ये लोग भूल से भी न देखें होलिका दहन, परिवार की खुशियों पर लग जाएगा ग्रहण!

ये लोग भूल से भी न देखें होलिका दहन, परिवार की खुशियों पर लग जाएगा ग्रहण!


होमताजा खबरधर्म

ये लोग भूल से भी न देखें होलिका दहन, परिवार की खुशियों पर लग जाएगा ग्रहण!

Last Updated:

Holika Dahan Niyam: शादी के बाद नई दुल्हन को पहली बार होलिका दहन देखने से बचना चाहिए. ऐसा करने से वैवाहिक जीवन में छोटी-बड़ी परेशानियां आ सकती हैं. दाम्पत्य जीवन में तनाव बढ़ सकता है और घर की सुख-समृद्धि पर असर पड़ सकता है.

उज्जैन. देशभर में होली का पर्व बड़े उत्साह के साथ मनाया जाता है. फाल्गुन पूर्णिमा के दिन होलिका दहन और पूजा का विशेष महत्व होता है. यह परंपरा सिर्फ धार्मिक ही नहीं बल्कि ज्योतिषीय दृष्टि से भी खास मानी जाती है. मान्यता है कि विधि-विधान से पूजा करने पर जीवन की कई बाधाएं दूर होती हैं. हालांकि धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, कुछ लोगों को होलिका दहन से दूरी बनाए रखनी चाहिए. उज्जैन के ज्योतिषाचार्य आनंद भारद्वाज के अनुसार, विशेष परिस्थितियों वाले लोगों को इस अनुष्ठान में शामिल होने से पहले सावधानी बरतनी चाहिए.

ज्योतिषाचार्य पंडित आनंद भारद्वाज ने लोकल 18 को बताया कि दो मार्च को शाम 5:55 बजे भद्रा काल आरंभ होगा, जो तीन मार्च सुबह 4:28 बजे तक रहेगा. इस बार भद्रा भूलोक में और सिंह राशि में स्थित रहेगी, इसलिए प्रदोष काल में होलिका पूजन और दहन करना शास्त्रों के अनुसार उत्तम और शुभ माना जाएगा.

ये लोग भूलकर भी न देखें होलिका दहन
1. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, जिन माता-पिता की केवल एक ही संतान होती है, उन्हें होलिका दहन देखने या उसकी पूजा करने से बचना चाहिए. ऐसा करना शुभ नहीं माना जाता. मान्यता है कि उनकी ओर से यह पूजा घर के किसी बड़े सदस्य जैसे- दादा-दादी या अन्य बुजुर्ग को करनी चाहिए. इससे परिवार की सुख-शांति बनी रहती है और किसी भी प्रकार की अशुभता से बचाव होता है.

2. मान्यता है कि जिस जगह पर होलिका दहन होता है, वहां पर नकारात्मक शक्तियों का खतरा बना रहता है. ऐसे में नवजात बच्चे को होलिका दहन वाली जगह पर न ले जाएं. इससे शिशु को ऊपरी बाधा हो सकती है.

3. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, सास और बहू को एक साथ होलिका दहन देखना या उसकी पूजा करना शुभ नहीं माना जाता. माना जाता है कि ऐसा करने से रिश्तों में तनाव बढ़ सकता है और आपसी प्रेम में कमी आ सकती है, इसलिए परंपरा के अनुसार दोनों का अलग-अलग समय पर होलिका दहन देखना और पूजा करना बेहतर माना गया है ताकि परिवार में सुख-शांति और आपसी सम्मान बना रहे.

4. हिंदू मान्यताओं के अनुसार, शादी के बाद नई दुल्हन को पहली बार होलिका दहन देखने से बचना चाहिए. माना जाता है कि ऐसा करने से वैवाहिक जीवन में छोटी-बड़ी परेशानियां आ सकती हैं. पति-पत्नी के रिश्ते में तनाव बढ़ सकता है और सुख-समृद्धि पर असर पड़ सकता है, इसलिए परिवार के बड़े-बुजुर्ग नई बहू को इस दिन विशेष सावधानी बरतने और घर पर ही पूजा करने की सलाह देते हैं ताकि दांपत्य जीवन खुशहाल बना रहे.

About the Author

Rahul Singh

राहुल सिंह पिछले 10 साल से खबरों की दुनिया में सक्रिय हैं. टीवी से लेकर डिजिटल मीडिया तक के सफर में कई संस्थानों के साथ काम किया है. पिछले चार साल से नेटवर्क 18 समूह में जुड़े हुए हैं.



Source link