नई दिल्ली. भारत के पूर्व कप्तान सौरव गांगुली ने जम्मू कश्मीर की कर्नाटक के खिलाफ अपने पहले रणजी ट्रॉफी फाइनल में शानदार प्रदर्शन की जमकर तारीफ की और कहा कि तेज गेंदबाज आकिब नबी में राष्ट्रीय टीम का प्रतिनिधित्व करने की काबिलियत है. नबी ने रणजी के वर्तमान सत्र में 60 विकेट लिए हैं. इनमें कर्नाटक के खिलाफ पहली पारी में 54 रन देकर पांच विकेट लेने का कारनामा भी शामिल है. उनके इस शानदार प्रदर्शन से जम्मू कश्मीर में हुबली में खेले जा रहे फाइनल में 584 रन बनाने के बाद कर्नाटक को 293 रन पर आउट कर दिया.
गांगुली ने एक्स पर लिखा, जम्मू कश्मीर ने दुनिया को दिखा दिया है कि मेहनत और दृढ़ संकल्प से क्या हासिल किया जा सकता है. उन्होंने अपने राज्य को गौरवान्वित किया है. मुश्किल वातावरण लोगों को मजबूत बनाता है. उन्होंने बीसीसीआई और सीनियर पुरुष चयन समिति के अध्यक्ष अजीत अगरकर और बीसीसीआई सचिव देवजीत सैकिया को टैग करते हुए कहा, आकिब नबी राष्ट्रीय टीम में जगह बनाने की राह पर हैं. गर्मियों में इंग्लैंड से शुरुआत करना सही रहेगा.
सौरव गांगुली की सिफारिश: इंग्लैंड दौरे के लिए मास्टर प्लान
सौरव गांगुली अपनी पारखी नजर के लिए जाने जाते हैं, उन्होंने एमएस धोनी, वीरेंद्र सहवाग और युवराज सिंह जैसे दिग्गजों को तराशा है अब उन्होंने आकिब नबी की वकालत करते हुए कहा है कि इस युवा खिलाड़ी में वो क्षमता है जो इंग्लैंड की मददगार पिचों पर कहर बरपा सकती है. गांगुली के अनुसार, नबी के पास न केवल गति है, बल्कि गेंद को दोनों तरफ स्विंग कराने की अद्भुत कला भी है, जो लॉर्ड्स और ओवल जैसे मैदानों पर बेहद कारगर साबित हो सकती है.
घरेलू सीजन में आकिब नबी का जलवा
आकिब नबी का मौजूदा सीजन किसी सपने से कम नहीं रहा है, उन्होंने अपनी सटीक लाइन-लेंथ और घातक बाउंसरों से चयनकर्ताओं का दरवाजा खटखटाया है. नबी ने हालिया घरेलू सत्रों में कुल मिलाकर 60 विकेटों का आंकड़ा पार कर अपनी निरंतरता साबित की है. कर्नाटक के खिलाफ फाइनल में पंजा: सबसे हालिया और महत्वपूर्ण प्रदर्शन कर्नाटक के खिलाफ बड़े मुकाबले में रहा, जहां उन्होंने 5 विकेट झटककर विरोधी टीम की कमर तोड़ दी. बड़े मैचों में प्रदर्शन करने की उनकी यह क्षमता उन्हें ‘मैच विनर’ बनाती है.
क्यों खास हैं आकिब नबी?
जम्मू-कश्मीर से उमरान मलिक के बाद आकिब नबी दूसरे ऐसे गेंदबाज बनकर उभरे हैं जो राष्ट्रीय टीम के दावेदार हैं. जहां उमरान अपनी रफ्तार के लिए जाने जाते हैं, वहीं आकिब नबी ‘स्विंग और सीम’ के सुल्तान माने जा रहे हैं. इंग्लैंड की परिस्थितियों में, जहां गेंद हवा में लहराती है, नबी जैसे गेंदबाज किसी भी बल्लेबाजी क्रम को ध्वस्त कर सकते हैं. गांगुली का मानना है कि नबी को टीम इंडिया के साथ जोड़ने से गेंदबाजी में विविधता आएगी. वह नई गेंद से विकेट लेने के अलावा पुरानी गेंद से रिवर्स स्विंग कराने में भी माहिर हैं.
क्या चयनकर्ता सुनेंगे दादा की बात?
भारतीय क्रिकेट में सौरव गांगुली के सुझाव को नजरअंदाज करना मुश्किल होता है. आगामी इंग्लैंड दौरा टीम इंडिया के लिए विश्व कप 2027 के नजरिए से अत्यंत महत्वपूर्ण है. ऐसे में आकिब नबी जैसे इन-फॉर्म गेंदबाज को टीम में शामिल करना एक मास्टरस्ट्रोक साबित हो सकता है. अगर आकिब नबी को नीली जर्सी या सफेद टेस्ट जर्सी पहनने का मौका मिलता है, तो यह न केवल उनके लिए बल्कि जम्मू-कश्मीर क्रिकेट के लिए भी एक ऐतिहासिक पल होगा. अब सबकी नजरें बीसीसीआई के चयनकर्ताओं पर हैं कि क्या वे गांगुली की इस ‘गुहार’ को हकीकत में बदलते हैं या नहीं.