Rewa News Today: रीवा जिले के भठवा-गढ़ लिंक रोड की हालत इतनी खराब हो चुकी थी कि लोगों का निकलना मुश्किल हो गया था. बरसात के बाद सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढे हो गए थे. रोजाना स्कूल जाने वाले बच्चे, किसान और छोटे वाहन चालकों के लिए ये रास्ता खतरे से खाली नहीं था. कई बार हादसे होते-होते बचे.
लेकिन जब प्रशासन की तरफ से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया, तो गांव का ही एक पढ़ा-लिखा किसान खुद फावड़ा लेकर मैदान में उतर गया.
मिलिए ‘रोडमैन’ ओम शुक्ला से
त्योंथर तहसील के गढ़-भठवा गांव के रहने वाले 28 साल के ओम शुक्ला को अब इलाके के लोग ‘रोडमैन’ कहने लगे हैं. ओम बीएससी, आईटीआई और कंप्यूटर डिप्लोमा कर चुके हैं, लेकिन माता-पिता के साथ गांव में रहकर खेती करते हैं.
ओम बताते हैं कि सड़क की हालत इतनी खराब थी कि रात में गड्ढे दिखाई भी नहीं देते थे. कई बार बाइक सवार गिरते-गिरते बचे. लोगों की परेशानी देख उन्होंने ठान लिया कि अब इंतजार नहीं करेंगे.
खुद के पैसों से खरीदी मिट्टी-बजरी
ओम शुक्ला ने अपने पैसे से मिट्टी और बजरी खरीदी और एक-एक कर गड्ढों को भरना शुरू किया. अब तक वे लगभग 1000 गड्ढे भर चुके हैं. उनका कहना है कि प्रशासन को कई आवेदन दिए, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई. मजबूरी में यह कदम उठाना पड़ा. अब गांव के लोग भी उनका साथ देने लगे हैं और सड़क को सुरक्षित बनाने में मदद कर रहे हैं.
पर्यटन से भी जुड़ा है रास्ता
ओम ने उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ला से इस लिंक रोड को 2 लेन में विकसित करने की मांग की है. उनका कहना है कि सड़क अच्छी होगी तो विंध्य क्षेत्र के प्रमुख पर्यटन स्थल जैसे पूर्वा जलप्रपात, बहुती जलप्रपात, क्योटी जलप्रपात और अष्टभुजी माता मंदिर तक पहुंचना आसान होगा. इससे पर्यटन और स्थानीय रोजगार को भी बढ़ावा मिलेगा.
राहत मिली, लेकिन स्थायी समाधान जरूरी
ओम का कहना है कि गड्ढे भरने से फिलहाल राहत जरूर मिली है, लेकिन ये स्थायी हल नहीं है. वे चाहते हैं कि सरकार इस सड़क का पक्का और मजबूत निर्माण करे, ताकि लोगों को लंबे समय तक सुरक्षित रास्ता मिल सके. गांव के लोग अब उम्मीद लगाए बैठे हैं कि प्रशासन इस बार जरूर जागेगा.