‘बॉयफ्रेंड बनाओ, एंजॉय करो’, डीएवीवी हॉस्टल से छात्रा बाहर, इंदौर में हड़कंप

‘बॉयफ्रेंड बनाओ, एंजॉय करो’, डीएवीवी हॉस्टल से छात्रा बाहर, इंदौर में हड़कंप


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इंदौर स्थित देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के गर्ल्स हॉस्टल में प्रथम वर्ष की छात्रा पर अन्य छात्राओं को बॉयफ्रेंड बनाने और अनुचित गतिविधियों के लिए उकसाने का आरोप लगा है. पांच छात्राओं की लिखित शिकायत के बाद जांच हुई और आरोपी छात्रा को हॉस्टल से बाहर कर दिया गया है. अन्‍य छात्राओं ने कहा कि वे आरोपी की हरकतों से डरी हुई हैं.

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इंदौर में गर्ल्स हॉस्‍टल विवाद सुर्खियों में है.

मिथिलेश गुप्‍ता
इंदौर.
देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के गर्ल्स हॉस्टल में सामने आया मामला पूरे कैंपस में चर्चा का विषय बना हुआ है. प्रथम वर्ष की एक छात्रा पर आरोप है कि वह अन्य छात्राओं पर बॉयफ्रेंड बनाने और अनुचित गतिविधियों में शामिल होने के लिए दबाव बना रही थी. पांच छात्राओं की लिखित शिकायत के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने जांच कर छात्रा को हॉस्टल से निष्कासित कर दिया. यह मामला केवल व्यक्तिगत आचरण तक सीमित नहीं रहा, बल्कि छात्राओं की सुरक्षा और हॉस्टल अनुशासन को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर गया. शिकायतों में कहा गया कि आरोपी छात्रा कथित तौर पर अन्य छात्राओं से कहती थी कि जीवन का आनंद लो और रिश्ते बनाओ, अन्यथा वह ऐप के जरिए बॉयफ्रेंड बनवा देगी.

शिकायतकर्ता छात्राओं के अनुसार आरोपी छात्रा वीडियो कॉल पर अज्ञात युवकों से बातचीत करती थी. वह अन्य छात्राओं को भी ऐसा करने के लिए प्रेरित करती थी. कुछ छात्राओं ने आरोप लगाया कि उनसे आपत्तिजनक बातचीत के लिए दबाव बनाया गया. जांच के दौरान दस से अधिक छात्राओं ने भी घटनाओं की पुष्टि की. कई छात्राओं ने खुद को मानसिक रूप से असहज और भयभीत बताया.

लिखित शिकायत के बाद हुई कार्रवाई, कुलपति को रिपोर्ट सौंपी
करीब आठ दिन पहले हॉस्टल वार्डन को लिखित शिकायत सौंपी गई थी. शिकायत मिलने के बाद छात्रा के कमरे और सामान की जांच की गई. जांच में कुछ आपत्तिजनक वस्तुएं मिलने की बात सामने आई है. रिपोर्ट कुलपति प्रो. राकेश सिंघई और रजिस्ट्रार प्रज्वल खरे को सौंपी गई. प्रशासन ने तत्काल प्रभाव से छात्रा को हॉस्टल से निष्कासित कर दिया. इस के बाद से हॉस्‍टल में हड़कंप मचा हुआ है.

अनुचित दबाव या उत्पीड़न बर्दाश्त नहीं, विश्वविद्यालय प्रशासन का रुख
विश्वविद्यालय प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि किसी भी प्रकार का अनुचित दबाव या उत्पीड़न बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. छात्राओं से अपील की गई है कि ऐसी किसी भी घटना की तुरंत सूचना दें. प्रशासनिक स्तर पर आगे की बैठक प्रस्तावित है, जिसमें यह तय किया जाएगा कि क्या अनुशासनात्मक कार्रवाई शैक्षणिक स्तर तक भी बढ़ाई जाए.

 कैंपस संस्कृति और अनुशासन व्यवस्था पर भी प्रश्न
हॉस्टल परिसर छात्राओं के लिए सुरक्षित वातावरण माना जाता है. ऐसे में किसी भी तरह का दबाव या अनुचित व्यवहार गंभीर चिंता का विषय है. यह मामला केवल एक छात्रा के निष्कासन तक सीमित नहीं, बल्कि कैंपस संस्कृति और अनुशासन व्यवस्था पर भी प्रश्न खड़ा करता है. विशेषज्ञों का मानना है कि विश्वविद्यालयों को काउंसलिंग और जागरूकता कार्यक्रमों को और मजबूत करना चाहिए ताकि छात्राएं किसी भी प्रकार के दबाव या उत्पीड़न से सुरक्षित रह सकें.

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Sumit verma

सुमित वर्मा, News18 में 4 सालों से एसोसिएट एडीटर पद पर कार्यरत हैं. बीते 3 दशकों से सक्रिय पत्रकारिता में अपनी अलग पहचान रखते हैं. देश के नामचीन मीडिया संस्‍थानों में सजग जिम्‍मेदार पदों पर काम करने का अनुभव. प…और पढ़ें



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