प्रदेश के विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ-साथ रोजगारपरक कौशल से जोड़ने के लिए उच्च शिक्षा विभाग नई पहल करने जा रहा है। बुधवार को मुंबई के बोर्ड ऑफ अप्रेंटिसशिप ट्रेनिंग (पश्चिमी क्षेत्र) के साथ विभाग द्वारा समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए जाएंगे। कार्यक्रम का आयोजन सरोजिनी नायडू गवर्नमेंट गर्ल्स पोस्ट ग्रेजुएट ऑटोनॉमस कॉलेज में होगा। इस पहल के माध्यम से महाविद्यालयों और विश्वविद्यालयों के विद्यार्थियों को अप्रेंटिसशिप से जोड़ते हुए उन्हें उद्योग आधारित व्यावहारिक अनुभव प्रदान किया जाएगा, जिससे उनकी रोजगार क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि हो सकेगी। एमओयू का उद्देश्य और कार्ययोजना समझौता ज्ञापन का मुख्य उद्देश्य महाविद्यालयों एवं विश्वविद्यालयों में अध्ययनरत विद्यार्थियों को नेशनल अप्रेंटिसशिप ट्रेनिंग स्कीम से जोड़ना है। कार्यक्रम के दौरान बोर्ड ऑफ अप्रेंटिसशिप ट्रेनिंग के अधिकारी संस्थानों के प्रतिनिधियों को नेशनल अप्रेंटिसशिप ट्रेनिंग स्कीम (NATS) पोर्टल की कार्यप्रणाली की विस्तृत जानकारी देंगे। शैक्षणिक सत्र 2025-26 से अप्रेंटिसशिप एम्बेडेड डिग्री/डिप्लोमा प्रोग्राम (एईडीबी) लागू करने वाले संस्थानों को विशेष प्रशिक्षण और मार्गदर्शन भी प्रदान किया जाएगा, ताकि अकादमिक पाठ्यक्रम में अप्रेंटिसशिप को प्रभावी ढंग से शामिल किया जा सके। विद्यार्थियों को मिलेगा उद्योग आधारित अनुभव इस पहल से विद्यार्थियों को पढ़ाई के दौरान ही उद्योगों में कार्य करने का अवसर मिलेगा। इससे उन्हें वास्तविक कार्य परिवेश का अनुभव प्राप्त होगा और वे तकनीकी व व्यवहारिक कौशल विकसित कर सकेंगे। अकादमिक शिक्षा को उद्योग की आवश्यकताओं से जोड़ने का यह प्रयास युवाओं को भविष्य के रोजगार अवसरों के लिए अधिक सक्षम और प्रतिस्पर्धी बनाएगा। साथ ही, डिग्री प्राप्त करने के बाद नौकरी की तलाश में लगने वाला समय भी कम हो सकेगा। यह प्रमुख अधिकारी रहेंगे उपस्थित एमओयू हस्ताक्षर कार्यक्रम में अपर मुख्य सचिव, उच्च शिक्षा अनुपम राजन, आयुक्त उच्च शिक्षा प्रबल सिपाहा, सेवानिवृत्त आईएएस और सेंटर ऑफ रिसर्च इन पॉलिसिज के संस्थापक सदस्य राधेश्याम जुलानिया तथा बोर्ड ऑफ अप्रेंटिसशिप ट्रेनिंग (वेस्टर्न रीजन) के निदेशक-प्रशिक्षण डॉ. पीएन जुमले उपस्थित रहेंगे। इसके अलावा प्रदेश के 85 महाविद्यालयों और 8 विश्वविद्यालयों के प्राचार्य और नोडल प्राध्यापक भी कार्यक्रम में शामिल होंगे। यह पहल उच्च शिक्षा को कौशल आधारित और रोजगारपरक बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
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