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Youth Exchange Program 2026: कश्मीर के श्रीनगर, पुलवामा और बड़गाम से आए स्टूडेंट्स जबलपुर की भेड़ाघाट की खूबसूरती, बैलेंसिंग रॉक और रानी दुर्गावती म्यूजियम देखकर मंत्रमुग्ध हो गए. उन्होंने जबलपुर की पूड़ी, पोहा, रायता और चिकन के स्वाद की भी जमकर सराहना की और कहा कि यहां उन्हें घर जैसा अपनापन महसूस हुआ.
Youth Exchange Program 2026: भेड़ाघाट की खूबसूरती, बैलेंसिंग रॉक और रानी दुर्गावती म्यूजियम को देखकर कश्मीरी स्टूडेंट्स मंत्रमुग्ध हो गए. जबलपुर की पूड़ी, पोहा, रायता और स्वादिष्ट चिकन का स्वाद खूब पसंद आया. ये कहना है कश्मीर के श्रीनगर, पुलवामा और बड़गाम से आए युवाओं का. जिन्होंने कहा कि जबलपुर में उन्हें घर जैसा एहसास हुआ. दरअसल, मध्यप्रदेश के जबलपुर में 6वें कश्मीरी युवा आदान-प्रदान का कार्यक्रम हुआ. इस 6 दिन के कार्यक्रम में जम्मू कश्मीर से 132 स्टूडेंट्स मध्यप्रदेश के जबलपुर पहुंचे हुए थे. जिन्होंने जबलपुर की संस्कृति और रहन-सहन के साथ ही प्राकृतिक और ऐतिहासिक धरोहर को जाना. कश्मीरी युवा आदान-प्रदान कार्यक्रम का उद्देश्य वतन को जानना था. जिसको लेकर लोकल 18 ने कश्मीर से आए स्टूडेंट से बातचीत की, जिन्होंने अपने अनुभव शेयर किए.
चिकन और रोटी रही जोरदार
कश्मीर से जबलपुर पहुंची तब स्टूडेंट रवर्शी ने बताया जबलपुर के लोग काफी अच्छे हैं. यहां का लविंग और केयरिंग नेचर शानदार है. यहां का खाना काफी पसंद आया. जिसमें जबलपुर की पूड़ी और रोटी काफी मजेदार रही और चिकन इतना स्वादिष्ट जबलपुर के लोग बनाते हैं, खाकर मजा ही आ गया. इसके अलावा जिस तरीके से हमारा वेलकम हुआ, यह मूवमेंट हम सभी कश्मीरी के लिए यादगार बन चुका है. हम खुशनसीब हैं कि हमें जबलपुर आने का मौका मिला, जहां हमने जबलपुर के कलर को जाना और समझा. इसके लिए सरकार को बहुत-बहुत धन्यवाद देना चाहती हूं. जिनकी बदौलत हमें वतन को जानने का मौका मिला है.
घर जैसी आई फीलिंग
श्रीनगर के आसिफ अली ने बताया ऐसा लगा ही नहीं कि हम जबलपुर में हैं, घर जैसी फीलिंग आई. हम सभी स्टूडेंट श्रीनगर, पुलवामा और बड़गाम जैसे अन्य जिलों से आए हुए थे. जहां जबलपुर के कल्चर को नजदीक से समझा है. भेड़ाघाट को देखकर मंत्र मुक्त हो गए मार्बल के बीच पानी का स्वरूप अद्भुत ही था. इसके अलावा बैलेंसिंग रॉक और रानी दुर्गावती म्यूजियम की मूर्तियां देखकर काफी मजा आया. मैंने एक चीज यहां नोटिस की की जबलपुर में सभी धर्म के लोग एक साथ मिलजुल कर रहते हैं.
नेशन फर्स्ट, हम खुशनसीब भारत जैसे मुल्क में रहने मिला
इसके अलावा कश्मीरी कल्चर इवेंट के साथी सभी ने मिलकर कश्मीरी फूड फेस्टिवल भी बनाया. जिसमें कश्मीरी फूड को बनाया गया था. जिसमें 10 से 12 कश्मीरी डिश बनाई थी. जबलपुर की डिश भी काफी मजेदार थी. जिसमें पुड़ी काफी जोरदार थी और रायता खाकर एक नंबर लगा. वहीं, जबलपुर का पोहा भी काफी शानदार था, जो सेहत के लिए भी अच्छा होता है. खास बात यह थी कि जिन बच्चों का रोजा था, उनके लिए अलग इंतजाम भी किए गए थे. हम सभी खुशनसीब है कि हमें भारत जैसे मुल्क में रहने को मिला है.
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Deepti Sharma, currently working with News18MPCG (Digital), has been creating, curating and publishing impactful stories in Digital Journalism for more than 6 years. Before Joining News18 she has worked with Re…और पढ़ें