Today Weather Live: मार्च का महीना शुरू हो चुका है और लोग अब होली का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं. लेकिन होली से ठीक पहले मौसम का मिजाज तेजी से बदलने जा रहा है. ठंड लगभग विदा ले चुकी है और अब सूरज अपना असली तेवर दिखाने की तैयारी में है. मौसम विभाग (IMD) ने साफ संकेत दे दिए हैं कि आने वाले दिनों में मैदान तपेंगे, हवाएं तेज चलेंगी और कई राज्यों में आंधी-तूफान लोगों की मुश्किल बढ़ा सकता है. दिन में तेज धूप और रात में बदलते तापमान का असर साफ दिखाई देगा. कई शहरों में दोपहर की गर्मी अभी से चुभने लगी है. IMD का कहना है कि यह गर्मी की शुरुआती दस्तक है, जो होली तक और तेज हो सकती है.
होली के आसपास मौसम का यह बदलाव सामान्य नहीं माना जा रहा. मौसम विभाग ने उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत में तापमान 4 से 5 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ने का अनुमान जताया है. वहीं दक्षिण भारत और पूर्वोत्तर के कुछ हिस्सों में आंधी-बारिश की चेतावनी जारी की गई है. पश्चिमी विक्षोभ भी सक्रिय होने जा रहा है, इससे पहाड़ी राज्यों में मौसम करवट ले सकता है. यानी देशभर में एक साथ गर्मी, बारिश, तेज हवाएं और बादल के साथ मौसम के कई रंग देखने को मिलेंगे.
तमिलनाडु में मौसम अस्थिर बना रहेगा और कई हिस्सों में आंधी-तूफान की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं.
- अगले कुछ दिनों में मौसम का यह मिला-जुला रंग लोगों की दिनचर्या पर असर डाल सकता है. किसानों से लेकर यात्रियों तक सभी को मौसम अपडेट पर नजर रखने की सलाह दी गई है. तापमान बढ़ने के साथ ही हीट स्ट्रेस और सनबर्न का खतरा भी बढ़ेगा. कई शहरों में सुबह हल्की ठंड और दोपहर में तेज गर्मी का अंतर लोगों को बीमार भी कर सकता है.
- मौसम विभाग के अनुसार मार्च की शुरुआत में ही तापमान का इस तरह बढ़ना आने वाले गर्मी के सीजन का संकेत है. खासतौर पर मैदानी इलाकों में गर्म हवाएं जल्द शुरू हो सकती हैं. वहीं दक्षिणी राज्यों में नमी और स्थानीय मौसम सिस्टम के कारण गरज-चमक और तेज हवाओं की संभावना बनी रहेगी.
होली पर कैसा रहेगा मौसम?
IMD के अनुसार 4 मार्च 2026 को होली के दिन उत्तर-पश्चिम, मध्य और पूर्वी भारत में मौसम मुख्य रूप से साफ रहेगा. अधिकतम तापमान 32 से 35 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है. दिन में तेज धूप रहेगी, जबकि शाम के समय हल्की हवाएं चल सकती हैं. कई शहरों में पहली बार गर्मी का वास्तविक एहसास होगा.
दिल्ली में क्या रहेगा मौसम का हाल?
यूपी-उत्तराखंड में कैसा मौसम
- उत्तर प्रदेश में ठंड लगभग खत्म हो चुकी है और मौसम तेजी से गर्मी की ओर बढ़ रहा है. पश्चिमी और मध्य यूपी के शहरों में दिन का तापमान लगातार बढ़ रहा है. अगले कुछ दिनों में तापमान 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ सकता है और कई जिलों में पारा 34 से 35 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की संभावना है. 20 से 30 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं, इससे दिन में गर्म और शुष्क माहौल बनेगा.
- वहीं उत्तराखंड के पहाड़ी क्षेत्रों में अभी भी सुबह-शाम ठंड का असर बना हुआ है. हालांकि 4 मार्च से सक्रिय होने वाले पश्चिमी विक्षोभ के कारण मौसम बदल सकता है. ऊंचाई वाले इलाकों में बादल छाने और हल्की बारिश की संभावना बन सकती है, जिससे तापमान में गिरावट दर्ज हो सकती है.
बिहार-झारखंड का मौसम
बिहार और झारखंड में मौसम तेजी से बदल रहा है और गर्मी का असर साफ दिखाई देने लगा है. दिन के साथ-साथ रात का तापमान भी बढ़ रहा है, इसके कारण कई इलाकों में लोगों ने पंखे चलाना शुरू कर दिया है. मौसम विभाग के अनुसार अगले तीन दिनों में तापमान 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ सकता है. दिन में तेज धूप रहेगी और आसमान साफ रहने की संभावना है. फिलहाल बारिश या आंधी की कोई चेतावनी जारी नहीं की गई है. ग्रामीण इलाकों में खेतों में काम करने वाले लोगों को दोपहर की गर्मी से सावधान रहने की सलाह दी गई है. सुबह हल्की ठंडक और दोपहर में गर्मी का अंतर स्वास्थ्य पर भी असर डाल सकता है.
पंजाब-हरियाणा में चलेंगी हवाएं
पंजाब और हरियाणा में मौसम शुष्क बना रहेगा, लेकिन हवाओं की गति में तेजी देखने को मिलेगी. 1 से 4 मार्च के बीच 20 से 30 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अनुमान है. दिन में धूप तेज होगी और तापमान धीरे-धीरे बढ़ेगा, इससे गर्मी का एहसास शुरू हो जाएगा. सुबह और रात में हल्की ठंड बनी रह सकती है, लेकिन दोपहर के समय तापमान सामान्य से अधिक महसूस होगा. मौसम विभाग का कहना है कि तेज हवाएं फसलों के लिए मिश्रित असर डाल सकती हैं. जहां एक ओर नमी कम होगी, वहीं प्रदूषण स्तर में कमी आ सकती है.
मध्य प्रदेश में मौसम मिला-जुला रहने की संभावना है.
हिमाचल और कश्मीर में बारिश
पश्चिमी हिमालयी क्षेत्रों में मौसम जल्द ही बदलने वाला है. 4 मार्च से नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होगा, जिसका असर हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर के ऊपरी इलाकों में देखने को मिलेगा. 4 से 6 मार्च के बीच हल्की बारिश और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी की संभावना है. इससे तापमान में गिरावट आएगी और ठंड एक बार फिर लौट सकती है. पर्यटकों और यात्रियों को पहाड़ी इलाकों में यात्रा से पहले मौसम अपडेट देखने की सलाह दी गई है. मौसम बदलने से सड़कों पर फिसलन और दृश्यता कम होने की भी संभावना रहती है.
मध्य प्रदेश और राजस्थान के मौसम का जान लीजिए हाल
- मध्य प्रदेश में मौसम मिला-जुला रहने की संभावना है. भोपाल, इंदौर, उज्जैन और आसपास के क्षेत्रों में तेज धूप के कारण तापमान बढ़ेगा, जबकि पूर्वी जिलों में आंशिक बादल छाए रह सकते हैं. रात के समय तापमान में हल्की गिरावट दर्ज हो सकती है.
- राजस्थान में मौसम मुख्य रूप से शुष्क और साफ रहेगा. पश्चिमी जिलों जैसे बीकानेर और जैसलमेर में दिन का तापमान बढ़ेगा और गर्म हवाएं चल सकती हैं. सुबह और रात में हल्की ठंड बनी रहेगी. फिलहाल राज्य में किसी बड़े मौसम सिस्टम के सक्रिय होने के संकेत नहीं हैं.
तमिलनाडु का मौसम
तमिलनाडु में मौसम अस्थिर बना रहेगा और कई हिस्सों में आंधी-तूफान की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं. स्थानीय मौसम प्रणाली के कारण गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है. तेज हवाएं चल सकती हैं और कुछ इलाकों में बादल छाए रहेंगे. तापमान में हल्का उतार-चढ़ाव बना रहेगा. तटीय इलाकों में नमी ज्यादा रहने से उमस भी महसूस हो सकती है. मौसम विभाग ने लोगों को खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों से दूर रहने की सलाह दी है.
सनबर्न का खतरा क्यों बढ़ रहा है?
तापमान बढ़ने के साथ ही सनबर्न का खतरा भी तेजी से बढ़ जाता है. डॉक्टरों के अनुसार, सूरज की अल्ट्रावायलेट (UV) किरणें त्वचा की ऊपरी परत को नुकसान पहुंचाती हैं. चिकित्सीय भाषा में इसे डर्माटाइटिस सोलारिस कहा जाता है. लंबे समय तक धूप में रहने से त्वचा लाल पड़ जाती है, जलन और सूजन होने लगती है. कई मामलों में त्वचा पर छाले भी पड़ सकते हैं और दर्द महसूस होता है. बार-बार सनबर्न होने से स्किन डैमेज और समय से पहले एजिंग का खतरा भी बढ़ जाता है. इसलिए गर्मी के मौसम में त्वचा की सुरक्षा बेहद जरूरी मानी जाती है.
होली के आसपास तापमान अचानक क्यों बढ़ रहा है?
मार्च की शुरुआत में सूर्य की सीधी किरणें धीरे-धीरे उत्तर भारत की ओर बढ़ने लगती हैं. इस दौरान ठंडी पश्चिमी हवाएं कमजोर पड़ जाती हैं और आसमान साफ रहने से सूरज की गर्मी सीधे जमीन तक पहुंचती है. यही कारण है कि दिन का तापमान तेजी से बढ़ जाता है और मौसम अचानक गर्म महसूस होने लगता है. इसे गर्मी के मौसम की आधिकारिक शुरुआत भी माना जाता है.
किन राज्यों में आंधी-तूफान का ज्यादा खतरा है?
दक्षिण भारत के तमिलनाडु, केरल, कर्नाटक, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश के कुछ हिस्सों में नमी अधिक होने और स्थानीय दबाव सिस्टम सक्रिय होने के कारण आंधी-तूफान की संभावना ज्यादा रहती है. इन क्षेत्रों में गरज-चमक, बिजली गिरने और तेज हवाओं की घटनाएं देखने को मिल सकती हैं. तटीय इलाकों में मौसम तेजी से बदल सकता है.
क्या यह हीटवेव की शुरुआत है?
फिलहाल मौसम विभाग ने हीटवेव घोषित नहीं किया है, लेकिन तापमान में लगातार बढ़ोतरी को शुरुआती संकेत माना जा रहा है. अगर अगले दो-तीन हफ्तों में तापमान सामान्य से ज्यादा बना रहा, तो मार्च के अंत या अप्रैल की शुरुआत में लू जैसी स्थिति बन सकती है.
क्या किसानों पर इसका असर पड़ेगा?
तेज तापमान गेहूं, सरसों और अन्य रबी फसलों के लिए चुनौती बन सकता है. ज्यादा गर्मी से फसल जल्दी पकने लगती है, जिससे उत्पादन प्रभावित हो सकता है. खेतों की नमी तेजी से कम होती है और सिंचाई की जरूरत बढ़ जाती है. इसलिए किसानों को मौसम अपडेट के अनुसार खेती प्रबंधन की सलाह दी जाती है.
गर्मी और सनबर्न से कैसे बचें?
दोपहर 12 बजे से 3 बजे के बीच धूप में निकलने से बचें. ढीले और हल्के रंग के कपड़े पहनें. पर्याप्त मात्रा में पानी और तरल पदार्थ लें. बाहर निकलते समय सनस्क्रीन, टोपी या छाता का उपयोग करें. बच्चों और बुजुर्गों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत होती है क्योंकि वे गर्मी से जल्दी प्रभावित होते हैं.