दिल्ली शराब नीति केस में आम आदमी पार्टी के संस्थापक और दिल्ली के पूर्व सीएम अरविंद केजरीवाल, पूर्व डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया को कोर्ट ने बरी कर दिया है। ग्वालियर में आम आदमी पार्टी के पूर्व जिलाध्यक्ष अमिताभ पांडेय ने अपने समर्थकों के साथ महाराज बाड़ा पर पहुंचकर लड्डू बांटे हैं और खुशियां मनाई। इस दौरान आप आदमी पार्टी के पूर्व जिलाध्यक्ष पांडेय ने कहा कि यह सच्चाई की जीत है। अरविंद केजरीवाल निर्दोष थे इसलिए उनके पक्ष में फैसला आया है। अब आम आदमी पार्टी दोगुना तेजी से आम लोगों के बीच काम करेगी। कोर्ट ने कहा- ठोस सबूत नहीं, आरोप साबित नहीं होते शराब घोटाला केस में दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया को CBI केस में बरी कर दिया है। कोर्ट ने शुक्रवार को कहा कि दोनों के खिलाफ सबूत नहीं हैं, आरोप साबित नहीं होते। CBI ने साजिश गढ़ने की कोशिश की, लेकिन उसका सिद्धांत ठोस सबूतों की जगह अनुमान पर आधारित था। CBI ने इस मामले में कुल 23 लोगों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी। स्पेशल जज जितेंद्र सिंह ने सभी के खिलाफ आरोप तय करने से इनकार करते हुए सभी को बरी कर दिया। जांच एजेंसी ने करीब 6 घंटे बाद दिल्ली हाईकोर्ट का रुख किया। CBI ने निचली अदालत के आदेश को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट से इसे रद्द करने की मांग की है। वहीं, बरी होने के बाद कोर्ट से बाहर मीडिया से बातचीत के दौरान केजरीवाल भावुक हो गए। उन्होंने कहा- मैंने जिंदगी में सिर्फ ईमानदारी कमाई है। आज यह साबित हो गया कि केजरीवाल, मनीष सिसोदिया और आम आदमी पार्टी कट्टर ईमानदार हैं। ग्वालियर में खुशियां मनाई गईंं
जैसे ही कोर्ट से शराब नीति केस में अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया के बरी होने की खबर आई तो ग्वालियर में आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं और केजरीवाल के समर्थकों में खुशी की लहर दौड़ गई। आम आदमी पार्टी के पूर्व जिलाध्यक्ष अमिताभ पांडेय अपनी टीम के साथ लड्डू लेकर ग्वालियर के ह्रदय स्थल महाराज बाड़ा पहुंच गए। यहां उन्होंने लोगों का मुंह मीठा कराया और खुशियां मनाई हैं। पूर्व जिलाध्यक्ष बोले- यह सच्चाई की जीत है आम आदमी पार्टी के पूर्व जिलाध्यक्ष अमिताभ पांडेय ने बताया कि यह सच्चाई की जीत है। इससे यह साबित हो गया है कि आम आदमी पार्टी ईमानदार थी और रहेगी। हमारे नेता अरविंद केजरीवाल व मनीष सिसोदिया को केस से बरी करना इस बात का प्रत्यक्ष उदाहरण है। भाजपा सरकार ने आम आदमी पार्टी को रोकने के लिए कई तरह के हथकंडे अपनाए हैं।
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