भोपाल की शान बची अब सिर्फ 9 किलोमीटर! आखिर क्यों सिमटता जा रहा भोजताल, जानें वजह

भोपाल की शान बची अब सिर्फ 9 किलोमीटर! आखिर क्यों सिमटता जा रहा भोजताल, जानें वजह


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Why Bada Talab is Shrinking: भोपाल का मशहूर भोजताल जो कभी 31 वर्ग किलोमीटर में फैला था, अब सिमटकर सिर्फ 9 किलोमीटर रह गया है और यह चिंता का विषय बन चुका है. 11वीं सदी में राजा भोज द्वारा बनवाया गया यह ऐतिहासिक तालाब आज अतिक्रमण, प्रदूषण और शहरी विकास की मार झेल रहा है. भोपाल की 40 प्रतिशत से ज्यादा आबादी इसी तालाब के पानी पर निर्भर है, इसलिए इसका घटता दायरा शहर के भविष्य के लिए खतरे की घंटी है. लोक कथाओं के अनुसार यह तालाब राजा भोज के चर्म रोग से मुक्ति के लिए बनाया गया था, जो इसे और भी रहस्यमय बनाता है. जानिए इस खास रिपोर्ट में कि आखिर क्यों भोपाल की पहचान माने जाने वाला बड़ा तालाब धीरे-धीरे खत्म होता जा रहा है.

Bhojtal Shrinking Reason: “तालों में भोपाल ताल, बाकी सब तलैया…”
ये लाइन हर भोपाली ने कभी न कभी गर्व से जरूर कही होगी. और क्यों न कहे? राजधानी भोपाल की असली पहचान ही उसका भोजताल, यानी बड़ा तालाब है. लेकिन अब यही तालाब अपने वजूद के लिए जंग लड़ रहा है.

कभी करीब 31 वर्ग किलोमीटर में फैला ये विशाल जलाशय आज सिमटकर सिर्फ लगभग 9 वर्ग किलोमीटर रह गया है. सोचिए, एक दशक में इतनी बड़ी कमी! हाल ही में भोपाल सांसद आलोक शर्मा ने भी इस मुद्दे पर प्रशासन को चेताया है. सवाल ये है कि आखिर ऐसा क्यों हो रहा है?

कैसे बना था बड़ा तालाब?
इतिहासकार बताते हैं कि 11वीं सदी में परमार वंश के राजा भोज ने इस विशाल तालाब का निर्माण करवाया था. कहा जाता है कि उन्होंने कोलांस नदी पर बांध बनवाकर पानी रोका और एक बड़े जलाशय का रूप दिया. राजा भोज के नाम पर ही इसे भोजताल कहा जाने लगा. उस दौर में इतनी बड़ी मानव निर्मित झील बनवाना अपने आप में एक अद्भुत काम था. यही वजह है कि इसे देश की सबसे बड़ी मानव निर्मित झीलों में गिना जाता है.

क्या सच में बीमारी से मुक्ति के लिए बना था तालाब?
लोक कथाओं में एक दिलचस्प कहानी भी सुनने को मिलती है. कहा जाता है कि राजा भोज किसी गंभीर चर्म रोग से पीड़ित थे. वैद्यों ने सलाह दी कि 365 जल स्रोतों का पानी मिलाकर एक विशाल सरोवर बनाया जाए.

राजा ने वैसा ही किया. मान्यता है कि इस तालाब में स्नान करने से उन्हें राहत मिली. हालांकि ये बातें सिर्फ किस्सों में मिलती हैं, इतिहास में इसका ठोस प्रमाण नहीं है.

क्यों सिमट रहा है भोजताल?
अब सबसे बड़ा सवाल आखिर इतना विशाल तालाब घटकर 9 किमी तक कैसे रह गया? विशेषज्ञों के मुताबिक वजहें साफ हैं कि लगातार अतिक्रमण, गाद जमना, बढ़ता प्रदूषण, अनियोजित शहरी विकास. सबसे चिंताजनक बात ये है कि भोपाल की लगभग 40% आबादी को पीने का पानी इसी तालाब से मिलता है. यानी ये सिर्फ एक झील नहीं, भोपाल की लाइफलाइन है. अगर अब भी नहीं चेते, तो आने वाले सालों में भोपाल अपनी सबसे बड़ी पहचान खो सकता है.

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shweta singh

Shweta Singh, currently working with News18MPCG (Digital), has been crafting impactful stories in digital journalism for more than two years. From hyperlocal issues to politics, crime, astrology, and lifestyle,…और पढ़ें



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