सचिन तेंदुलकर के 100 प्रतिशत खराब हो चुकी सड़क को बनाने के लिए ग्वालियर स्मार्ट सिटी डेवलपमेंट कार्पोरेशन ने री-टेंडर कॉल किया है। ये टेंडर 27 फरवरी के बाद खोला जाएगा। तब टेक्निकल बिड और फाइनेंशियल बिड में पास होने वाली कंपनी को सड़क निर्माण का ठेका दिया जाएगा। यदि प्रक्रिया में कोई उलझन नहीं आती है, तब अप्रैल के महीने में शुरू होने की उम्मीद स्मार्ट सिटी के अफसर कर रहे हैं।
गौरतलब है कि पिछले दिनों सचिन तेंदुलकर रोड बनाने को लेकर उलझन सामने आई थी। यहां स्मार्ट सिटी ने टेंडर खोलकर टेक्निकल बिड पर काम करना शुरू किया था। वहीं लोक निर्माण विभाग के अफसरों ने सर्वे शुरू कर दिया था। हालांकि लोनिवि ने सर्वे कर रिपोर्ट स्मार्ट सिटी को ही देकर काम करने को कह दिया है। इसके बाद स्मार्ट सिटी दफ्तर में उक्त रोड को बनाने की प्रक्रिया पर काम तेज किया गया। सिंगल कंपनी का नाम आ रहा था, इसलिए री-टेंडर
सचिन तेंदुलकर रोड बनाने को लेकर पहले टेंडर में सात कंपनियां सामने आई थी। तकनीकी बिड परीक्षण के दौरान एक कंपनी का नाम ही फाइनल हो रहा था। स्मार्ट सिटी के अफसरों ने पहली बार में सिंगल कंपनी का नाम फाइनल नहीं किया। इसलिए री-टेंडर किया गया है। 2.50 किमी सड़क पर 9 करोड़ से ज्यादा होंगे खर्च
स्मार्ट सिटी द्वारा जिस सड़क का निर्माण किया जाएगा। उस सचिन तेंदुलकर मार्ग की दूरी 2.50 किलोमीटर तय की गई है। उक्त सड़क पर डामरीकरण कार्य के साथ ड्रेनेज सिस्टम भी बनाया जाएगा। इस पूरे काम पर जीएसटी सहित करीब 9 करोड़ रुपए खर्च होंगे। जिसकी प्रक्रिया चल रही है।
सड़क: डामर नहीं धूल ही धूल, आए दिन होते हैं एक्सीडेंट
सचिन तेंदुलकर रोड फोर लेन है। इस सड़क के दोनो ओर गड्ढे इतने हैं कि सड़क पर लंबी दूरी तक डामर नजर ही नहीं आता है। कहीं-कहीं सड़क इतनी बदहाल है कि आए दिन इस पर वाहन चालक दुर्घटना का शिकार हो जाता है। अब जब मौसम बदल गया है तो सड़क पर धूल ही धूल उड़ती है।
Source link