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भोपाल में नौकरी के वादे पर युवतियों को फंसा कर देह व्यापार और धर्मांतरण का बड़ा नेटवर्क उजागर हुआ है, पुलिस यासीन, बिलाल और जन्नत की तलाश में अहमदाबाद समेत कई शहरों की जांच कर रही है, आरोपियों से जुड़े मोबाइल लैब जांच में भेजे गए हैं.
भोपाल में धर्मातंरण और देह व्यापार केस में नए खुलासे हुए हैं.
भोपाल. बागसेवनिया थाना क्षेत्र में सामने आए देह व्यापार और जबरन धर्मांतरण मामले में पुलिस जांच अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच गई है. दो सगी बहनों से पूछताछ में कई चौंकाने वाले इनपुट सामने आए हैं. जांच एजेंसियों को अब तीन और संदिग्धों की तलाश है. पुलिस यासीन, बिलाल और जन्नत की सक्रिय खोज में जुटी है. पूछताछ में यह संकेत मिले हैं कि नेटवर्क केवल भोपाल तक सीमित नहीं था. अहमदाबाद और मुंबई से जुड़े संपर्कों की पुष्टि के लिए दस्तावेज और डिजिटल सबूत खंगाले जा रहे हैं. पुलिस टीम इन शहरों के संभावित ठिकानों, कॉल डिटेल और ट्रांजैक्शन रिकॉर्ड की पड़ताल कर रही है. पुलिस अफसरों का कहना है कि इस नेटवर्क के तार दूर तक फैले हुए हैं और इसका मास्टरमाइंड कौन है? इस सवाल की पड़ताल हो रही है. पुलिस का कहना है कि जब दो बहनों ने गलत कामों से लाखों-करोड़ों के ट्रांजेक्शन किए हैं तो फिर नेटवर्क ने क्या कमाई की और कैसे की है?
पुलिस सूत्रों के अनुसार गिरफ्तार दोनों बहनों और उनके एक सहयोगी से रिमांड के दौरान कई स्तरों पर पूछताछ हुई. मोबाइल फोन, चैट रिकॉर्ड और यात्रा विवरण को मिलान किया जा रहा है. प्रारंभिक जांच में कुछ युवतियों के दूसरे राज्यों में ले जाए जाने के संकेत मिले हैं. पुलिस यह भी देख रही है कि कथित तौर पर नौकरी के नाम पर संपर्क कैसे स्थापित किए जाते थे. सोशल मीडिया प्रोफाइल, मैसेजिंग ऐप और बैंक खातों की भूमिका की जांच जारी है. पुलिस इन सभी के बैंक खाते, लेनदेन और ऑपरेशन के तौर-तरीकों की जांच कर रही है. हाई प्रोफाइल पार्टीज में इस नेटवर्क का दखल कैसे होता था?
अहमदाबाद और मुंबई कनेक्शन पर जांच, कौन है मास्टरमाइंड
जांच का एक बड़ा हिस्सा अंतरराज्यीय कनेक्शन पर केंद्रित है. पुलिस टीम अहमदाबाद रवाना हो चुकी है. वहां संभावित ठिकानों और सहयोगियों की जानकारी जुटाई जा रही है. मुंबई में भी कुछ संपर्कों की पुष्टि के लिए स्थानीय पुलिस से समन्वय किया जा रहा है. अधिकारियों का मानना है कि फरार आरोपियों की गिरफ्तारी से नेटवर्क की संरचना और स्पष्ट हो सकती है.
फरार तीनों आरोपी क्यों अहम
यासीन, बिलाल और जन्नत की भूमिका को लेकर पुलिस विशेष सतर्क है. जांच एजेंसी यह जानना चाहती है कि कथित घटनाओं में इनकी भागीदारी किस स्तर की थी. कॉल रिकॉर्ड और लोकेशन डेटा के आधार पर उनकी मूवमेंट ट्रैक की जा रही है. पुलिस ने संभावित ठिकानों पर दबिश की तैयारी की है. लुकआउट नोटिस और तकनीकी निगरानी जैसे कदमों पर भी विचार हो रहा है. आगे की कार्रवाई में डिजिटल फॉरेंसिक रिपोर्ट अहम भूमिका निभाएगी. जब्त मोबाइल और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की लैब जांच से चैट, फोटो और ट्रांजैक्शन की पुष्टि होगी. इसके आधार पर धाराएं और मजबूत की जा सकती हैं.
कानून-व्यवस्था और महिलाओं की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल
पुलिस संभावित पीड़ितों की पहचान और बयान दर्ज करने की प्रक्रिया भी तेज करेगी. यदि अन्य राज्यों में घटनाओं की पुष्टि होती है तो संबंधित थानों में अलग से प्रकरण दर्ज हो सकते हैं. जांच एजेंसी का फोकस अब नेटवर्क की पूरी चेन को चिन्हित करने पर है. फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद आमने-सामने बैठाकर पूछताछ की रणनीति बनाई जा रही है. अधिकारियों का कहना है कि सभी पहलुओं की विधिवत जांच की जा रही है और आगे और खुलासे संभव हैं. इस मामले ने राजधानी में कानून-व्यवस्था और महिलाओं की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं. पुलिस का दावा है कि जांच तथ्यों और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर आगे बढ़ेगी और किसी भी स्तर पर ढिलाई नहीं बरती जाएगी.
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सुमित वर्मा, News18 में 4 सालों से एसोसिएट एडीटर पद पर कार्यरत हैं. बीते 3 दशकों से सक्रिय पत्रकारिता में अपनी अलग पहचान रखते हैं. देश के नामचीन मीडिया संस्थानों में सजग जिम्मेदार पदों पर काम करने का अनुभव. प…और पढ़ें