हरदा में महिलाओं ने रचा इतिहास, ऐसा काम करके बना डाला विश्व रिकॉर्ड

हरदा में महिलाओं ने रचा इतिहास, ऐसा काम करके बना डाला विश्व रिकॉर्ड


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महिलाओं श्रृंखला बनाकर हरदा जिले में पांच अलग-अलग कलाकृतियां बनाई हैं. ये सभी कलाकृति 80000 स्क्वेयर फिट में बनी थी. इसी वजह से यह विश्व रिकॉर्ड में दर्ज हो गया, क्योंकि इससे पहले का रिकॉर्ड 60,000 स्क्वेयर फिट का था.कलर्स के हिसाब से महिलाओं ने खड़े होकर कलाकृति को आकार दिया और इतिहास दिया.

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हरदा में महिलाओं ने रचा इतिहास

मध्य प्रदेश के हरदा जिले में एक अनोखा कमाल देखने को मिला है, जब अन्तर्राष्ट्रीय महिला दिवस के लिए पांच अलग-अलग कलाकृतियां बनाई गईं. इसी के साथ एक वर्ल्ड रिकॉर्ड भी बन गया. स्थानीय नेहरू स्टेडियम में महिला श्रृंखला बनाकर झांसी की रानी लक्ष्मीबाई, लोकमाता देवी अहिल्याबाई, भारत माता, अखंड भारत और अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के लोगो की कलाकृतियां बनाई गईं.

रिकॉर्ड बुक में दर्ज हुआ ये कमाल
खास बात ये है कि 80,000 हजार स्क्वेयर फिट में बनी कलाकृति हिस्ट्री बुक ऑफ रिकॉर्ड में दर्ज होगी. इससे पहले का रिकॉर्ड 60,000 स्क्वेयर फिट का है. कलाकृति के लिए महिलाएं ड्रेस कोड में आई थीं. पहले स्केच बनाकर अलग-अलग रंगों के रिबन लगाए गए थे. उसके बाद कलर्स के हिसाब से महिलाओं ने खड़े होकर कलाकृति को आकार दिया. संदीप पटेल सतीश गुर्जर की टीम के कलाकारों ने खिलता कमल जन कल्याण संस्था के माध्यम से यह कलाकृतियां बनाई थीं. सभी कलाकृतियां 8 मार्च अन्तर्राष्ट्रीय महिला दिवस के लिए समर्पित की गई हैं.

कमल पटेल ने कही ये बात
पूर्व मंत्री कमल पटेल ने कहा कि कार्यक्रम में कुल 5 विशाल आकृतियों का निर्माण किया गया. इन आकृतियों के माध्यम से महिला शक्ति, राष्ट्र गौरव और सांस्कृतिक चेतना का सशक्त संदेश दिया गया. हजारों महिलाओं की सहभागिता से निर्मित यह दृश्य अनुशासन, एकता और ऊर्जा का अद्भुत उदाहरण बना. इस पहल का उद्देश्य केवल महिला दिवस मनाना नहीं, बल्कि नारी शक्ति को एक ऐतिहासिक और दृश्य स्वरूप देना था. विश्व रिकॉर्ड में शामिल यह उपलब्धि हरदा के लिए गर्व का विषय है.

कार्यक्रम में आकर खुश हुईं महिलाएं
आरती सारण ने बताया कि महिला अंतराराष्ट्रीय दिवस के लिए पांच कलाकृतियां बनाई जा रही हैं और हम इसके लिए जमा हुए हैं. महिलाएं बहुत ही कम अवसर पर घर से बाहर निकलती हैं, तो आज हम सभी को बहुत ही अच्छा लग रहा है.

स्थानीय महिला भारती कमेडिया ने कहा कि इसमें महिलाओं के द्वारा पांच अलग-अलग कलाकृतियां बनाई जाएंगी. जब हरदा में ऐसे कार्यक्रम होते हैं और महिलाओं को सम्मान मिलता है, तो मैं खुश होती हूं. महिलाओं को सम्मान देना अच्छी बात है और बड़े दिल की बात है.



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