धार की ऐतिहासिक भोजशाला मामले में सोमवार को मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर खंडपीठ में एएसआई (ASI) सर्वे रिपोर्ट पर अहम सुनवाई हुई। इसके बाद मंगलवार को धार में हिंदू समाज ने रिपोर्ट में मंदिर के अवशेष मिलने के दावे के साथ आतिशबाजी कर जश्न मनाया, वहीं मुस्लिम समाज ने नई रिपोर्ट पर कड़ी आपत्ति जताते हुए इसे 1904 के सर्वे के विपरीत बताया है। फिलहाल, कोर्ट ने दोनों पक्षों को रिपोर्ट पर अपनी आपत्तियां दर्ज कराने के लिए 15 दिन का समय दिया है और मामले की अगली सुनवाई 16 मार्च 2026 तय की है। हाईकोर्ट में सुनवाई के बाद मंगलवार को भोज उत्सव समिति के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने भोजशाला परिसर के बाहर आतिशबाजी कर खुशी जाहिर की। समिति के संयोजक गोपाल शर्मा ने इसे हिंदू समाज की ऐतिहासिक विजय बताया। उन्होंने कहा कि एएसआई की सर्वे रिपोर्ट में मिले प्रमाण यह सिद्ध करते हैं कि भोजशाला सनातन आस्था का प्रमुख केंद्र रही है और यहां मां सरस्वती का भव्य मंदिर एवं गुरुकुल स्थापित था। यह वर्षों के संघर्ष का सकारात्मक परिणाम और सनातन समाज के लिए गर्व का विषय है। हिंदू संगठनों का दावा- सर्वे में मिले मंदिर होने के प्रमाण
हिंदू संगठनों ने बताया कि एएसआई द्वारा कोर्ट में पेश की गई सर्वे रिपोर्ट की प्रति दोनों पक्षों को दे दी गई है। रिपोर्ट के आधार पर दावा किया गया है कि परिसर में सर्वे के दौरान मिले स्तंभ, शिलालेख, मूर्तियां और अन्य अवशेष स्पष्ट रूप से हिंदू संस्कृति के प्रतीक हैं। संगठनों का कहना है कि जमीन के भीतर खुदाई में जो मूर्तियां और संरचनात्मक अवशेष मिले हैं, वे इस बात के ठोस प्रमाण हैं कि यहां प्राचीन काल में मंदिर स्थापित था। मुस्लिम पक्ष बोला- 1904 के सर्वे में तय हुआ था कि यह मस्जिद है
दूसरी ओर, मुस्लिम समाज के सदर अब्दुल समद ने सर्वे रिपोर्ट पर आपत्ति जताई है। उन्होंने कहा कि हम शुरू से ही इस सर्वे को लेकर ऑब्जेक्शन लेते आ रहे हैं। 1903 और 1904 में एएसआई के ही सर्वे में यह स्पष्ट रूप से तय किया गया था कि यह स्थान मस्जिद है और उसकी संरचना भी मस्जिद जैसी ही है। उन्होंने कहा कि अब नए सर्वे रिपोर्ट में कई तथ्य बदले हुए नजर आ रहे हैं। इन्हीं बदलावों को लेकर वे कोर्ट में 15 दिन के भीतर विधिवत अपनी आपत्तियां दर्ज कराएंगे। ‘2003 के बाद चीजें बदली गईं, रिपोर्ट में मस्जिद का भी जिक्र’
सदर अब्दुल समद ने दावा किया कि 2003 के बाद से परिसर में कई चीजें बदली गई हैं, जिन्हें अब सर्वे के नाम पर पेश किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि वे शुरू से इसका विरोध करते आ रहे हैं और आगे भी करेंगे। समद ने यह भी दावा किया कि नई सर्वे रिपोर्ट में भी इस बात का स्पष्ट रूप से उल्लेख है कि यह स्थान मस्जिद है। 16 मार्च को होगी मामले की अगली सुनवाई
हाईकोर्ट ने दोनों पक्षों को निर्धारित समय सीमा में अपने दावे, आपत्तियां और सुझाव पेश करने के स्पष्ट निर्देश दिए हैं। अब इस बहुचर्चित मामले की अगली सुनवाई 16 मार्च 2026 को होगी। इस सुनवाई में सर्वे रिपोर्ट के प्रत्येक बिंदु पर विस्तृत बहस होने की संभावना है। भोजशाला मामले को लेकर धार सहित पूरे प्रदेश में चर्चाओं का दौर जारी है।
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