भोपाल में अयातुल्ला अली खामेनेई को श्रद्धांजलि आज: शिया मस्जिद में जोहर नमाज के बाद कार्यक्रम; अमेरिका-इजराइल के हमले में हुई मौत – Bhopal News

भोपाल में अयातुल्ला अली खामेनेई को श्रद्धांजलि आज:  शिया मस्जिद में जोहर नमाज के बाद कार्यक्रम; अमेरिका-इजराइल के हमले में हुई मौत – Bhopal News


भोपाल3 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक

ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के शहीद होने की खबर के बाद देश के कई हिस्सों में विरोध और श्रद्धांजलि सभाओं का दौर जारी है। कश्मीर और लखनऊ के बाद अब राजधानी भोपाल में भी श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है।

भोपाल शिया मस्जिद में रविवार को जोहर की नमाज के बाद श्रद्धांजलि सभा रखी गई है। कार्यक्रम में शहर के शिया समुदाय के लोग बड़ी संख्या में शामिल होंगे। आयोजकों के अनुसार सभा में अयातुल्ला खामेनेई को श्रद्धांजलि अर्पित की जाएगी और उनके जीवन व योगदान पर वक्ताओं द्वारा प्रकाश डाला जाएगा।

सभा के दौरान वैश्विक घटनाक्रम पर भी चर्चा होने की संभावना है। कार्यक्रम को शांतिपूर्ण ढंग से आयोजित करने की तैयारी की गई है। आयोजकों ने समुदाय के लोगों से अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर श्रद्धांजलि अर्पित करने की अपील की है।

खामेनेई 35 साल से ईरान की सर्वोच्च सत्ता पर काबिज

आयतुल्लाह अली खामेनेई 1989 में रुहोल्लाह खुमैनी के निधन के बाद से ईरान के सर्वोच्च नेता के पद पर काबिज हैं। ईरान में 1979 की इस्लामी क्रांति के दौरान, जब शाह मोहम्मद रजा पहलवी को हटाया गया तो खामेनेई ने क्रांति में बड़ी भूमिका निभाई थी।

इस्लामिक क्रांति के बाद खामेनेई को 1981 में राष्ट्रपति बनाया गया। वह 8 साल तक इस पद पर रहे। 1989 में ईरान के सुप्रीम लीडर खुमैनी की मौत के बाद उन्हें उत्तराधिकारी बनाया गया। रिपोर्ट के मुताबिक अयातुल्ला धर्मगुरू की एक पदवी है।

ईरान के इस्लामिक कानून के मुताबिक, सुप्रीम लीडर बनने के लिए अयातुल्ला होना जरूरी है। यानी कि सुप्रीम लीडर का पद सिर्फ एक धार्मिक नेता को ही मिल सकता है।

अयातुल्ला अली खामेनेई के बारे में जानिए…

  • अयातुल्ला अली खामेनेई का जन्म 19 अप्रैल 1939 को ईरान के धार्मिक शहर मशहद में एक मौलवी परिवार में हुआ था। वे खोमैनी शाह की नीतियों के खिलाफ थे और इस्लामी शासन की वकालत करते थे।
  • 1963 में शाह के खिलाफ भाषण देने पर उन्हें गिरफ्तार भी किया गया। धीरे-धीरे वे सरकार विरोधी आंदोलन का बड़ा चेहरा बन गए और खोमैनी के भरोसेमंद सहयोगी माने जाने लगे।
  • 1979 में ईरान में इस्लामी क्रांति हुई और शाह की सरकार गिर गई। खोमैनी देश लौटे और नई इस्लामी सरकार बनाई। खामेनेई को क्रांतिकारी परिषद में जगह मिली और बाद में उप रक्षामंत्री बनाया गया।
  • 1981 में तेहरान की एक मस्जिद में भाषण के दौरान खामेनेई पर बम हमला हुआ। उसी साल एक और बम धमाके में तत्कालीन राष्ट्रपति की मौत हो गई। इसके बाद हुए चुनाव में खामेनेई भारी बहुमत से जीतकर ईरान के तीसरे राष्ट्रपति बने।
  • 1989 में खोमैनी के निधन के बाद खामेनेई को देश का सर्वोच्च नेता यानी ‘रहबर’ बनाया गया। इसके लिए संविधान में बदलाव भी किया गया। समर्थक उन्हें इस्लामी व्यवस्था का मजबूत रक्षक मानते हैं, जबकि आलोचक उन पर सख्त और कट्टर शासन चलाने का आरोप लगाते हैं।
लखनऊ में भी लोग सड़कों पर पहुंचे।

लखनऊ में भी लोग सड़कों पर पहुंचे।

ईरान-इजराइल के बीच विवाद

  • न्यूक्लियर प्रोग्राम: अमेरिका को शक है कि ईरान परमाणु हथियार बनाने की कोशिश कर सकता है। इसी वजह से उसने कई बार उस पर पाबंदियां लगाईं। ईरान का कहना है कि उसका परमाणु कार्यक्रम सिर्फ बिजली बनाने और वैज्ञानिक रिसर्च के लिए है, हथियार बनाने के लिए नहीं।
  • बैलिस्टिक मिसाइल मुद्दा: परमाणु समझौते की बातचीत में ईरान का मिसाइल प्रोग्राम सबसे बड़ा अड़ंगा बना हुआ है। ईरान साफ कहता है कि उसकी बैलिस्टिक मिसाइलें उसकी सुरक्षा के लिए जरूरी हैं और इस मुद्दे पर कोई समझौता नहीं होगा। वह इसे अपनी “रेड लाइन” मानता है।
  • इजराइल को लेकर टकराव: अमेरिका, इजराइल का सबसे बड़ा समर्थक है। वहीं ईरान इजराइल का खुलकर विरोध करता है और उस पर क्षेत्र में अस्थिरता फैलाने का आरोप लगाता है। यही वजह है कि दोनों देशों के बीच तनाव और बढ़ जाता है।
  • मिडिल ईस्ट में दखल: अमेरिका का आरोप है कि ईरान इराक, सीरिया, लेबनान और यमन जैसे देशों में अपने समर्थक गुटों को मदद देकर अपना प्रभाव बढ़ा रहा है। ईरान कहता है कि वह अपने हितों और सहयोगियों की रक्षा कर रहा है।
  • आर्थिक पाबंदियां: अमेरिका ने ईरान पर कड़े आर्थिक प्रतिबंध लगाए हैं, जिससे उसकी अर्थव्यवस्था पर असर पड़ा है। इसके जवाब में ईरान भी कभी अपने परमाणु कार्यक्रम को तेज करने या सख्त बयान देने जैसे कदम उठाता है।

ये खबर भी पढ़ें…

अमेरिका-इजराइल ने ईरान पर 24 घंटे में 1200 बम गिराए:सुप्रीम लीडर खामेनेई की मौत

अमेरिका-इजराइल के हमले में ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत हो गई है। शनिवार को उनके ऑफिस कॉम्प्लेक्स पर 30 मिसाइलों से हमला हुआ था। हमले में उनकी बेटी-दामाद, बहू और पोती समेत कॉम्प्लेक्स में मौजूद 40 कमांडर्स भी मारे गए हैं। हमले के समय खामनेई कमांडर्स के साथ मीटिंग कर रहे थे। पूरी खबर पढ़ें…



Source link