मंदसौर स्थित अनामिका आश्रय गृह ने 60 वर्षीय सूरजमुखी का सफल पुनर्वास किया है। सूरजमुखी उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद जिले के भारोल गांव की निवासी हैं और करीब डेढ़ साल पहले मानसिक असंतुलन की स्थिति में मल्हारगढ़ क्षेत्र में मिली थीं। पति के निधन के बाद उनका मानसिक संतुलन बिगड़ गया था। वे उत्तर प्रदेश से ट्रेन द्वारा मल्हारगढ़, मंदसौर तक आईं। मल्हारगढ़ पुलिस ने उन्हें सुरक्षित संरक्षण में लेकर आश्रय गृह भेजा। आश्रय गृह में उन्हें नियमित उपचार और देखभाल प्रदान की गई। दशपुर बीसा पोरवाल ग्रुप के सहयोग से उनका इलाज कराया गया। डेढ़ वर्ष तक चले उपचार और देखभाल के बाद वे पूरी तरह स्वस्थ हो गईं। गांव की जानकारी जुटाकर मंदसौर पहुंचे महिला के स्वास्थ्य लाभ के बाद उन्होंने अपने गांव का पता बताया। गूगल के माध्यम से गांव की जानकारी जुटाई गई और वहां की पुलिस से संपर्क किया गया। उनके पुत्र दीपक दिवाकर बुधवार को मंदसौर पहुंचे। डेढ़ साल बाद मां-बेटे के आमने-सामने होने पर आश्रय गृह का माहौल भावुक हो गया। दोनों की आंखों में खुशी और अपनापन के आंसू साफ नजर आए। अनामिका आश्रय गृह की संचालिका अनामिका जैन ने बताया कि सूरजमुखी का पुनर्वास इस कड़ी में एक और सकारात्मक उपलब्धि है। आश्रय गृह अब तक कुल 54 महिलाओं का सफल उपचार और पुनर्वास कर चुका है।
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