200, 180 रन बनाए तो जिम्बाब्वे को कितने पर रोकना होगा, रन चेज क्या है का गणित

200, 180 रन बनाए तो जिम्बाब्वे को कितने पर रोकना होगा, रन चेज क्या है का गणित


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200, 180 रन बनाए तो जिम्बाब्वे को कितने पर रोकना होगा, रन चेज का क्या है गणित

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Semi final Qualification math explained: भारतीय टीम को आईसीसी टी20 वर्ल्ड कप सुपर 8 के पहले मैच में साउथ अफ्रीका से मिली 76 रन की हार ने जोदार झटका दिया. अब सेमीफाइनल की रेस में बने रहने के लिए टीम को अपने नेट रन रेट में जबरदस्त सुधार करना होगा. जिम्बाब्वे के खिलाफ क्या होगा गणित समझिए.

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भारत ने 200, 180 या 170 रन बनाए तो जिम्बाब्वे को कितने पर रोकना होगा, रन चेज क्या है गणित

नई दिल्ली. भारतीय टीम के लिए आईसीसी टी20 वर्ल्ड कप में अब सिर्फ सुपर 8 मुकाबले में जीत काफी नहीं होने वाली. उसे दक्षिण अफ्रीका से मिली करारी हार के बाद सबसे बड़ा नुकसान नेट रन रेट में हुआ है. 76 रन की हार ने टीम को निगेटिव में पहुंचा दिया. इसी वजह से जिम्बाब्वे के खिलाफ मुकाबला भारत के लिए सिर्फ जीतना ही जरूरी नहीं है, बल्कि जीत का अंतर या लक्ष्य का पीछा करने की रफ्तार भी उतनी ही अहम हो गई है.

सवाल यह है कि भारत को जिम्बाब्वे के खिलाफ नेट रन रेट को पॉजिटिव में लाने के लिए क्या करना होगा? अगर भारत पहले बल्लेबाजी करता है तो काम आसान है, लेकिन अगर लक्ष्य का पीछा करना पड़े तो चुनौती ज्यादा बड़ी है. अगर भारत पहले बल्लेबाजी करता है, तो कम से कम 77 रन से जीत जरूरी. भारत का मौजूदा निगेटिव नेट रन रेट दक्षिण अफ्रीका से 76 रन की हार की वजह से है. यानी भारत को यह घाटा एक ही मैच में खत्म करना होगा और उससे आगे भी जाना होगा. अगर भारत जिम्बाब्वे के खिलाफ पहले बल्लेबाजी करता है, तो उसे कम से कम 77 रन से जीतना होगा ताकि दो सुपर 8 मैचों के बाद नेट रन रेट पॉजिटिव में आ जाए.

पहले बल्लेबाजी करते हुए भारत का समीकरण

– अगर भारत 170 रन बनाता है, तो जिम्बाब्वे को 92 या उससे कम पर रोकना होगा
– अगर भारत 180 रन बनाता है, तो जिम्बाब्वे को 103 या उससे कम पर रोकना होगा
– अगर भारत 190 रन बनाता है, तो जिम्बाब्वे को 113 या उससे कम पर रोकना होगा
– अगर भारत 200 रन बनाता है, तो जिम्बाब्वे को 123 या उससे कम पर रोकना होगा

यह तरीका ज्यादा साफ है क्योंकि इसमें लक्ष्य तय है. भारत को पता है कि मजबूत स्कोर बनाना है और बड़े अंतर से बचाव करना है. अगर भारत बाद में बल्लेबाजी करता है, तो बहुत तेज रन चेज जरूरी लक्ष्य का पीछा करने पर पूरा गणित बदल जाता है. अगर भारत 16 या 17 ओवर में सामान्य तरीके से लक्ष्य हासिल करता है तो नेट रन रेट सुधरेगा, लेकिन पॉजिटिव में जाने के लिए यह काफी नहीं होगा. नेट रन रेट को तुरंत पॉजिटिव में लाने के लिए भारत को बेहद आक्रामक और एकतरफा अंदाज में लक्ष्य हासिल करना होगा. जिम्बाब्वे के स्कोर के हिसाब से भारत को 10 से 12 ओवर के भीतर मैच खत्म करना होगा.

बाद में बल्लेबाजी करते हुए भारत का समीकरण

– अगर जिम्बाब्वे 140 रन बनाता है, तो भारत को 141 रन करीब 10.4 ओवर में बनाने होंगे
– अगर जिम्बाब्वे 160 रन बनाता है, तो भारत को 161 रन करीब 11.2 ओवर में बनाने होंगे
– अगर जिम्बाब्वे 180 रन बनाता है, तो भारत को 181 रन करीब 11.4 ओवर में बनाने होंगे
– अगर जिम्बाब्वे 200 रन बनाता है, तो भारत को 201 रन करीब 12.1 ओवर में बनाने होंगे

यानी लक्ष्य का पीछा करते हुए भी नेट रन रेट पॉजिटिव किया जा सकता है, लेकिन तभी जब भारत शुरू से ही दबदबा बनाए रखे और बीच के ओवरों में रफ्तार कम न हो. सबसे बड़ा रणनीतिक सबक यह है कि अगर भारत टॉस जीतता है तो पहले बल्लेबाजी करना ज्यादा फायदेमंद रहेगा क्योंकि जीत का अंतर तय है 77 रन. अगर लक्ष्य का पीछा करना पड़ा तो दबाव सिर्फ जीतने का नहीं, बल्कि बहुत तेज मैच खत्म करने का भी होगा.

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Viplove Kumar

15 साल से ज्यादा वक्त से खेल पत्रकारिता से सक्रिय. Etv भारत, ZEE न्यूज की क्रिकेट वेबसाइट में काम किया. दैनिक जागरण वेबसाइट में स्पोर्ट्स हेड रहा. ओलंपिक, कॉमनवेल्थ, क्रिकेट और फुटबॉल वर्ल्ड कप कवर किया. अक्टूब…और पढ़ें



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