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MP Bus Operators Strike Warning: बस ऑपरेटरों का आरोप है कि नीति से उन पर आर्थिक बोझ बढ़ेगा और हजारों रोजगार संकट में आ सकते हैं. हड़ताल से होली का त्यौहार नजदीक होने से यात्रियों, छात्रों और व्यापारिक गतिविधियों पर व्यापक असर पड़ेगा. उनकी मांग न पूरी होने पर 2 मार्च से बस एसोसिएशन अनिश्चितकालीन हड़ताल का एलान कर चुका है.
MP Bus Operators Strike Warning: बस ऑपरेटर्स यूनियन के प्रदेश सचिव प्रमोद सिंह ने बताया कि सरकार व्यावहारिक समस्याएं नहीं समझना चाह रही. मुख्यमंत्री, परिवहन मंत्री से मुलाकात के बाद भी कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला है. जो कंपनियां अनुबंध कर रही हैं, वह केवल 6 महीने का है. ऐसे में वह धीरे-धीरे अपनी बस लगाएंगे और हम लोगों को अलग करते जाएंगे. इससे सैकड़ों लोग बे-रोजगार होंगे और हम लोगों का धंधा पानी बंद हो जाएगा. इसलिए अब एक हफ्ते का समय सरकार को दिया है, नहीं तो 2 तारीख से हड़ताल शुरू हो जाएगी.
बता दें, मध्य प्रदेश सरकार अप्रैल 2026 से नई परिवहन नीति लागू करने का लक्ष्य बनाए हुए हैं. यह परिवहन सेवा ग्रामीण और शहरी क्षेत्र के बीच सस्ती सुरक्षित तरीके से समय पर उपलब्ध कराई जाएगी. सरकार खुद बसें नहीं खरीदेगी, बल्कि सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP) मॉडल पर काम करेगी. बसें निजी ऑपरेटर्स की होंगी, लेकिन उनका नियंत्रण और निगरानी सरकार के पास होगी. बसों की ट्रैकिंग, ई-टिकटिंग और टाइम-टेबल के लिए एक मोबाइल एप और डैशबोर्ड बनाया जाएगा.
त्रि-स्तरीय व्यवस्था
जानकारी के अनुसार सरकार ने योजना के सुचारू संचालन के लिए एक त्रि-स्तरीय व्यवस्था बनाई है. राज्य स्तर पर मध्य प्रदेश पैसेंजर ट्रांसपोर्ट एंड इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड नाम की एक होल्डिंग कंपनी बनाई गई है, जिसके अध्यक्ष खुद मुख्यमंत्री होंगे. संभाग स्तर पर सात प्रमुख संभाग (भोपाल, इंदौर, जबलपुर, ग्वालियर, उज्जैन, सागर और रीवा) में सहायक कंपनियां काम करेंगी. वहीं जिला स्तर पर कलेक्टर की अध्यक्षता में समितियां बनाई जाएंगी जो किराया और रूट तय करेंगी.
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Deepti Sharma, currently working with News18MPCG (Digital), has been creating, curating and publishing impactful stories in Digital Journalism for more than 6 years. Before Joining News18 she has worked with Re…और पढ़ें