देश में सबसे पहले यहां होता है होलिका दहन, वो भी बिना मुहूर्त देखे; देश विदेश से पहुंचते

देश में सबसे पहले यहां होता है होलिका दहन, वो भी बिना मुहूर्त देखे; देश विदेश से पहुंचते


Last Updated:

महाकाल मंदिर के आंगन में 02 मार्च को गोधूलि बेला में होलिका दहन किया जाएगा. इससे पहले संध्या आरती में भगवान महाकाल के साथ जमकर होली खेली जाएगी. इस अवसर पर महाकाल के देश-विदेश से आए भक्त रंग और गुलाल में सराबोर नजर आएंगे.

उज्जैन. धार्मिक नगरी उज्जैन मे हर पर्व बड़े ही धूमधाम के साथ मनाया जाता है. महाकालेश्वर मंदिर 12 ज्योतिलिंग में तीसरे नम्बर पर विराजमान है. यहां की परम्परा बाकि जगहों से अलग और बड़ी रहस्यमयी है, इसी अनुसार विश्व का प्रथम होलिका दहन भगवान महाकाल की पावन नगरी उज्जैन में होता है. श्री महाकालेश्वर मंदिर में होलिका दहन के साथ ही पूरे देश में इस परंपरा की शुरुआत मानी जाती है. परंपरा यह भी है कि महाकाल के दरबार में होलिका दहन की तैयारियां एक दिन पूर्व ही कर ली जाती हैं और यहां किसी विशेष मुहूर्त की प्रतीक्षा नहीं की जाती.

होलिका दहन से पहले देश-विदेश के श्रद्धालु महाकाल बाबा के दरबार उज्जैन पहुंचते हैं और भक्ति में सराबोर होकर अबीर-गुलाल के साथ होली खेलते हैं और आशीर्वाद प्राप्त करते हैं. संध्या आरती के समय पूरा मंदिर परिसर रंग-गुलाल से सराबोर हो जाता है. इस अद्भुत और अलौकिक दृश्य के दर्शन के लिए हर वर्ष श्रद्धालु होली से एक दिन पहले ही उज्जैन पहुंचते हैं. महाकाल के दरबार में होने वाला होलिका दहन अपनी आध्यात्मिक महिमा और परंपरा के कारण विशेष महत्व रखता है.

महाकाल मंदिर में कब है होली?
ग्वालियर पंचांग के अनुसार, 12 ज्योतिर्लिंग में से एक महाकालेश्वर मंदिर में 02 मार्च 2026 को प्रदोष काल में मंत्रोच्चार के साथ होलिका दहन किया जाएगा. अगले दिन 03 मार्च 2026 को सुबह भस्म आरती के बाद बाबा को अबीर और हर्बल गुलाल का श्रृंगार कर रंगोत्सव मनाया जाएगा. हिंदू धर्म में मनाए जाने वाले सभी प्रमुख त्योहार सबसे पहले बाबा महाकाल के मंदिर में मनाए जाते हैं.

आरती में जमकर उड़ता है फूल-गुलाल
महाकाल मंदिर के पुजारी महेश शर्मा ने बताया कि महाकाल मंदिर के आंगन में 02 मार्च को गोधूलि बेला में होलिका दहन किया जाएगा. इससे पहले संध्या आरती में भगवान महाकाल के साथ पुजारी परिवार जमकर होली खेली जाएगी. इस अवसर पर महाकाल के हजारों भक्त रंग और गुलाल में सराबोर नजर आएंगे. होली के इस पावन पर्व का सभी भक्त बेसब्री से इंतजार करते हैं. होली के एक दिन पहले ही महाकाल मंदिर में पुजारियों और श्रद्धालुओं द्वारा भगवान महाकाल के साथ होली खेली जाएगी. इसके बाद पुजारी मंदिर परिसर में पूजा-अर्चना कर होलिका दहन करेंगे.

About the Author

Dallu Slathia

Dallu Slathia is a seasoned digital journalist with over 7 years of experience, currently leading editorial efforts across Madhya Pradesh and Chhattisgarh. She specializes in crafting compelling stories across …और पढ़ें



Source link