छात्रावास संचालित हैं और सभी जगह व्यवस्थाएं दुरुस्त हैं. उन्होंने कहा कि जिस विशेष विषय की बात की जा रही है, उससे संबंधित प्रश्न प्राप्त नहीं हुआ है.

वहीं मुख्यमंत्री कन्यादान योजना में बीपीएल कार्ड अनिवार्य किए जाने का मुद्दा भी सदन में गूंजा. कांग्रेस विधायक सतीश सिकरवार ने कहा कि इस संशोधन के कारण बसंत पंचमी पर ग्वालियर संभाग में एक भी शादी नहीं हो सकी. मंत्री नारायण सिंह कुशवाह ने जवाब दिया कि पूर्व में भ्रष्टाचार और दोबारा विवाह/निकाह की शिकायतें मिल रही थीं, इसलिए गरीबी रेखा का प्रावधान लागू किया गया. उन्होंने बताया कि संशोधन के बाद प्रदेश में 13,642 विवाह संपन्न हुए हैं. कांग्रेस विधायक विवेक पटेल ने गरीबी की बाध्यता समाप्त करने की मांग की, जिस पर मंत्री ने कहा कि यह विषय मुख्यमंत्री के समक्ष रखा जाएगा.

लाड़ली बहना योजना पर विपक्ष का हंगामा
विधानसभा में लाड़ली बहना योजना को लेकर विपक्ष ने जमकर हंगामा किया. सदन से वॉकआउट किया. कांग्रेस विधायक सतीश सिकरवार ने महिलाओं का मुद्दा उठाया था. कांग्रेस की मांग लाड़ली बहना योजना में नई पात्र बहनों का हो रजिस्ट्रेशन, पोर्टल खोला जाए. 60 साल से अधिक उम्र की बहनों को बाहर न किया जाए. भाजपा ने जो वादा किया था 3 हजार रुपए महिलाओं को देने का काम करें. कांग्रेस ने कहा महिलाओं के मुद्दे पर सरकार कोई जवाब नहीं दे रही है.

लाडली बहना योजना पर सवाल और जवाब
सदन में कांग्रेस विधायक महेश परमार ने लाडली बहना योजना में 3000 रुपये न मिलने का मुद्दा उठाया. उन्होंने कहा कि बहनों के लिए नए पंजीकरण की व्यवस्था नहीं की गई और बीजेपी ने धोखाधड़ी कर सरकार बनाई.मंत्री निर्मला भूरिया ने जवाब दिया कि बहनों के खातों में नियमित रूप से राशि दी जा रही है और 3000 रुपये बढ़ोतरी पर सरकार काम कर रही है. किसी बहन का नाम नहीं काटा गया. नए पंजीकरण के सवाल का तुरंत जवाब देना संभव नहीं है. मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि योजना चालू है और साल 2028 तक 3,000 रुपये की राशि भी दी जाएगी. सभी कार्य धीरे-धीरे पूरे किए जाएंगे. विपक्ष को चिंता करने की जरूरत नहीं है.

हेमंत कटारे का इस्तीफा वापस नहीं लिया
हेमंत कटारे ने उप नेता प्रतिपक्ष पद से इस्तीफा दिया और कहा कि उन्होंने इसे संगठन और मल्लिकार्जुन को भेजा था, जिसे उन्होंने वापस नहीं लिया. उन्होंने साफ किया कि यह किसी के दबाव में नहीं किया गया और पार्टी जो निर्णय लेगी, उसे स्वीकार करेंगे. उन्होंने पारिवारिक कारणों और अपने क्षेत्र को समय न दे पाने के कारण वेकेशंस पर जाने का हवाला दिया. सदन में उन्होंने स्थगन प्रस्ताव के लिए रातभर तैयारी की थी, लेकिन यह अस्वीकार कर दिया गया. उन्होंने नेता प्रतिपक्ष से कोई विवाद नहीं होने और उन्हें बड़े भाई के रूप में बताया.

किसानों के लिए घोषणा
मुख्यमंत्री ने 2026 को कृषि वर्ष घोषित करते हुए कहा कि किसानों को अन्नदाता के साथ उर्जादाता और उद्धमी बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं. मप्र को एक्सपोर्ट हब बनाने की दिशा में काम हो रहा है. सोयाबीन और सरसों पर भावान्तर योजना लागू है, सरसों की एमएसपी 6200 रुपए है और मूंग की जगह उड़द लगाने पर 600 रुपए प्रति क्विंटल बोनस मिलेगा. चना, मसूर और तुअर के लिए प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजा गया है. विधानसभा में इस दौरान नेता प्रतिपक्ष और कैलाश-उमंग के बीच किसानों और फसलों को लेकर उतावलेपन को लेकर बहस हुई. कैलाश ने कहा कि मुख्यमंत्री कभी भी वक्तव्य दे सकते हैं और नेता प्रतिपक्ष प्रतिक्रिया दे सकते हैं, जबकि नेता प्रतिपक्ष ने उतावलेपन पर टिप्पणी की.

MBBS छात्रा रोशनी की संदिग्ध मौत का मामला उठा
भोपाल विधानसभा में MBBS छात्रा रोशनी की संदिग्ध मौत का मामला उठाया गया. विधायक सेना महेश पटेल ने कहा कि परिजनों को समय पर मौत की सूचना नहीं दी गई और पोस्टमार्टम उनके बिना किया गया, साथ ही हत्या का अंदेशा जताया और CBI जांच की मांग की. मंत्री नरेद्र शिवाजी पटेल ने बताया कि छात्रा प्राइवेट होस्टल में रह रही थी, गांधी मेडिकल कॉलेज की पाँच डॉक्टरों की टीम ने पोस्टमार्टम किया, सिर पर कोई चोट नहीं मिली और मृतका के पास एटिड की बोतल पाई गई. उन्होंने कहा कि SIT गठित है और अभी तक हत्या का साक्ष्य नहीं मिला.

विपक्षी नेताओं ने मेडिकल कॉलेज में सुरक्षा, काउंसलिंग और जातिगत भेदभाव की कमी पर सवाल उठाए. उमंग सिंघार ने रोशनी के मेधावी होने और शरीर पर निशान पाए जाने के आधार पर बलात्कार की आशंका जताई. सरकार ने परिवार के साथ खड़े होने और जांच जारी रखने का आश्वासन दिया.

किसानों को भावान्तर योजना और उड़द पर बोनस, चना-मसूर-तुअर पर केंद्र को प्रस्ताव
भोपाल में सीएम मोहन यादव ने किसानों के लिए राज्य और केंद्र सरकार की पहलों का विवरण दिया. उन्होंने कहा कि सोयाबीन और सरसों के किसानों को भावान्तर योजना के तहत लाभ मिल रहा है और उड़द की फसल पर 600 रुपए प्रति क्विंटल प्रोत्साहन राशि दी जाएगी. चना, मसूर और तुअर के लिए केंद्र को प्रस्ताव भेजे गए हैं और सकारात्मक संकेत मिले हैं. सीएम ने राहुल गांधी के दौरे पर टिप्पणी करते हुए कहा कि कांग्रेस सरकार के दौरान किसानों की स्थिति खराब थी और किसानों के लिए एमपी व मोदी सरकार ने अब तक जो किया, वह कांग्रेस ने 55 साल में नहीं किया। कांग्रेस को माफी मांगनी चाहिए. विधानसभा में बजट पर चर्चा शुरू हुई, जिसमें भाजपा विधायक भूपेंद्र सिंह ने मध्यप्रदेश के विकास को नए आयाम छूने वाला बताया.



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