Last Updated:
गुना की रहने वाली मीनाक्षी फराग्टे ने मार्केटिंग में 25 से 30 लाख रुपए की सेल की है और सफलता के नए आयाम गढ़े हैं. वह आजीविका प्रोसिंग केंद्र में सेंटर इंचार्ज का भी काम करती हैं. उन्होंने अपनी सफलता की कहानी सीएम मोहन यादव को सुनाई है.
सीएम मोहन यादव ने कुशाभाऊ ठाकरे कन्वेशन सेंटर में प्रदर्शनी का अवलोकन किया है. इस दौरान कैफे दीदी की महिलाओं के द्वारा बनाए गए खाद्य पदार्थों का स्वाद भी लिया. उन्होंने सीएमटीसी पोर्टल का शुभारंभ किया. बाद में ग्वालियर आजीविका मार्ट का लोकापर्ण भी किया. वह आजीविका विपणन क्षमतावर्धन कार्यशाला में आजीविका मिशन से जुड़ी महिलाओं से मिले. सहायता समूह की महिलाओं ने सीएम मोहन यादव को होली स्पेशल गिफ्ट हैंपर दिए. यहीं पर गुना की मीनाक्षी दीदी ने अपनी सफलता की कहानी बताई है.
मीनाक्षी फराग्टे ने बताई सफलता की कहानी
मीनाक्षी फराग्टे ने पहले तो मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव का आभार जताया. उन्होंने कहा कि मैं गुना जिले के बमौरी ब्लॉग से आई हूं. मेरे समूह का नाम राजमाता स्वसहायता समूह है. मेरे सीएलएफ का नाम शिवाजी राजे सीएलएफ है. इसके अंतर्गत हमलोग एक उन्नत आजीविका प्रोसिंग केंद्र का काम करते हैं, जिसमें मैं सेंटर इंचार्ज का काम करती हैं. हम सेलिंग का काम भी करते हैं. हमारे समूह में 100 दीदी जुड़ी हुई हैं. आंगनबाड़ी में मध्यान भोजन में भी हम सेल का काम करते हैं.
उन्होंने कहा कि महिलाओं के लिए मार्केटिंग मुश्किल है. एक महिला होने के नाते दुकानदार प्रश्न चिन्ह लगाते थे. कई परेशानियां आती रहीं, लेकिन हमारे समूह ने हार नहीं मानी. हम हर घर, हर दुकान पर गए हैं और सेल किया है. उन्होंने बताया कि पिछले दो साल में उनके समूह की महिलाओं ने मिलकर 70 लाख की सेल की है. इसमें मीनाक्षी ने अकेले 25 से 30 लाख की सेल की है. उन्होंने कहा कि पहले उनकी आय जो पांच हजार रुपए थी. अब 25 हजार रुपए हो गई है.
उन्होंने कहा कि मैं महिलाओं को बताना चाहूंगी की जब तक हम मार्केटिंग नहीं कर रहे हैं, तब तक कठिन है, लेकिन जब हम करेंगे, तो हम सब कुछ करेंगे. दिल्ली में जो एआई समिट हुआ है. उसमें मैं फ्लाइट से जा चुकी हूं और मैं अपने गांव की पहली बहू हूं, जो फ्लाइट से जा चुकी है. मेरा अनुभव बहुत अच्छा रहा है.
CM मोहन यादव ने की तारीफ
सीएम मोहन यादव ने कहा कि यह नारी शक्ति का बड़ा उदाहरण है. ये बंद मुट्ठी, एकता के बलबूते पर अर्थव्यवस्था की बड़ी ताकत बन रही है. सब क्षेत्र में महिलाएं मिलकर टारगेट पूरा कर रही हैं. गुना से आई हमारी बहन ने चैलेंज लिया है कि हम महिलाएं हैं तो हम क्या यह नहीं कर सकते हैं. हम भी मार्केटिंग कर सकते हैं. दिवाली में पूजा लक्ष्मी जी की होती है . आर्थिक रूप से सशक्त होने वाली दीदियां लाखों में हैं. आज विभिन्न स्टालों में घूमा तो मजा आ गया. आपने इतना अच्छा पैकेज बनाकर दिया है.