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who is Qamran Iqbal: कामरान इकबाल की फाइनल में उनकी नाबाद 160 रनों की पारी ने यह साफ कर दिया है कि वह केवल एक ‘होनहार खिलाड़ी’ नहीं हैं, बल्कि जम्मू-कश्मीर की बल्लेबाजी की रीढ़ बन चुके हैं. शुभमन खजूरिया की गैरमौजूदगी में जिस तरह उन्होंने खुद को साबित किया, उससे अब चर्चा उनके ‘पोटेंशियल’ की नहीं, बल्कि ‘इनेविटेबिलिटी’ की हो रही है.
कामरान इकबाल ने शानदार सेंचुरी जड़कर टीम को बनाया चैंपियन.
नई दिल्ली. जम्मू-कश्मीर क्रिकेट के इतिहास में 28 फरवरी 2026 का दिन सुनहरे अक्षरों में लिखा जाएगा. कर्नाटक जैसी दिग्गज टीम को घुटने टेकने पर मजबूर कर पहली बार रणजी ट्रॉफी का खिताब जीतने वाली इस टीम को एक नया नायक मिला है. जिसका नाम कामरान इकबाल.जब फाइनल जैसे बड़े मंच पर टीम के अनुभवी सलामी बल्लेबाज शुभमन खजूरिया चोटिल होकर बाहर हुए, तब 2001 में जन्मे इस युवा खिलाड़ी ने न केवल जिम्मेदारी संभाली, बल्कि दूसरी पारी में 160 रनों की नाबाद पारी खेलकर जम्मू-कश्मीर की जीत पर मुहर लगा दी.
फाइनल मुकाबले से ठीक पहले जम्मू-कश्मीर को बड़ा झटका लगा था जब उनके नियमित ओपनर शुभमन खजूरिया चोटिल हो गए. ऐसे नाजुक वक्त में कप्तान और कोच ने कामरान इकबाल (Qamran Iqbal) पर भरोसा जताया. कामरान ने इस भरोसे को टूटने नहीं दिया. पहली पारी में शानदार खेल दिखाने के बाद, दूसरी पारी में उन्होंने 266 गेंदों का सामना करते हुए नाबाद 160 रन बनाए. उनकी इस पारी ने सुनिश्चित किया कि कर्नाटक मैच में वापसी न कर सके और जम्मू कश्मीर पहली पारी की बढ़त के आधार पर ऐतिहासिक चैंपियन बने.
कामरान इकबाल ने शानदार सेंचुरी जड़कर टीम को बनाया चैंपियन.
1️⃣5️⃣0️⃣ runs and counting 🫡
Qamran Iqbal is putting on a show in the Final 👏