छतरपुर में सिटी कोतवाली थाने के पास बालाजी मंदिर के समीप उस वक्त अचानक अफरा-तफरी मच गई, जब सड़क से गुजर रहे एक युवक को साइलेंट हार्ट अटैक आ गया। शख्स चक्कर खाकर सड़क पर गिर पड़ा और उसकी सांसें थमने लगीं। लेकिन मौके पर मौजूद एक जागरूक राहगीर की तत्परता और सही समय पर दिए गए सीपीआर (CPR) से युवक को नया जीवनदान मिल गया। फिलहाल, जिला अस्पताल में भर्ती युवक की हालत खतरे से बाहर और स्थिर बताई जा रही है। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, युवक बालाजी मंदिर के पास से पैदल ही गुजर रहा था। तभी उसे अचानक तेज चक्कर आया और वह सड़क पर गिरकर पूरी तरह बेहोश हो गया। देखते ही देखते वहां लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई। हालात की गंभीरता को समझते हुए वहां मौजूद राहगीर अभिषेक कुशवाहा आगे आए और तुरंत युवक की नब्ज जांची। स्थिति बिगड़ती देख अभिषेक ने बिना एक पल की देरी किए युवक की छाती पर दबाव बनाते हुए उसे सीपीआर (CPR) देना शुरू कर दिया। घटना बुधवार की है। लगातार CPR से लौटी जान, एंबुलेंस से भेजा अस्पताल
राहगीर अभिषेक द्वारा कुछ मिनट तक लगातार और सही तरीके से सीपीआर दिए जाने के बाद चमत्कारिक रूप से युवक की सांसें वापस सामान्य होने लगीं और उसके शरीर में हलचल हुई। इसके बाद मौके पर मौजूद लोगों ने राहत की सांस ली और तुरंत एंबुलेंस को सूचना दी। मौके पर पहुंची मेडिकल टीम ने प्राथमिक उपचार के बाद युवक को तुरंत जिला अस्पताल रेफर कर दिया, जहां डॉक्टरों की देखरेख में उसका इलाज जारी है। डॉक्टर बोले- समय पर CPR मिलना ही बना जीवनदान
अस्पताल के डॉक्टरों ने बताया कि ‘साइलेंट अटैक’ के ऐसे गंभीर मामलों में शुरुआत के कुछ मिनटों में सीपीआर मिलना ही मरीज के लिए सबसे महत्वपूर्ण होता है। अगर समय पर यह मदद न मिलती तो स्थिति बेहद गंभीर या जानलेवा हो सकती थी। स्थानीय लोगों और चिकित्सकों ने अभिषेक कुशवाहा की इस तत्परता, समझदारी और साहस की जमकर सराहना की है। साथ ही, डॉक्टरों ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि वे सीपीआर की बुनियादी जानकारी जरूर सीखें, ताकि ऐसी आपात स्थिति में किसी अनमोल जान को बचाया जा सके।
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