मनुष्य को जीवन में सत्य का पालन करना चाहिए, सत्य से श्रेष्ठ कोई धर्म नहीं है : शास्त्री – Raisen News

मनुष्य को जीवन में सत्य का पालन करना चाहिए, सत्य से श्रेष्ठ कोई धर्म नहीं है : शास्त्री – Raisen News




भास्कर संवाददाता| बम्हौरी कस्बा बम्हौरी में संगीतमय श्री शिव महापुराण कथा और पंच कुंडीय महायज्ञ के तृतीय दिवस पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। कथा पंडाल में भक्ति और आस्था का माहौल रहा। राष्ट्रीय प्रवक्ता रामनरेश शास्त्री ने कथा में विदेश्वर संगीता प्रसंग सुनाया। उन्होंने कहा कि सत्य से श्रेष्ठ कोई तप नहीं है। भगवान विष्णु ने हमेशा सत्य का अनुसरण किया। इसी कारण उनका नाम सत्यनारायण पड़ा। उन्होंने कहा कि असत्य से बड़ा कोई पाप नहीं है। शास्त्री ने कहा कि ब्रह्मा जी ने एक बार असत्य बोला। उन्हें लोक में अपयश सहना पड़ा। आज भी उनका व्यापक पूजन नहीं होता। उन्होंने कहा कि सत्य ही तप है। सत्य ही नारायण है। सत्य ही शिव हैं। मनुष्य को जीवन में सत्य का पालन करना चाहिए। सत्य से श्रेष्ठ कोई धर्म नहीं है। कथा के दौरान उन्होंने ॐ की महिमा बताई। उन्होंने कहा कि ॐ नमः शिवाय मंत्र बहुत प्रभावशाली है। यह कल्याणकारी है। इस मंत्र के जाप से मनुष्य के समस्त कष्ट दूर होते हैं। आत्मिक शांति मिलती है। इस मौके पर मुख्य यजमान सहित भैया मिथुन कुमार ने परम पूज्य शास्त्री जी को श्रीफल भेंट किया। साफा पहनाकर सम्मानित किया। आशीर्वाद लिया। यज्ञ स्थल पर भी भक्तों की अपार भीड़ रही। श्रद्धालुओं ने यज्ञ की परिक्रमा की। आहुति दी। पुण्य लाभ अर्जित किया। वातावरण भक्ति, श्रद्धा और हर-हर महादेव के जयघोष से गूंजता रहा।



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