इच्छामृत्यु तख्तियों की माला पहनकर कलेक्टर से मांगी अनुमति: पार्षद से विवाद के बाद बर्खास्त कर्मचारी की अपील; बदसलूकी के ऑडियो का भी जिक्र – Indore News

इच्छामृत्यु तख्तियों की माला पहनकर कलेक्टर से मांगी अनुमति:  पार्षद से विवाद के बाद बर्खास्त कर्मचारी की अपील; बदसलूकी के ऑडियो का भी जिक्र – Indore News




जनवरी 2025 में अवैध निर्माण के नोटिस को लेकर शुरू हुआ विवाद एक बार फिर सुर्खियों में है। इस मामले में नगर निगम के पूर्व कर्मचारी यतीन्द्र यादव ने मंगलवार को कलेक्टर की जनसुनवाई में आवेदन देकर इच्छा मृत्यु की अनुमति की मांग की है। पिछले साल यह पूरा विवाद तब सामने आया था जब अवैध निर्माण का नोटिस चस्पा करने को लेकर भाजपा पार्षद कमलेश कालरा का एक कथित ऑडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। वायरल ऑडियो में पार्षद द्वारा निगम कर्मचारी यतीन्द्र के साथ अभद्र भाषा का प्रयोग करने और नौकरी से निकालने की धमकी देने का आरोप लगा था। मामला बढ़ते-बढ़ते दो पार्षदों के बीच विवाद तक पहुंच गया था। विवाद के दौरान पार्षद कमलेश कालरा के घर पर कुछ लोगों द्वारा हमला किए जाने की घटना भी सामने आई थी। इस पूरे प्रकरण में भाजपा पार्षद जीतू यादव के खिलाफ पार्टी स्तर पर कार्रवाई की गई थी। वहीं, बाद में निगम कर्मचारी यतीन्द्र यादव को नौकरी से हटा दिया गया था। गले में पहने तख्तियों में दिखाया अपना और परिवार का दर्द मंगलवार को यतीन्द्र यादव गले में तख्तियों की माला पहनकर पहुंचे। इन पर लिखा था “कलेक्टर साहब इच्छा मृत्यु की अनुमति दीजिए”, “एक साल से इंसाफ नहीं मिला, अब इच्छा मृत्यु”, “ईमानदारी की मुझे कीमत मिली इच्छा मृत्यु”, “मेरे मर जाने के बाद मेरे परिवार से यह दाग हटा देना’, “सब निगमकर्मी मेरी मृत्यु से सबक लेना’। यह देख वहां मौजूद लोग, अधिकारी और कलेक्टर शिवम वर्मा भी अवाक रह गए। यतीन्द्र कलेक्टर को आवेदन सौंपते हुए कहा कि घटना के बाद उनकी बातचीत का ऑडियो सोशल मीडिया पर वायरल किया गया, जिससे उनकी सामाजिक प्रतिष्ठा को ठेस पहुंची। उन्होंने आरोप लगाया कि पार्षद के प्रभाव के कारण उन्हें नौकरी से निकाला गया। यतीन्द्र ने आवेदन में उल्लेख किया कि 15 वर्षों की सेवा के दौरान उनके खिलाफ कभी कोई शिकायत दर्ज नहीं हुई थी। वर्तमान में वे और उनका परिवार सामाजिक तानों, आर्थिक संकट और मानसिक अवसाद से गुजर रहे हैं। उन्होंने कहा कि वे आत्महत्या नहीं करना चाहते, लेकिन परिस्थितियों से परेशान होकर इच्छा मृत्यु की अनुमति की मांग कर रहे हैं। कलेक्टर ने उनसे पूछा कि क्या आपने निगम कमिश्नर को आवेदन दिया है तो यतींद्र ने कहा कि हां मैंने सितंबर 2025 में आवेदन दिया था लेकिन कुछ नहीं हुआ। अब पांच मेरी नौकरी भी चली गई है। मैं इच्छा मृत्यु चाहता हूं जिसके लिए अनुमति चाहिए। फिलहाल प्रशासन ने आवेदन रख लिया है। मामले में आगे क्या कार्रवाई होगी, इस पर नजर है। देशभर में चर्चा में रहा मामला
जनवरी 2025 में सामने आया यह विवाद देशभर में चर्चा का विषय बना था। वायरल ऑडियो के बाद राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में भी तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिली थी। हैं।



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