पाल्लेकल. पाकिस्तान सेमीफाइनल में पहुंचने की उम्मीद बनाए रखने के लिए शनिवार को टी20 वर्ल्ड कप सुपर आठ के अपने आखिरी मैच में बड़ी जीत हासिल करने की कोशिश करेगा, वहीं श्रीलंका सम्मान के साथ टूर्नामेंट से विदाई लेना चाहेगा. पाकिस्तान का प्रदर्शन अब तक अच्छा नहीं रहा है और वह अपने ग्रुप में तीसरे नंबर पर है. इंग्लैंड पहले ही सेमीफाइनल में पहुंच चुका है, जबकि न्यूजीलैंड और पाकिस्तान के बीच अंतिम चार में जगह बनाने की होड़ है. श्रीलंका अपने पहले दो मैच हारकर पहले ही बाहर हो चुका है.
अगर पाकिस्तान और न्यूजीलैंड की बात करें तो न्यूजीलैंड की स्थिति बेहतर है. उसके तीन अंक हैं और नेट रन रेट (3.050) भी पाकिस्तान से अच्छा है. पाकिस्तान के पास सिर्फ एक अंक है और उसका नेट रन रेट माइनस 0.461 है. लेकिन पाकिस्तान की उम्मीदें अभी खत्म नहीं हुई हैं. अगर इंग्लैंड शुक्रवार को न्यूजीलैंड को बड़े अंतर से हरा दे और फिर सलमान आगा की टीम श्रीलंका पर बड़ी जीत दर्ज करे तो पाकिस्तान सेमीफाइनल में पहुंच सकता है.
पाकिस्तान की टीम न्यूजीलैंड की हार की दुआ कर रही है.
पाकिस्तान के बल्लेबाजों और गेंदबाजों के लिए अच्छा प्रदर्शन करना चुनौती है क्योंकि अब तक वे उम्मीद के मुताबिक नहीं खेले हैं. पाकिस्तान की तरफ से सिर्फ ओपनर साहिबजादा फरहान ने अच्छा प्रदर्शन किया है. उन्होंने 70.75 की औसत से 283 रन बनाए हैं, जिसमें एक शतक और दो अर्धशतक शामिल हैं. उनका स्ट्राइक रेट 158.10 है. फरहान के अलावा पाकिस्तान का कोई भी विशेषज्ञ बल्लेबाज इस टूर्नामेंट में 100 रन नहीं बना पाया है.
सबसे ज्यादा रन बनाने वालों में ऑलराउंडर शादाब खान दूसरे नंबर पर हैं, जिन्होंने 111 रन बनाए हैं. कप्तान सलमान आगा (44 रन), साइम अयूब (70) और बाबर आजम (91) ने निराश किया है. ऐसे में पाकिस्तान की उम्मीदें फखर जमां पर टिकी होंगी. गेंदबाजी में उस्मान तारिक (10 विकेट) की मौजूदगी से पाकिस्तान को मजबूती मिली है. शाहीन शाह अफरीदी ने इंग्लैंड के खिलाफ चार विकेट लेकर फॉर्म हासिल की है, हालांकि उस मैच में टीम जीत नहीं पाई थी. श्रीलंका के पास अपने फैंस को खुश करने का यह आखिरी मौका है, लेकिन इसके लिए उसे अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करना होगा.
श्रीलंका इस टूर्नामेंट का सह-मेजबान है. पिछली बार जब 2011 में श्रीलंका सह-मेजबानी कर रहा था, तब वह उपविजेता रहा था. दासुन शनाका की टीम ने शानदार शुरुआत की थी और ग्रुप स्टेज में ऑस्ट्रेलिया को हराकर खिताब के दावेदारों में शामिल हो गई थी. लेकिन इसके बाद श्रीलंका जिम्बाब्वे, इंग्लैंड और न्यूजीलैंड से लगातार तीन मैच हारकर सेमीफाइनल की दौड़ से बाहर हो गया. ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पथुम निसांका का शतक अब बीती बात लगती है, क्योंकि श्रीलंका हर विभाग में संघर्ष कर रहा है.
श्रीलंका की बल्लेबाजी में गहराई और मजबूती की कमी रही है, जिससे वे जल्दी विकेट गंवाते रहे हैं और दबाव में अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाए हैं. गेंदबाज भी विरोधी टीम के बल्लेबाजों को ज्यादा परेशान नहीं कर पाए हैं. न्यूजीलैंड के खिलाफ श्रीलंका के गेंदबाजों ने आखिरी पांच ओवरों में तेजी से रन बनाने का मौका दिया, जबकि मैच उनके नियंत्रण में था. इसके बाद बल्लेबाज भी नहीं चले और टीम को बड़ी हार मिली. हालात ऐसे थे कि श्रीलंका के फैंस अपनी टीम के खराब प्रदर्शन से निराश होकर न्यूजीलैंड के लिए तालियां बजा रहे थे.
टीमें इस प्रकार हैं:
श्रीलंका: दासुन शनाका (कप्तान), कुसल मेंडिस (विकेटकीपर), कामिल मिशारा, पथुम निसांका, कुसल परेरा (विकेटकीपर), पवन रत्नायके, चैरिथ असलांका, दुशान हेमंथा, जेनिथ लियानगे, कामिंडु मेंडिस, दुष्मंथा चमीरा, दिलशान मदुशंका, प्रमोद मदुशन, महीश थीक्षाना, दुनिथ वेललागे.
पाकिस्तान: सलमान अली आगा (कप्तान), बाबर आजम, फखर जमां, ख्वाजा नफे (विकेटकीपर), साहिबजादा फरहान, उस्मान खान (विकेटकीपर), फहीम अशरफ, मोहम्मद नवाज, सैम अयूब, शादाब खान, अबरार अहमद, नसीम शाह, सलमान मिर्जा, शाहीन शाह अफरीदी, उस्मान तारिक.