बैतूल समागम में 1832 श्रद्धालुओं ने देहदान का संकल्प लिया: 30 जोड़ों का दहेज मुक्त विवाह कराया, 268 यूनिट रक्तदान किया – Betul News

बैतूल समागम में 1832 श्रद्धालुओं ने देहदान का संकल्प लिया:  30 जोड़ों का दहेज मुक्त विवाह कराया, 268 यूनिट रक्तदान किया – Betul News


बैतूल के सतलोक आश्रम उड़दन में संत रामपाल जी महाराज के सान्निध्य में आयोजित तीन दिवसीय महा समागम के दूसरे दिन कई समाज सुधार कार्यक्रम संपन्न हुए। संत गरीबदास जी महाराज के बोध दिवस के उपलक्ष्य में 26 से 28 फरवरी तक चलने वाले इस समागम में लाखों श्रद्धाल

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समागम के दूसरे दिन 30 जोड़ों का दहेज मुक्त विवाह हुआ। ये विवाह संत रामपाल जी महाराज की वाणी के माध्यम से मात्र 17 मिनट में पूरे किए गए। विवाह समारोह पूरी तरह सादगीपूर्ण रहा, जिसमें किसी प्रकार की सजावट, दहेज या सामाजिक आडंबर नहीं था। वर-वधू साधारण वस्त्रों में विवाह मंडप में पहुंचे और संत परंपरा के अनुसार विवाह संस्कार संपन्न हुए।

दो तस्वीरों में देखिए तीन दिवसीय महासमागम…

1832 श्रद्धालुओं ने देहदान का संकल्प लिया

महा समागम में समाज सेवा की भावना को बढ़ावा देते हुए एक रक्तदान शिविर का भी आयोजन किया गया। बैतूल जिला अस्पताल की टीम की देखरेख में कुल 268 यूनिट रक्तदान किया गया। इसके अतिरिक्त, 1832 श्रद्धालुओं ने देहदान का संकल्प लिया और 3861 श्रद्धालुओं ने निःशुल्क नामदीक्षा ग्रहण की।

आश्रम परिसर में श्रद्धालुओं के लिए एक प्रेरणादायक प्रदर्शनी भी लगाई गई है। इसमें संत गरीबदास जी महाराज के जीवन, उनके ज्ञान और परमात्मा कबीर साहेब के तत्वज्ञान का संदेश प्रदर्शित किया गया है। श्रद्धालुओं ने इस प्रदर्शनी में गहरी रुचि दिखाई।

आश्रम के मुख्य सेवादार विष्णुदास साहू ने बताया कि संत रामपाल जी महाराज के सान्निध्य में आयोजित इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य समाज से दहेज प्रथा, नशा और अंधविश्वास जैसी कुरीतियों को समाप्त कर मानवता और समानता का संदेश फैलाना है। उन्होंने यह भी कहा कि यह आयोजन केवल अध्यात्म का प्रतीक नहीं, बल्कि सेवा, सादगी और सामाजिक सुधार का भी प्रतीक है।

महासमागम में 1832 लोगों ने देहदान का संकल्प लिया।

महासमागम में 1832 लोगों ने देहदान का संकल्प लिया।



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