नरसिंहपुर जिले के बहुचर्चित ढिगसरा हत्याकांड में करीब चार साल बाद शनिवार को कोर्ट का फैसला आ गया है। गाडरवारा की अदालत ने इस मामले में दो मुख्य आरोपियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है और उन पर पांच-पांच हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया है। यह पूरा मामला 3 सितंबर 2021 का है, जब ढिगसरा गांव में खूनी संघर्ष हुआ था। परषोत्तम और भगवानदास गुर्जर ने अपने साथियों के साथ मिलकर एक घर में घुसकर मारपीट की थी। इस दौरान परषोत्तम ने अपनी बंदूक से नीरज को और भगवानदास ने पिस्टल से भैयाजी गुर्जर को गोली मार दी थी, जिससे दोनों की मौके पर ही मौत हो गई थी। गवाह मुकरे, पर वैज्ञानिक सबूतों ने फंसाया सुनवाई के दौरान कुछ गवाह अपने बयानों से पलट गए थे, जिसकी वजह से बाकी साथी तो बच निकले, लेकिन मुख्य आरोपी नहीं बच पाए। पुलिस की जांच और डॉक्टर की रिपोर्ट में साफ हो गया कि मौत गोली लगने से ही हुई है। साथ ही, जांच में यह भी साबित हो गया कि मौके पर मिले कारतूस उन्हीं हथियारों के थे जो आरोपियों के पास से मिले थे। कोर्ट ने सुनाई उम्रकैद की सजा अदालत ने वैज्ञानिक सबूतों और पुलिस की जांच को सही मानते हुए परषोत्तम और भगवानदास को हत्या का दोषी करार दिया। जज पंकज जायसवाल ने दोनों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। इस फैसले के बाद अब दोनों सलाखों के पीछे रहेंगे।
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