झाबुआ जिले में फैले भ्रष्टाचार और सरकारी विभागों की लापरवाही के खिलाफ सोमवार को राष्ट्रीय किसान संगठन ने प्रदर्शन किया। बड़ी संख्या में किसानों ने कलेक्टर ऑफिस पहुंचकर एसडीएम भास्कर गाचले को अपनी मांगों का ज्ञापन सौंपा। संगठन के प्रदेश प्रवक्ता प्रमजीत सिंह और जिला अध्यक्ष हारु मखोड़िया ने कहा कि झाबुआ के पिछड़ेपन की सबसे बड़ी वजह सरकारी विभागों में चल रही धांधली है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर हालात जल्द नहीं सुधरे, तो जिले के किसान और मजदूर अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ जाएंगे। जल जीवन मिशन में करोड़ों का घोटाला किसानों ने आरोप लगाया कि ‘जल जीवन मिशन’ के तहत गांवों में पानी की टंकियां और पाइपलाइन डालने के नाम पर हर गांव में करोड़ों रुपए खर्च कर दिए गए, लेकिन लोगों को पानी अब भी नहीं मिल रहा। संगठन ने पीएचई (PHE) विभाग और ठेकेदारों की मिलीभगत की जांच की मांग की है। फसल बीमा और खाद की समस्या किसानों ने फसल बीमा योजना में पारदर्शिता न होने और रसीद न मिलने पर भी नाराजगी जताई। साथ ही, खाद बांटने के लिए लागू की गई नई ‘टोकन व्यवस्था’ का विरोध किया। किसानों का कहना है कि इस नियम से उन बटाईदारों और वन भूमि पर खेती करने वालों को खाद नहीं मिल पाएगी जिनके पास जमीन के कागज नहीं हैं। संगठन ने मांग की है कि ऐसे भूमिहीन किसानों के लिए नियमों में तुरंत बदलाव किया जाए।
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