गर्मी में आधी बाल्टी दूध देगी भैंस! अगर पशुपालकों ने नहीं किया ये इंतजाम तो बंद करनी पड़ेगी दुकान

गर्मी में आधी बाल्टी दूध देगी भैंस! अगर पशुपालकों ने नहीं किया ये इंतजाम तो बंद करनी पड़ेगी दुकान


होमताजा खबरकृषि

गर्मी में आधी बाल्टी दूध देगी भैंस! करें ये इंतजाम नहीं तो बंद करनी होगी दुकान

Last Updated:

Buffaloes Care Tips: भैंस काली होती है, इसलिए गर्मी में उसे गाय की अपेक्षा ज्यादा गर्मी लगती है. ज्यादा गर्मी लगने से उसका दूध उत्पादन आधा हो जाता है. अमूमन दूध व्यापार भैंस पर ही टिका होता है. ऐसे में अगर पशु पालकों ने ये उपाय नहीं किए तो उनको बड़ा घाटा हो सकता है.

Animal Husbandry Tips: गर्मी शुरू होते ही भैंस पालकों की चिंता बढ़ जाती है. तेज गर्मी और लू का असर सबसे ज्यादा भैंसों पर पड़ता है, जिससे दूध उत्पादन अचानक कम हो सकता है. कई मामलों में दूध की मात्रा 10 से 15 प्रतिशत तक घट जाती है, जिससे पशुपालकों या किसानों की आय पर सीधा असर पड़ता है. खासकर निमाड़ और खंडवा जैसे क्षेत्रों में जहां गर्मी ज्यादा पड़ती है, वहां भैंसों की सही देखभाल करना बेहद जरूरी हो जाता है. पशुपालन विशेषज्ञ के अनुसार, भैंसों की त्वचा काली होती है और उनमें पसीने की ग्रंथियां कम होती हैं, इसलिए उन्हें गायों की तुलना में ज्यादा गर्मी लगती है. अगर समय पर सही खान-पान, पानी और ठंडक का इंतजाम नहीं किया जाए तो भैंसें बीमार भी पड़ सकती हैं और दूध देना कम कर देती हैं.

गर्मी में ऐसे रखें भैंसों का ख्याल

  • ठंडे समय में खिलाएं चारा.
  • गर्मी के दिनों में भैंसों को सुबह जल्दी या शाम को चारा देना ज्यादा फायदेमंद होता है.
  • दोपहर के समय भारी भोजन देने से बचें, क्योंकि इससे शरीर का तापमान बढ़ जाता है.
  • हरा चारा जरूर शामिल करें.
  • भैंस के आहार में 60 प्रतिशत हरा चारा और 40 प्रतिशत सूखा चारा होना चाहिए.
  • हरे चारे जैसे नेपियर घास, बरसीम और लोबिया से शरीर ठंडा रहता है और दूध उत्पादन बेहतर होता है.

जरूरी पोषक तत्व दें
प्रतिदिन 50 ग्राम मिनरल मिक्सचर और 50 ग्राम नमक चारे में मिलाकर दें. इसके अलावा 100 से 150 ग्राम गुड़ पानी में मिलाकर देने से ऊर्जा मिलती है.शाम के समय 250 ग्राम गेहूं का आटा और 200–300 ग्राम सरसों का तेल मिलाकर खिलाने से भी दूध उत्पादन बढ़ता है.

पानी का भी विशेष ध्यान

  • भरपूर पानी पिलाएं.
  • एक भैंस को रोजाना 60-80 लीटर साफ और ठंडा पानी चाहिए. दिन में कम से कम 3-4 बार पानी जरूर पिलाएं. पानी के बर्तन छाया में रखें.
  • नहलाना जरूरी है.
  • भैंसों को दिन में 2-3 बार पानी से नहलाएं या तालाब या पानी के कुंड में बैठने दें. इससे शरीर का तापमान कम होता है और हीट स्ट्रेस से राहत मिलती है.
  • पशुशाला रखें हवादार. पशुशाला में पंखे, कूलर या मिस्ट स्प्रे का उपयोग करें. छत पर चूने की सफेदी या बोरी डालने से भी गर्मी कम होती है और पशु आराम में रहते हैं.

देसी उपाय फायदेमंद
किसान भावेश पटेल बताते हैं कि गर्मी में भैंसों को 500 ग्राम सौंफ और 500 ग्राम जीरा पीसकर खिलाने से पाचन बेहतर होता है. दूध उत्पादन बढ़ता है. इसके अलावा रोजाना 1 किलो तरबूज खिलाने से शरीर में पानी की कमी नहीं होती और भैंसें स्वस्थ रहती हैं.

इन लक्षणों को न करें नजरअंदाज
अगर भैंस तेजी से सांस ले रही है, खाना कम कर रही है या सुस्त नजर आ रही है तो यह हीट स्ट्रेस के संकेत हो सकते हैं. ऐसी स्थिति में तुरंत पशु चिकित्सक से संपर्क करना जरूरी है. अगर किसान समय पर सही देखभाल, संतुलित आहार और ठंडक का इंतजाम करें तो गर्मी में भी दूध उत्पादन को कम होने से बचाया जा सकता है और नुकसान की बजाय अच्छा मुनाफा लिया जा सकता

About the Author

Rishi mishra

एक दशक से अधिक समय से पत्रकारिता में सक्रिय. प्रिंट मीडिया से शुरुआत. साल 2023 से न्यूज 18 हिंदी के साथ डिजिटल सफर की शुरुआत. न्यूज 18 के पहले दैनिक जागरण, अमर उजाला में रिपोर्टिंग और डेस्क पर कार्य का अनुभव. म…और पढ़ें



Source link