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मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने राज्यसभा चुनाव से दूरी बना ली है. उन्होंने कहा कि उनके राज्यसभा में दो टर्म पूरे हो गए हैं. इसी वजह से उन्होंने यह फैसला लिया है. राज्यसभा में दो टर्म पूरे होने के बाद तीसरा टर्म नहीं लेना चाहिए. मैंने पार्टी के आदेश का पालन किया है.
दिग्विजय सिंह
मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह अपने एक दिवसीय प्रवास पर आज राजनांदगांव के दौरे पर हैं. जहां उन्होंने कहा कि नक्सलियों को ना हमारा समर्थन पहले था ना कभी रहेगा. वहीं राज्य सरकार पर निशाना चाहते हुए उन्होंने कहा कि यह भाजपा सरकार बस्तर के संसाधनों के दोहन के लिए लोगों को प्रताड़ित कर रही है और उन्हें जेल में डाल रही है. इसके अलावा राज्यसभा चुनाव को लेकर भी उन्होंने बड़ी बात कही है.
राज्यसभा चुनाव को लेकर दिग्विजय सिंह ने कही ये बात
राज्यसभा चुनाव को लेकर भी दिग्विजय सिंह ने कहा कि राज्यसभा में मेरा दो टर्म पूरा हो गया है, जिसके कारण मैं राज्यसभा चुनाव में भाग नहीं ले रहा हूं. मैंने पार्टी के आदेश का पालन किया है और मैं अभी लगातार सक्रिय राजनीति में बना रहूंगा. उन्होंने राज्यसभा चुनाव से दूसरी बना ली है. आपको बता दें कि दिग्विजय सिंह दो बार से राज्यसभा सांसद बने हुए हैं और उनका कार्यकाल 10 अप्रैल 2026 को पूरा हो रहा है.
नक्सलवाद को लेकर भी बोले दिग्विजय सिंह
केंद्र सरकार ने छत्तीसगढ़ से नक्सवाद को खत्म करने की डेडलाइन 31 मार्च 2026 रखी है. इसी को लेकर दिग्विजय सिंह ने कहा कि कांग्रेस ने नक्सलवाद का समर्थन कभी नहीं किया है. नक्सली हिंसा का प्रतीक हैं. हमने हमेशा कहा है उनके मुद्दे सही हो सकते हैं, लेकिन रास्ते गलत हैं. आदिवासी इलाकों में स्थानीय प्रशासन दवाब में नियमों का उल्लंघन करता रहा इसलिए नक्सलवाद पनपा है. हम भी नक्सली हिंसा के खिलाफ हैं. हमने कभी इसका समर्थन नहीं किया है. हम आदिवासियों के हकों के समर्थन में हैं.
दिग्विजय सिंह ने बीजेपी पर साधा निशाना
केरल का नाम बदलने पर दिग्विजय सिंह ने कहा कि बीजेपी केवल सड़कों के नाम, शहरों के नाम बदल रही है. उनके सारे मुद्दे असफल रहे हैं. देश को अमेरिका का गुलाम बना रहे हैं. किसानों का हक अमेरिका को दे रहे हैं. यहां के किसान और अमेरिका के किसान की बराबरी कैसे हो सकती है? डोनाल्ड ट्रंप चाहते है वहां का मक्का भारत आए. अगर वहां का मक्का यहां आएगा, तो भारत के किसान के उपज के भाव कम होंगे. भारत के इतिहास में आज तक इस प्रकार का समझौता किसी प्रधानमंत्री ने नहीं किया.