Indian Cricket Team T20 World Cup 2026: टी20 वर्ल्ड कप 2026 में रविवार (22 नवंबर) का दिन भारतीय क्रिकेट टीम के फैंस को मायूस करने वाला रहा. अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में करीब 1 लाख दर्शकों के सामने सूर्यकुमार यादव की सेना को करारी हार का सामना करना पड़ा. यह हार इतनी शर्मनाक है कि खुद टीम इंडिया के प्लेयर्स को भी सदमा लग गया. 19 नवंबर 2023 के बाद एक बार इस ग्राउंड पर कुछ ऐसा हुआ जिसने सबको परेशान कर दिया. भारत 76 रनों से करारी हार मिली है. इसने सेमीफाइनल में पहुंचने की उम्मीदों को झटका दिया है. अब जिम्बाब्वे और वेस्टइंडीज के खिलाफ बाकी बचे 2 मैचों में टीम को सिर्फ जीत नहीं, बल्कि बड़े अंतर से जीत की तलाश होगी.
भारत की हार के बाद लोगों के कैलकुलेटर खुल गए हैं. एक्सपर्ट नेट रनरेट की समस्या का समाधान बताने में लग गए और फैंस एक बार फिर से दुआ करने लगे हैं. अब समस्या सिर्फ सेमीफाइनल में पहुंचने का समीकरण ही नहीं, बल्कि टीम के अंदर मची उथल-पुथल भी है. जब आप जीत रहे होते हैं तो सबकुछ अच्छा दिखता है, लेकिन हारते ही अंदर की खामियां बाहर आने लगती हैं. कुछ ऐसा ही टीम के साथ हो रहा है. एक समय लग रहा था कि ये टीम फाइनल जीतकर ही मानेगी, लेकिन अब उस मैच तक पहुंचने के लिए भी संघर्ष कर रही है.
हम आपको 5 बिंदुओं के माध्यम से बता रहे हैं कि टीम में क्या-क्या बदलाव की आवश्यकता है…
1. टॉप ऑर्डर में बदलाव
188 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी टीम इंडिया को एक मजबूत शुरुआत की आवश्यकता थी. साउथ अफ्रीकी कप्तान एडेन मार्करम ने रणनीति में बदलाव करते हुए खुद ही गेंदबाजी के लिए आ गए. उनकी ऑफ स्पिन की जाल में ईशान किशन फंस गए. वह खाता खोले बगैर आउट हो गए. तिलक वर्मा 1 रन बनाकर मार्को यानसेन का शिकार बन गए. पांचवें ओवर में अभिषेक शर्मा को भी यानसेन ने पवेलियन भेज दिया. इससे मैच में टीम इंडिया पिछड़ गई. टॉप-3 में तीन बाएं हाथ के बल्लेबाजों के होने से विपक्षी टीमों को आसानी हो रही है और वे ऑफ स्पिन या स्लोअर गेंदों का इस्तेमाल कर इन्हें लगातार आउट कर रहे हैं. अब भारत को रणनीति में बदलाव करना होगा. माना जा रहा है कि अगले मैच में तिलक वर्मा की जगह संजू सैमसन वापस लौट सकते हैं.
2. अक्षर पटेल की वापसी
इस मैच में अक्षर पटेल को प्लेइंग इलेवन में शामिल न करना सबसे चौंकाने वाला फैसला रहा. क्या टीम मैनेजमेंट ने एक ऑलराउंडर के रूप में उनकी अहमियत को कम आंका? अक्षर न केवल बीच के ओवरों में किफायती गेंदबाजी करते हैं, बल्कि निचले क्रम में उनकी बल्लेबाजी टीम को गहराई देती है. माना जा रहा है साउथ अफ्रीकी बल्लेबाजी लाइन अप में तीन बाएं हाथ का बल्लेबाज होने के कारण अक्षर को बाहर रखा गया. इसके उलट साउथ अफ्रीका ने भारत के 7 बाएं हाथ के बल्लेबाजों के सामने अनुभवी बाएं हाथ के स्पिनर केशव महाराज को उतार दिया. महाराज ने 3 ओवर में 24 रन पर 3 विकेट लेकर यह साबित कर दिया कि बाएं हाथ का स्पिनर भी बाएं हाथ के बल्लेबाज के सामने कमाल कर सकता है. महाराज ने 3 में से 2 विकेट बाएं हाथ के बल्लेबाजों के लिए. अब टीम इंडिया को भी इससे सीखना चाहिए और अपने अहम खिलाड़ी को लगातार टीम में बनाए रखना चाहिए.
3. बल्लेबाजों को अपने रवैये में बदलाव करना होगा
आधुनिक टी20 क्रिकेट में ‘इंटेंट’ यानी इरादे सबसे जरूरी हैं. इस मैच में भारतीय बल्लेबाज लक्ष्य का पीछा करते हुए बहुत सुस्त दिखे. बीच के ओवरों में स्ट्राइक रोटेट न करना और जोखिम न लेना यह दिखाता है कि टीम में कहीं न कहीं आत्मविश्वास की कमी है. 3 विकेट गिर जाने के बाद पूरी टीम दबाव में आ गई और 14 ओवर तक 5 विकेट पर सिर्फ 86 रन ही बना पाई. द्विपक्षीय सीरीज में ऐसा देखने को नहीं मिला था. भारत विकेट गिरने के बावजूद तेजी से रन बनाता था, लेकिन आईसीसी इवेंट में यह पूरी तरह से उलट हो गया है. इसे सुधारे बिना आगे के मैचों में टीम को जीत नहीं मिलने वाली.
4. बेअसर डेथ ओवर बॉलिंग
अंतिम ओवरों में लगातार रन लुटाना भारत की पुरानी कमजोरी रही है. गेंदबाजों का सटीक यॉर्कर डालने में नाकाम होना और दबाव के क्षणों में गलत लेंथ चुनना, विपक्षी टीम के लिए राह आसान कर देता है. डेथ ओवर्स में अनुशासनहीनता का मतलब है कि आप मैच से बाहर हो रहे हैं. बुमराह को छोड़कर सभी रन लुटाने में लगे हैं. अर्शदीप सिंह और हार्दिक पांड्या साउथ अफ्रीका के खिलाफ फेल हो गए. हार्दिक ने आखिरी ओवर में 20 रन देकर टीम को पूरी तरह से दबाव में ला दिया.
5. नेट रनरेट बढ़ाने पर ध्यान
इस हार के बाद भारत का नेट रनरेट (NRR) बुरी तरह प्रभावित हुआ है. क्या अब भारत को सेमीफाइनल में पहुंचने के लिए चमत्कारों की जरूरत होगी? अब न केवल अगले मैच बड़े अंतर से जीतने होंगे, बल्कि ग्रुप की दूसरी टीमों के नतीजों पर भी निर्भर रहना होगा. भारत का नेट रनरेट 3.800 हो गया है. उसे वेस्टइंडीज या जिम्बाब्वे वाले मैच इस तरह की जीत चाहिए होगी. अब देखना है कि टीम इंडिया आगामी मुकाबलों में किस तरह चुनौती पेश करती है.